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UP Weather AQI Today: बूंदाबांदी ने बढ़ाई ठंड, प्रदूषण नहीं हो रहा कम; जानें अपने शहर का हाल 

UP Weather AQI Today: मौसम बदल गया है। एनसीआर समेत यूपी के कई जिलों में हल्‍की बारिश हुई है। ब्रज में शाम से शुरू हुई बूंदाबांदी ने ठंड बढ़ा दी। उधर, हवा का प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

UP Weather AQI Today: बूंदाबांदी ने बढ़ाई ठंड, प्रदूषण नहीं हो रहा कम; जानें अपने शहर का हाल 
Ajay Singhलाइव हिंदुस्‍तान,लखनऊTue, 28 Nov 2023 09:34 AM
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UP Weather AQI Today: उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदल गया है। एनसीआर समेत यूपी के कई जिलों में हल्‍की बारिश हुई है। ब्रज में शाम से शुरू हुई बूंदाबांदी ने ठंड बढ़ा दी। उधर, हवा का प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मेरठ में बीते 24 घंटे का एक्यूआई 316 दर्ज हुआ। आगरा में सोमवार सुबह-शाम रुक-रुककर बूंदाबांदी हुई। अब सुबह कोहरा और शाम को धुंध छाई रहेगी। मथुरा, फिरोजाबाद, एटा में भी बूंदाबांदी तो कासगंज और मैनपुरी में सर्द हवाओं से पारा गिर गया। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश से गेहूं की बुवाई पिछड़ सकती है। आलू और सरसों में नुकसान की आशंका है। 

विभिन्न मौसमी सिस्टम से मेरठ में सोमवार को दिनभर बादल छाए रहे। शाम को कुछ हिस्सों में हल्की बौछारें गिरीं। दिनभर धूप नहीं निकलने से सोमवार नवंबर का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड हुआ। अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। पल्लवपुरम में दिनभर पीएम-10 एवं पीएम-2.5 का स्तर अधिकतम 500 के स्तर पर बना रहा। रात आठ बजे इस केंद्र पर एक्यूआई 396 दर्ज हुआ जो अत्यधिक खराब श्रेणी में है।

दिन में ठंड बढ़ी, अभी और गिरेगा पारा
सोमवार को उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश से तापमान में गिरावट का यह सिलसिला कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। अगले तीन दिनों में रात का तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक नीचे जाने के आसार हैं। इससे मेरठ में 30 नवंबर तक न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस का स्तर छू सकता है।

सोमवार को न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। आज से मैदानों में मौसम साफ रहने के आसार हैं। सुबह के वक्त कुछ हिस्सों में हल्का कोहरा छा सकता है। दोपहर बाद मेरठ सहित आसपास के हिस्सों में उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाएं पहुंचना शुरू हो जाएंगी।

प्रदेश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा मेरठ
मेरठ में बीते 24 घंटे का एक्यूआई 316 दर्ज हुआ। इस स्थिति में मेरठ प्रदेश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा जबकि देशभर में 14वां। रात नौ बजे जयभीगनगर में एक्यूआई 284 एवं गंगानगर में 349 दर्ज हुआ। इन दोनों केंद्रों पर पीएम-2.5 एवं पीएम-10 के अधिकतम स्तर क्रमश 332, 186, 349, 249 दर्ज हुए।

पारा पांच डिग्री गिरा, आ गए कोहरे वाले दिन
पहाड़ों पर बर्फबारी से अचानक ठिठुरन बढ़ गयी। शहर सुबह से घने बादल, धुंध और कोहरे के आगोश में रहा। सीजन(नवंबर) का यह पहला दिन था जब रात ही नहीं दिन में भी लोगों को सर्दी से बचाव करना पड़ा। सोमवार को कुछ पल ही सूर्य देवता के दर्शन होने से अधिकतम तापमान में 05.2 डिग्री की कमी आ गई। यह सामान्य से 5.2 डिग्री कम है। मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को भी ऐसी ही सर्दी रहेगी।

पश्चिमी विक्षोभों के चलते पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी शुरू हो चुकी है। बंगाल की खाड़ी पर बने मौसमी सिस्टम ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। इससे रात में ही घने बादल छाने लगे। सुबह से ही बदली, धुंध और कोहरा इतना घना रहा कि सूरज नजर नहीं आया।

तापमान के अंतर से कांपा शहर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कम अंतर होने से सर्दी बढ़ती है। रविवार को अधिकतम और न्यूनतम पारा का अंतर 17.4 डिग्री रहा। सोमवार को दोनों तापमान का अंतर 10 डिग्री रहा।

बूंदाबांदी ने बदला मौसम का मिजाज
सुबह से घने बादल होने के बावजूद बारिश नहीं हो रही थी। करीब एक बजे के बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई है। कुछ क्षेत्रों में तो लोगों को ठहरना पड़ा। कहीं बूंदे गिरती रहीं और लोग चलते रहे। पर इसने सर्दी बढ़ा दी। इस कारण नमी की प्रतिशत भी अधिक रहा। अधिकतम नमी 93 और न्यूनतम 64 फीसदी रहा।

हवा की दिशा बदली, रफ्तार भी बढ़ी
हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी से बदलकर उत्तर पूर्वी हो गई। इस कारण आसमान पर घने बादल छा गए। सर्दी को बढ़ाने में इसकी अहम भूमिका रही। हवा की रफ्तार इस माह ज्यादातर दिनों में काफी सुस्त रही है। सोमवार को हवा की औसत गति करीब 2.0 किमी प्रति घंटा रही। बीच-बीच 08-10 किमी प्रति घंटा की हवा रही।

बदली रहेगी, सर्दी भी बढ़ेगी
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि फिलहाल हल्के बादल छाए रहेंगे। बूंदाबांदी भी संभव है। सर्दी बढ़ेगी। फिलहाल अभी बारिश की संभावना कम है लेकिन बूंदाबांदी संभव है।

एक से अब तक 10 डिग्री की गिरावट
पहली नवंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री था लेकिन सोमवार को यह पारा 22 डिग्री पहुंच गया। 27 दिवसों में दिन के तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की कमी आ गई। यही नहीं पहली नवंबर को न्यूनतम पारा 16.8 डिग्री था जो 27 दिवसों के बाद 12 डिग्री पहुंच गया। वैसे रविवार को सीजन (नवंबर) का सबसे कम पारा 09.8 डिग्री रिकॉर्ड किया जा चुका है। सोमवार को इसमें 2.2 डिग्री की वृद्धि हो गई। यह सामान्य से अधिक रहा।

कानपुर में बदली और धुंध ने बिगाड़ी हवा की सेहत
बदली, धुंध और कोहरे ने हवा की सेहत बिगाड़ दी। अधिक असर इसलिए नहीं पड़ा क्योंकि हवा की दिशा उत्तर पश्चिम से उत्तर पूर्वी हो गई थी। शहर का एक्यूआई 188 रहा। नेहरू नगर सेंटर का एक्यूआई सोमवार को 251 रहा। धूल के कणों की संख्या 351 हो गया। नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 91 और कार्बन मोनोऑक्साइड की 106 माइक्रोन प्रति घन मीटर रही। एनएसआई सेंटर का सोमवार को एक्यूआई 209 रहा।

गोरखपुर में धुंध ने बढ़ाया हवा में धूल का गुबार
दीपावली के बाद वायु प्रदूषण का ग्राफ लगातार नीचे गिर रहा था। धुंध और कोहरे के कारण हवा में धूल के कणों का घनत्व एक बार फिर बढ़ने लगा है। पिछले एक हफ्ते में सोमवार को सबसे प्रदूषित दिन रहा। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 193 तक पहुंच गया।

इस दौरान हवा में धूल के बारीक कणों का भी घनत्व बढ़ा है। सबसे ज्यादा उछाल 2.5 माइक्रोन से कम आकार वाले धूल के कणों के घनत्व में हुआ। इसे पीएम-2.5 कहते हैं। सोमवार की शाम को पीएम-2.5 का स्तर 382 माइक्रोन प्रति घनमीटर तक पहुंच गया था। इसी दौरान पीएम-10 भी 272 माइक्रोन प्रति घन मीटर रहा। आदर्श स्थिति में हवा में पीएम-2.5 और पीएम-10 का स्तर 25 माइक्रोन प्रति घन मीटर तक होना चाहिए।

धुंध व कोहरे के कारण हवा में नमी बढ़ गई है। कोहरे के कारण बीते एक हफ्ते से अधिकतम आद्रता 80 फीसदी तक रह रही है। इससे धूल के बारीक कण आपस में चिपक रहे हैं। इससे हवा में धूल के कणों के गुबार का अहसास हो रहा है। धुंध के कारण सोमवार को विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रही। इससे सीओपीडी और अस्थमा के मरीजों को काफी दुश्वरी झेलनी पड़ी। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई।

पहाड़ों से आए बादल, लुढ़का पारा
गोरखपुर ही नहीं पूरे पूर्वी यूपी में मौसम ने यू-टर्न ले लिया है। नेपाल की तरफ से आए बादलों ने सूरज की तपिश पर लगाम लगा दी। दिनभर बादल छाए रहे।

सोमवार को बादलों की मौजूदगी की वजह से ठंड बढ़ गई। दिन के तापमान में पिछले 24 घंटे में 3.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को यह लुढ़क कर 26.3 डिग्री सेल्सियस हो गया। यह सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम है। हालांकि बादलों की मौजूदगी की वजह से रात के न्यूनतम तापमान में जरूर उछाल हुआ है।

पिछले 24 घंटे में रात का न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस ऊपर उछला है। सोमवार को रात का न्यूनतम तापमान 15. 3 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके कारण सूर्यास्त के बाद रात की सर्दी से जूझ रहे लोगों को आंशिक राहत मिली है।

मौसम विशेषज्ञ केसी पांडेय ने बताया कि बादलों का झुरमुट नेपाल की तरफ से आया है। एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है। इसका असर अगले कुछ दिनों में दिखेगा। मंगलवार को आसमान में बादल के टुकड़े मौजूद रहेंगे। धुंध रहेगी। इसके कारण दिन का तापमान सामान्य के करीब रहेगा। रात के तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है।

फेफड़े के साथ जोड़ों में दर्द दे रही प्रदूषित हवा
ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर शशांक कुमार ने बताया कि हवा में मौजूद पीएम-2.5 या उससे बारीक धूल के कण सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। प्रदूषित हवा में सांस लेने पर पीएम-2.5 या उससे बारीक कण खून में घुल जाते हैं। यह खून के जरिए दिल और सांस की नली में पहुंचते हैं। शरीर इन्हें बाहर निकालने के लिए एंटीबॉडी बनने लगता है।

यह एंटीबॉडी जब अधिक मात्रा में बन जाती है तो शरीर के जोड़ों पर जम जाती है। इससे जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है। घुटने, कोहनी, कंधे, उंगलियां और एड़ी में दर्द होता है। इससे गठिया भी हो जाता है। हवा में प्रदूषण का स्तर कम होने पर बीमारी भी कम होने लगती है।

जानें सुबह नौ बजे कितना रहा आपके शहर का एक्‍यूआई

शहर स्थान AQI हवा कैसी है
आगरा मनोहरपुर 85 ठीक है
  रोहता 50 ठीक है
  संजय पैलेस 67 ठीक है
  आवास विकास कॉलोनी 79 ठीक है
  शाहजहां गार्डेन 69 ठीक है
  शास्त्रीपुरम 94 ठीक है
बागपत कलेक्टर ऑफिस डाटा नहीं है  
  सरदार पटेल इंटर कॉलेज 311  बहुत खराब है
बरेली सिविल लाइंस 110 अच्छी नहीं है
  राजेंद्र नगर 123 अच्छी नहीं है
बुलंदशहर यमुनापुरम 190  अच्‍छी नहीं है
फिरोजाबाद नगला भाऊ 82  ठीक है 
  विभब नगर 105 अच्छी नहीं है
गाजियाबाद इंदिरापुरम 224 खराब है
  लोनी 329 बहुत खराब है
  संजय नगर 287 खराब है
  वसुंधरा 318  बहुत खराब है
गोरखपुर मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय 215 खराब है
ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क 3 डाटा नहीं है   
  नॉलेज पार्क 5 326 बहुत खराब है
हापुड़ आनंद विहार 272 खराब है
झांसी शिवाजी नगर 83 अच्छी नहीं है
कानपुर किदवई नगर 207 खराब है
  आईआईटी डाटा नहीं है  
  कल्याणपुर 222 खराब है
  नेहरू नगर डाटा नहीं है   
खुर्जा कालिंदी कुंज 95 ठीक है
लखनऊ आंबेडकर यूनिवर्सिटी 228 अच्‍छी नहीं है
  सेंट्रल स्कूल 284 खराब है
  गोमती नगर 242 खराब है
  कुकरैल 221 खराब है
  लालबाग 341 बहुत खराब है
  तालकटोरा 275 खराब है
मेरठ गंगा नगर 276 खराब है
  जय भीम नगर 273 खराब है
  पल्लवपुरम 366 बहुत खराब है
मुरादाबाद बुद्धि विहार 111 अच्छी नहीं है
  इको हर्बल पार्क 147 अच्‍छी नहीं है
  रोजगार कार्यालय 163 अच्छी नहीं है
  जिगर कॉलोनी 124 अच्छी नहीं है
  कांशीराम नगर 125 अच्‍छी नहीं है
  लाजपत नगर डाटा नहीं है  
  ट्रांसपोर्ट नगर 117 अच्‍छी नहीं है
मुजफ्फरनगर नई मंडी 189 अच्‍छी नहीं है
नोएडा सेक्टर 125 345 बहुत खराब है
  सेक्टर 62 338 बहुत खराब है
  सेक्टर 1 300 बहुत खराब है
  सेक्टर 116 310 बहुत खराब है
प्रयागराज झूंसी 304 बहुत खराब है
  मोतीलाल नेहरू एनआईटी 290 खराब है
  नगर निगम 235 खराब है
वाराणसी अर्दली बाजार 100 ठीक है
  भेलपुर 108 अच्‍छी नहीं है
  बीएचयू 97 ठीक है
  मलदहिया 125 अच्‍छी नहीं है
वृंदावन ओमेक्स इटर्निटी 95 ठीक है
नोट- AQI के किस रेंज का आपके लिए क्या मतलब है नीचे का टेबल चेक कर लें
AQI का रेंज हवा का हाल स्वास्थ्य पर संभावित असर 
0-50 अच्छी है बहुत कम असर
51-100 ठीक है संवेदनशील लोगों को सांस की हल्की दिक्कत
101-200 अच्छी नहीं है फेफड़ा, दिल और अस्थमा मरीजों को सांस में दिक्कत
201-300 खराब है लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने पर किसी को भी सांस में दिक्कत
301-400 बहुत खराब है लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने पर सांस की बीमारी का खतरा
401-500 खतरनाक है स्वस्थ आदमी पर भी असर, पहले से बीमार हैं तो ज्यादा खतरा 
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