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यूपी : प्रवासी मजदूरों के बच्चे भी पढ़ सकेंगे शहर के नामी प्राइवेट स्कूलों में, 10 जुलाई तक आवेदन का मौका

यूपी में प्रवासी मजदूर अब निजी स्कूलों में भी अपने बच्चों को पढ़ा सकेंगे। इसके लिए 10 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी। वहीं सरकारी स्कूलों के नामांकन करते समय...

यूपी : प्रवासी मजदूरों के बच्चे भी पढ़ सकेंगे शहर के नामी प्राइवेट स्कूलों में, 10 जुलाई तक आवेदन का मौका
प्रमुख संवाददाता,लखनऊ। Fri, 19 Jun 2020 05:03 PM
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यूपी में प्रवासी मजदूर अब निजी स्कूलों में भी अपने बच्चों को पढ़ा सकेंगे। इसके लिए 10 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी। वहीं सरकारी स्कूलों के नामांकन करते समय प्रवासी मजदूरों के बच्चों का चिह्नांकन कर सभी कक्षाओं में प्रवेश देने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। 

बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इसका प्रचार प्रसार किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा प्रवासी मजदूरों के बच्चों को प्रवेश दिया जा सके।  आरटीई एक्ट की धारा 12 (1) के तहत कक्षा एक में 5 वर्ष से ज्यादा उम्र के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। एक्ट के तहत कक्षा एक की 25 फीसदी सीटें गरीब व अलाभित समूह के लिए आरक्षित की जाती हैं। इसके लिए अभिभावक ऑनलाइन पोर्टल (http://rte25.upsdc.gov.in) पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 10 जुलाई है और इसके बाद लॉटरी से नाम निकाले जाएंगे। 

इसके लिए निजी स्कूल में आरटीई एक्ट के तहत आवेदन करने और प्रवेश मिलने पर सरकार फीस की प्रतिपूर्ति करने के साथ 5 हजार रुपए एकमुश्त स्कूल यूनिफार्म व किताबा आदि अन्य खर्चों के लिए देगी। ये बच्चे कक्षा 8 तक निशुल्क उसी स्कूल में पढ़ सकते हैं। कक्षा 8 तक का खर्चा बेसिक शिक्षा विभाग उठाता है। 
 

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