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यूपी : प्रवासी मजदूरों की सूची में थानेदार, प्रधान और लेखपाल,बिना आधार व आईडी के पहचान का संकट

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Deep Pandey
Mon, 20 Jul 2020 12:55 PM
यूपी : प्रवासी मजदूरों की सूची में थानेदार, प्रधान और लेखपाल,बिना आधार व आईडी के पहचान का संकट

प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। शासन ने 8.50 लाख प्रवासी मजदूरों की जो सूची उद्योग संगठनों को मुहैया कराई है। उस सूची में थानेदार, प्रधान और लेखपाल के साथ-साथ अन्य लोगों के फोन नम्बर दर्ज है। प्रवासी मजदूरों की सूची कितने झोल हैं यह इस बात से समझा जा सकता है कि केवल प्रयागराज की सूची में दर्ज 42 हजार प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए मैसेज भेजे गए जिसमें से केवल 150 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। 

बिना आधार व अन्य आईडी के पहचान का संकट
प्रवासी मजदूरों की जो सूची तैयार की गई है उसमें उनका आधार कार्ड या अन्य आईडी को नहीं दर्शाया गया है। ऐसे में इनकी पहचान करना कठिन हो रहा है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सीनियर वाईस प्रेसीडेंट मनमोहन अग्रवाल बताते हैं कि जो सूची हमें सौपी गई है उसमें से अधिकतर प्रवासी मजदूरों के नम्बर न होकर लेखपाल, थानेदार, प्रधान के फोन नम्बर हैं। सूची में निकले इन नामों के बारे में शासन को भी सूचित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब प्रवासी मजदूर अपनी पुराने काम की तरफ लौट रहे हैं। जब उनसे बात की जाती है तो वह अपने मेहनताने को लेकर यहां संतुष्ट नहीं दिख रहे है। यही कारण है कि प्रवासी मजदूरों ने वापस लौटना शुरू कर दिया है। 

नोडल अधिकारियों ने खड़े किए हाथ
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और फिक्की ने प्रदेश सरकार के साथ एक महीने पहले प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाने का बीड़ा उठाया था। जिसके लिए शासन ने प्रवासी मजदूरों की एक भारी-भरकम सूची सौंपी थी। इसके लिए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने प्रदेश भर के 75 जिलों में 37 नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया है। अब यह सूची इन नोडल अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बन चुकी है।

प्रयागराज के नोडल अधिकारी संस्कार गुप्ता ने अपने उच्च पदाधिकारियों को बताया कि सूची का मिलान ठीक से नहीं हो पा रहा है। फोन करने पर उसे थानेदार, लेखपाल, प्रधान और ठेकेदार उठा रहे हैं। इनसे कहीं-कहीं अपशब्द भी सुनने पड़ रहे हैं। इसी समस्या से लखनऊ के नोडल अधिकारी प्रेम तिवारी भी सहमति जताते हैं।
 

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