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किर्गिस्तान हिंसा में फंसे यूपी के छात्र, सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द, मदद की लगाई गुहार

किर्गिस्तान में हिंसा के बीच यूपी के इटावा के पांच छात्र भी वहां फंस गए हैं। राजधानी बिश्केक में रह रहे ये छात्र काफी डरे और दहशत में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगाई है।

किर्गिस्तान हिंसा में फंसे यूपी के छात्र, सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द, मदद की लगाई गुहार
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,इटावाFri, 24 May 2024 10:18 PM
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किर्गिस्तान में हिंसा के बीच इटावा के पांच छात्र वहां फंस गए हैं। राजधानी बिश्केक में रह रहे छात्र काफी डरे और दहशत में हैं। सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगा रहे हैं। छात्रों ने अपने अभिभावकों को घटनाक्रम की जानकारी दे दी है। परिजन चिंतित हैं। ये पांचों छात्र बिश्केक में एमबीबीएस कर रहे हैं। फिलहाल वह सकुशल हैं और फ्लैट में रह रहे हैं।

इन छात्रों ने परिजनों को वहां के हालात के वीडियो अपने परिजनों को भेजे हैं, इसमें उपद्रवी हॉस्टल में घुसकर छात्रों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। वहां के लोगों ने छात्रों को चेताया है कि किर्गिस्तान नहीं छोड़ा तो हमले कर दिया जाएगा। इससे परिजन काफी डरे हुए हैं। वहा रहने वाले इटावा के एक छात्र ने बताया कि शनिवार शाम से भारतीय विदेश मंत्रालय ने छात्रों से हॉस्टल से बाहर निकलने को मना किया है। हॉस्टल में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी छात्रों के आ जाने से वह लोग अलग फ्लैट लेकर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। दरअसल जुलाई में छात्रों की छुट्टियां हो जाती हैं। इस समय परीक्षा का समय है लेकिन पिछले कुछ दिनों में बिगड़े हालात के बाद अधिकांश यूनिवर्सिटी ने छात्रों से वापस अपने देश लौटने की अपील की है। साथ ही हालात सामान्य होने पर परीक्षा ऑनलाइन कराने की बात कही है। 

इटावा के दो छात्र अंतिम वर्ष की परीक्षा के बाद डिग्री का इंतजार कर रहे हैं ऐसे में वह जुलाई में वापसी की बात कह रहे हैं। जबकि चौथे वर्ष के छात्र 30 मई के बाद इटावा वापसी की तैयारी में जुटे हैं। एक छात्र ने फोन पर बातचीत में बताया कि फिलहाल यहां एयरपोर्ट पर 6000 से अधिक लोग रोज पहुंच रहे हैं जिसके चलते फ्लाइट नहीं मिल रही। ऐसे में 30 मई के बाद वापसी के लिए टिकट कराएंगे। किर्गिस्तान में 13 मई के बाद से हिंसा भड़की हुई है। पाकिस्तानी छात्रों के साथ भारतीयों को भी निशाना बनाया जा रहा है। छात्र आरोप लगा रहे हैं कि यहां पाकिस्तानी छात्राओं से छेड़छाड़ की गई, हमलावर उनके हॉस्टल में घुस जाते हैं। इसी सप्ताह परीक्षा होनी है और इससे पहले मुसीबत में फंस गए। स्थिति यह है कि हॉस्टल के कमरों या फ्लैट में कैद होकर रहना पड़ रहा है।

हिंसा देखकर ठंडे पड़ गए हाथ-पांव

इटावा का एक छात्र वहां एमबीबीएस अंतिम वर्ष का छात्र है। उसने अपना नाम बताने से मना किया, कहा कि मेरा फाइनल ईयर है और मुझे डिग्री पाने में दिक्कत आ सकती है। उसने बताया कि यूपी के 100 से अधिक छात्र यहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। यहां पर हिंसा देखकर काफी डर लग रहा है, लोगों में दहशत है। सुबह-शाम घर वालों से बात कर लते हैं, परिजन भी चिंतिंत हैं। उसने कहा कि मैं 2019 में यहां आया था, एमबीबीएस जून में पूरा होना है। इसके बाद डिग्री लेकर ही इटावा आना था कि हिंसा शुरू हो गई। हमें सरकार और कॉलेज से नोटिस मिला कि सात दिन तक कमरे से नहीं निकलना है। 17 मई से एक मिनट के लिए भी बाहर नहीं निकला, स्थानीय लोगों के साथ तो ये लोग कुछ नहीं कर रहे हैं लेकिन बाहर के छात्र देखते ही उन पर टूट पड़ते हैं। रविवार को ही 500 मीटर दूर एक छात्र का हाथ काट दिया जिसके बाद से गेट अंदर से लॉक कर लिया है। खिड़कियां तक बंद हैं। पहले की रसद सामग्री से काम चला रहा हूं, हम दो भाई साथ रहते हैं, एक-दूसरे को दिलासा देते हैं। मेरे छोटे भाई व कुछ दोस्त भारत आना चाहते हैं लेकिन कोई उपाय नहीं है।