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जेल के सिपाही ने किया RO-ARO पेपर वायरल, भोपाल से अहमदाबाद और फिर आया था यूपी

आरओ-एआरओ का पेपर जेल के सिपाही ने वायरल किया था। जेल के सिपाही के खिलाफ एसटीएफ कर संलिप्तता की जांच कर रही है। यूपी के प्रयागराज में पेपर आने के बाद ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

जेल के सिपाही ने किया RO-ARO पेपर वायरल, भोपाल से अहमदाबाद और फिर आया था यूपी
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजTue, 25 Jun 2024 07:32 AM
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आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद नकल माफियाओं ने पूरी सेटिंग कर ली थी। प्रश्न पत्र को सॉल्व कराकर उत्तर अभ्यर्थियों को रटाए गए लेकिन मध्य प्रदेश से गुजरात और गुजरात से यूपी में पेपर व्हाट्स एप पर शेयर करने के बाद कहानी बदल गई। धीरे-धीरे अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचा। प्रयागराज में परीक्षा देने पहुंचे जेल के एक सिपाही ने पेपर मिलने के बाद अपने दोस्तों को शेयर कर दिया और वहीं से सोशल मीडिया पर आरओ-एआरओ का पेपर वायरल हो गया। लखनऊ एसटीएफ जेलकर्मी की संलिप्तता की जांच कर रही है। अभ्यर्थी के अलावा पेपर बेचने में उसका नाम सामने आया तो एसटीएफ उसके खिलाफ भी इस केस में कार्रवाई करेगी। 

एसटीएफ ने रविवार को खुलासा किया था कि आरओ-एआरओ परीक्षा का पेपर दो जगहों से लीक हुआ था। पहला कटरा स्थित बिशप जानसन गर्ल्स विंग इंटर कॉलेज और दूसरा भोपाल स्थित प्रिंटिंग प्रेस। भोपाल प्रेस में काम करने वाले इंजीनियर सुनील ने तीन फरवरी को ही पेपर हासिल कर लिया था। वह मशीन ठीक करने के बाद पानी की बोतल लेकर अंदर गया था। सुनील ने पेपर मिलने के बाद कमाने की सोची और गैंग के जुड़े सदस्यों को भोपाल में ही पेपर सॉल्व कराने से लेकर उत्तर रटवाने का डील किया। सुनील ने विशाल दुबे को और विशाल ने इंजीनियर सुभाष प्रकाश को पेपर व्हाट्स किया था।  

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सुभाष ने ही अहमदाबाद में बैठे मेजा के राजीव नयन को आरओ-एआरओ का पेपर व्हाट्सएप पर भेजा था। उस वक्त राजीव नयन सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने में लगा था। राजीव ने पेपर मिलने के बाद अपने साथी डॉ. शरद पटेल को लखनऊ भेजा। इसके अलावा अन्य लोगों को भेजकर पैसा कमाया। इस बीच जेल के सिपाही को पेपर मिला। उसने अपने दोस्तों को प्रयागराज में शेयर कर दिया। वहीं से सोशल मीडिया पर आरओ-एआरओ परीक्षा का पेपर वायरल हो गया और आखिर में शासन को परीक्षा रद्द करनी पड़ी।