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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशपत्‍थर का जवाब अब पत्‍थर से देते नहीं दिखेगी UP पुलिस, उपद्रवियों से निपटने के लिए हर जिले में बनी स्‍पेशल टीम

पत्‍थर का जवाब अब पत्‍थर से देते नहीं दिखेगी UP पुलिस, उपद्रवियों से निपटने के लिए हर जिले में बनी स्‍पेशल टीम

हाल में हुई उपद्रव की कई घटनाओं में पत्‍थरबाजों से निपटती पुलिस भी जवाब में पत्‍थर चलाती नज़र आई थी। आगे से ऐसा नहीं होगा। UP पुलिस ने पत्‍थरबाजों और उपद्रवियों से मुकाबले के लिए स्‍पेशल टीम बनाई है।

पत्‍थर का जवाब अब पत्‍थर से देते नहीं दिखेगी UP पुलिस, उपद्रवियों से निपटने के लिए हर जिले में बनी स्‍पेशल टीम
Ajay Singhवरिष्‍ठ संवाददाता,गोरखपुरFri, 24 Jun 2022 06:19 PM

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पत्थरबाजों और उपद्रवियों से निपटने के लिए यूपी के हर जिले में 20 से 40 पुलिसकर्मियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई है। सब कुछ प्‍लॉन के मुताबिक चला तो अब किसी भी ऐसी घटना में पुलिस पत्‍थर का जवाब, पत्‍थर से देते नज़र नहीं आएगी। इस टीम को एंटी राइट फूल बॉडी प्रोटेक्टर एक्रूटमेंट से लैस कर दिया गया है। इस एक्रूटमेंट को पहनने के बाद टीम में शामिल पुलिसकर्मी पत्थरों से बचाव करते हुए पत्थरबाजों का आसानी से मुकाबला करेंगे। शुक्रवार को इस टीम को तैनात भी किया गया था।

दरअसल, पत्थरबाजी की घटना होने पर पुलिसवालों को बचने के लिए न सिर्फ खुद छिपना पड़ता है बल्कि कई बार पुलिस भी पत्थरबाजों पर उनकी की तरह पत्थरबाजी से जवाब देती है और जब तस्वीर सामने आती है तो यह तय नहीं हो पाता कि असल में पत्थरबाजी की शुरुआत किधर से हुई थी क्योंकि दोनों तरफ से लोग पत्थर फेंकते हुए कैमरों में कैद होते हैं। अब पुलिस को पत्थर के जवाब में पत्थर न फेंकना पड़े इसके लिए गोरखपुर जोन के 11 जिलों में स्पेशल टीम की यह व्यवस्था शुक्रवार की जुमे की नमाज से ही लागू कर दी गई। हर जिले में 20 से 40 युवा पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई है जो इस एक्रूटमेंट से लैस होकर अलर्ट थे। यह टीम शुक्रवार को जुमे की नमाज को सकुशल निपटाने के लिए तैनात भी रही और पैदल मार्च भी की। जिससे जुमे की नमाज गोरखपुर सहित जोन के अन्य इलाकों में शांति पूर्वक बीता। इस टीम के बाडी प्रोटेक्टर की बनावट इस तरह है कि उपद्रवी केवल इस टीम की तैनाती देखकर ही सहम जाएंगे।

अभी तक पत्थरबाजी में एक जगह थम जाती थी पुलिस

अभी तक पत्थरबाजी होने पर पुलिस एक जगह रूक जाती थी। एक जगह से ही वह पत्थरबाजों पर खुद पत्थर चलाती थी और किसी चीज की आंड़ लेकर आंसू गैस के गोले छोड़ती थी या जवाबी कार्रवाई करती थी। क्योंकि पुलिसकर्मी का शरीर पत्थर से पुरी तरह सुरक्षित नहीं रहता था उसके शरीर का आधा हिस्सा प्रोटेक्ट नहीं रहता था। गोरखपुर जोन के एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि जोन के ह​र जिले में पुलिसकर्मियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई है। जिसमें 20 से 40 पुलिसवाले शामिल हैं। जिन्हें फूल बॉडी प्रोटेक्टर एक्रूटमेंट दिया गया है। यह एक्रूटमेंट पुलिस हेड क्वाटर की तरफ से दिया गया है। ये टीम खासकर दंगों और उपद्रव में निडर होकर काम करेगी।

 

गोरखपुर जोन के 470 पुलिसकर्मी हुए लैस

गोरखपुर जोन के 11 जिलों के 470 पुलिसकर्मी इस एक्रूटमेंट से लैश हुए हैं। इसमें देवरिया के 38, कुशीनगर 38, गोरखपुर 50,महराजगंज में 38,बस्ती में 68, संतकबीरनगर में 38, सिद्धार्थनगर में 38,गोंडा में 38, बहराइच में 48,बलरामपुर 38 और श्रावस्ती में 38 पुलिसकर्मियों की स्पेशल टीम बनाई गई है। जिन्हें यह फुल बॉडी प्रोटेक्टर दिया गया है।

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