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Hindi News उत्तर प्रदेशवक्फ की 183 बीघा जमीन से 15 सालों में करोड़ों की कमाई, नहीं मिला कोई हिसाब

वक्फ की 183 बीघा जमीन से 15 सालों में करोड़ों की कमाई, नहीं मिला कोई हिसाब

सहारनपुर में वक्फ की 183 बीघा जमीन से 15 सालों में करोड़ों की आय हुई। इसका कोई हिसाब नहीं मिला। मंडलायुक्त ने डीएम को मामले की गहनता से जांच के आदेश दिए। गबन किए गए पैसे की रिकवरी करवाई जाएगी।

वक्फ की 183 बीघा जमीन से 15 सालों में करोड़ों की कमाई, नहीं मिला कोई हिसाब
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,सहारनपुरMon, 24 Jun 2024 07:34 AM
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सहारनपुर के चिलकाना में वक्फ की 183 बीघा जमीन से 15 सालों में करोड़ों की आय कर गबन करने का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद ने डीएम को पत्र लिखकर मामले की गहनता से जांच कराने और गबन किए गए पैसे की रिकवरी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। मामला सदर तहसील के सुल्तानपुर चिलकाना के गांव फिरोजाबाद स्थित वक्फ की जमीन का है। 

चिलकाना निवासी हाकिम अली ने कमिश्नर को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाए हैं कि फिरोजाबाद गांव में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की वक्फ संख्या 322, 121 की करीब 183 बीघा जमीन हैं। इस जमीन पर हर साल दरगाह शरीफ के पारंपरिक मेले का आयोजन किया जाता है और उक्त जमीन पर एक ईंट भट्ठा भी है। शिकायती पत्र में कहा कि इस जमीन से सालाना करीब 50 लाख की आय होती है। 15 साल में करीब 7.5 करोड़ की आय हुई है जिसका कोई हिसाब किताब नहीं है। 

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2009 में डीएम को बनाया गया था प्रशासक
शिकायती पत्र में कहा कि 2009 में डीएम को इस वक्फ संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया था। और नियुक्त कमेटी मुत्तवल्ली को निष्कासित करते हुए, वक्फ बोर्ड द्वारा कमेटी मुतवल्ली को 90 लाख का रिकवरी नोटिस दिया गया था। लेकिन 2009 के बाद न तो कोई कमेटी प्रशासन द्वारा बनाई गई और न ही कोई सरकारी कर्मचारी नियुक्त किया गया। जिस कारण इसका लाभ पूर्व कमेटी के लोग ही उठा रहे हैं। आरोप है कि 2009 से 2024 तक 15 सालों में करीब 7.5 करोड़ रुपये की आय बैठती है, जिसका कुछ अता पता नहीं है। संभवतः गबन किया गया है। 

स्वतंत्र सीए से जांच कराएं : कमिश्नर
शिकायती पत्र में 15 सालों के आय व्यय का किसी स्वतंत्र सीए से जांच कराने और गबन किए गए करोड़ों रुपये की वसूली कराने की मांग की है। मामले में कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद ने एसडीएम को पत्र लिखकर शिकायत का संज्ञान लेने और 10 दिन में मामले की गहनता से जांच कराने और गबन किए गए पैसे की रिकवरी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दोषी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही किए जाने को भी लिखा है।