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Hindi News उत्तर प्रदेश27 साल पहले लापता बच्चे की तलाश में यूपी पुलिस, अपहरण के बाद हत्या कर दफनाने की शक में खुदाई, जानें पूरा मामला

27 साल पहले लापता बच्चे की तलाश में यूपी पुलिस, अपहरण के बाद हत्या कर दफनाने की शक में खुदाई, जानें पूरा मामला

यूपी के मथुरा में 28 साल पहले लापता किशोर के अपहरण कर शव दफनाएं जाने की शिकायत पर पुलिस ने जेसीबी से खुदाई कराई। लेकिन उस स्थान पर कुछ नहीं मिला।

27 साल पहले लापता बच्चे की तलाश में यूपी पुलिस, अपहरण के बाद हत्या कर दफनाने की शक में खुदाई, जानें पूरा मामला
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,मथुराThu, 07 Dec 2023 10:23 PM
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यूपी के मथुरा में एक अजब मामला सामने आया है। जहां 27 साल पहले लापता किशोर के अपहरण कर शव को दफनाएं जाने की शिकायत पुलिस को मिली। इस पर सीओ सदर ने पुलिस और प्रशासन टीम के साथ जेसीबी की मदद से गुरुवार को बंबा की जब खुदाई कराई तो  वहीं कोई कंकाल नहीं मिला। जिसके बाद पुलिस टीम वापस चली गई।

ये घटना सोनई के पिलसुआ गांव का है। पुलिस के अनुसार साल 1996 में गांव पिरसुआ राया के रहने वाले रोशन लाल का 11 साल का बेटा राकेश अचानक खेलते समय गायब हो गया था। काफी तलाशने के बाद भी कहीं पता नहीं चला इस पर पिता ने गांव के ही चार नामजदों के खिलाफ बेटे का अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस राकेश की संभावित स्थलों पर तलाश कर रही थी लेकिन कहीं पता न चल सका था। साल 2000-2001 में पुलिस टीम मध्य प्रदेश से एक लड़के को लेकर आयी थी। परिजनों ने उसे अपना राकेश मानने से इनकार कर दिया था। परिजनों का आरोप है कि किसी अन्य लड़के को बरामद कर पुलिस ने एफआर लगा दी। इसको लेकर पीड़ित मामले की शिकायत करता रहा।
 
कई बार मामले की विवेचना कर पुलिस ने अंत में एफआर लगा दी। बताते चलें कि राकेश के पिता की मौत होने के बाद उसके भाई संतशरण ने पैरवी की। बताते हैं कि हाल ही में संतशरण ने आईजी आगरा रेंज से मामले की विवेचना कराने के साथ ही भाई की हत्या कर कोयल बंबा पर शव दफनाने का आरोप लगाते हुए बंबा की खुदाई कराने की मांग की थी। आईजी ने जांच के आदेश दे दिये। इस पर प्रकरण की विवेचना कर रहे सीओ सदर प्रवीन मलिक ने डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार पंकज यादव, थाना प्रभारी निरीक्षक अजय किशोर, चौकी प्रभारी विनय कुमार व पुलिस टीम के साथ भाई द्वारा बताये गये स्थल पर कोयल बंबा पर पहुंचे और वहां जेसीबी की मदद से खुदाई कराई गयी, लेकिन वहां कुछ भी नहीं मिला। 

इस मामले में सीओ सदर प्रवीन मलिक ने बताया कि राकेश का करीब 28 साल पहले से अपहरण के मामले की विवेचना मेरे द्वारा की जा रही है। इससे पहले भी कई बार विवेचना हो चुकी है और एफआर लग चुकी है। पीड़ित की पैरवी पर दोबारा मिली विवेचना और बताये गये स्थल पर जिलाधिकारी के अनुमोदन पर तहसील प्रशासन की टीम के साथ जेसीबी की मदद से बंबा पर खुदाई कराई लेकिन वहां कुछ भी नहीं मिला। इससे वादी पक्ष भी संतुष्ट रहा।

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