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बच्चों ने अपने हाथों से संवारकर सरकारी स्कूल बनाया कॉन्वेंट से बेहतर, बन रहे इंजीनियर

2014 में राज्य अध्यापक पुरस्कार विजेता प्रधानाध्यापिका रूश्दा नाहीद के मार्गदर्शन और शिक्षकों के प्रयास से बच्चों ने इतने करीने से स्कूल को सजाया है कि कोई भी आकर्षित हुए बिना नहीं रह पाता।

बच्चों ने अपने हाथों से संवारकर सरकारी स्कूल बनाया कॉन्वेंट से बेहतर, बन रहे इंजीनियर
Srishti Kunjसंजोग मिश्र,प्रयागराजThu, 14 Sep 2023 01:23 PM
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संगमनगरी प्रयागराज में यमुनापार इलाके के करछना में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय खेक्सा (धरवारा) किसी कान्वेंट स्कूल से भी कई गुना बेहतर है। 2014 में राज्य अध्यापक पुरस्कार विजेता प्रधानाध्यापिका रूश्दा नाहीद के मार्गदर्शन और शिक्षकों के प्रयास से बच्चों ने इतने करीने से स्कूल को सजाया है कि कोई भी आकर्षित हुए बिना नहीं रह पाता। स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा छह से आठ तक के 212 बच्चों ने वेस्ट मैटेरियल (अनुपयुक्त सामग्री) से कई सुंदर वस्तुएं बनाकर उसकी प्रदर्शनी लगाई है।

नेहा, खुशबू, तेजस्वी, आयुषी, आनंद, सुजान व प्रशांत आदि बच्चों ने अपने हाथों से छोटी सी चारपाई बुनी है, कपड़े के थान से निकलने वाले लड़की के रूल और सुतली से रामायण रखने की रिहल, साइकिल की रिम से झूला, खाली कनस्टर से स्टूल, बांस का टेबल, बास्केट, पुराने अखबार से घर, गुलदस्ता, वाल हैंगिंग, प्लेट पर पेंटिंग आदि बनाकर सजाया है। बच्चों ने एस. राधाकृष्णन, पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की दीवार पर खूबसूरत पेंटिंग भी बनाई है। स्कूल में प्रधानाध्यापिका रूश्दा नाहीद के अलावा तीन शिक्षक और दो अनुदेशक कार्यरत हैं।

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सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे स्कूल के बच्चे
प्रधाध्यापिका रूश्दा नाहीद के पढ़ाए बच्चे सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं। उनकी एक छात्रा सुप्रिया द्विवेदी परिषदीय संविलियन विद्यालय रामपुर करछना में सहायक अध्यापिका हैं। एक छात्रा चांदनी इंजीनियर और एक छात्र अर्जुन सिंह मेजा का ब्लॉक सेक्रेटरी है। स्कूल की रसोईया आरती देवी का बेटा सुशील कुमार, जिसकी पढ़ाई में प्रधानाध्यापिका ने आर्थिक मदद की, इंजीनियरिंग करने के बाद हिंडालको में जॉब कर रहा है।

डीएम भी हो गए थे स्कूल के मुरीद
पूर्व जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री भी स्कूल की व्यवस्था देख मुरीद हो गए थे। डीएम ने स्कूल में बने हुए कम्प्यूटर कक्ष, लाईब्रेरी, बच्चों की बनाई उत्कृष्ट कलाकृतियां एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं को देखकर सराहना की थी। विद्यालय में कराई गई पेंटिंग, साज-सज्जा, साफ-सफाई एवं सजावटी पौधों को देखते हुए तारीफ की थी। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि उच्च प्राथमिक विद्यालय खेक्सा (धरवारा) अन्य विद्यालयों के लिए मॉडल है।

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