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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी पुलिस भर्ती पेपर लीक: रडार पर रवि के 35 एजेंट और 20 से ज्यादा कंप्यूटर लैब 

यूपी पुलिस भर्ती पेपर लीक: रडार पर रवि के 35 एजेंट और 20 से ज्यादा कंप्यूटर लैब 

यूपी पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में पकड़े गए मास्टरमाइंड रवि अत्रि के 35 एजेंट और 20 से ज्यादा कंप्यूटर लैब अब एसटीएफ के रडार पर है। रवि से पूछताछ के बाद एसटीएफ के हाथ 35 लोगों के नाम आए हैं।

यूपी पुलिस भर्ती पेपर लीक: रडार पर रवि के 35 एजेंट और 20 से ज्यादा कंप्यूटर लैब 
Deep Pandeyविनय शर्मा,मेरठFri, 12 Apr 2024 08:54 AM
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यूपी पुलिस आरक्षी पेपर लीक और आरओ-एआरओ पेपर लीक मामले में पकड़े गए मास्टरमाइंड रवि अत्रि के 35 एजेंट और 20 से ज्यादा कंप्यूटर लैब अब एसटीएफ के रडार पर है। रवि से पूछताछ के बाद एसटीएफ के हाथ 35 लोगों के नाम आए हैं, जो इस गिरोह के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इनमें सभी आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद है और इनकी तलाश में टीम को लगाया गया है। वहीं, दूसरी ओर रवि अत्रि ने ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल कराने के लिए अपने साथी विक्रम पहल (दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल) के साथ मिलकर कुछ कंप्यूटर लैब बनाई थी, जिनका पता लगाने में एसटीएफ लगी है।

एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने दो दिन पहले यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने वाले मास्टरमाइंड रवि अत्रि निवासी नीमका गौतमबुद्धनगर को गिरफ्तार किया था। रवि अत्रि से पूछताछ और उसके मोबाइल की जांच पड़ताल के बाद रवि के 35 एजेंट के नाम का खुलासा हुआ है। इनके नाम की लिस्ट बनाई गई है और अब इनकी तलाश शुरू कर दी गई है। सभी आरोपी यूपी, दिल्ली और आसपास के राज्यों के रहने वाले हैं और रवि के साथ काफी समय से जुड़े हैं। पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ कि इनमें से कई आरोपी तो खुद का ही गैंग चलाते हैं। पेपर लीक होने के समय ये सारे गिरोह एक साथ हाथ मिलाते हैं और पेपर लीक के लिए अपने-अपने स्तर पर प्रयास करते हैं। जिसके हाथ भी पेपर लगता है, वह दूसरे साथियों को पेपर की जानकारी देता है और इसके बाद मोटी रकम का लेनदेन किया जाता है। दूसरी ओर रवि ने अपने साथी विक्रम पहले के साथ मिलकर ऑनलाइन परीक्षाओं में सेंधमारी कराने को कुछ कंप्यूटर लैब बनवाई थी। इन्हें अलग लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड कराया था।

गिरोह को लेकर बनाई जा रही विस्तृत रिपोर्ट

रवि अत्रि और उसके साथियों के गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। बिहार-झारखंड से लेकर कोलकाता और दूसरी ओर मध्यप्रदेश और गुजरात में इस गिरोह के कनेक्शन मिले हैं। इसके अलावा यूपी, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत तमाम राज्यों में इस गिरोह ने अपनी जड़े जमा रखी हैं। ऐसे में इस गिरोह को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट बनाई जा रही है।

विवेचक के साथ लगाई टीम

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने कंकरखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में अभी तक पूरे प्रदेश में इसी मुकदमे को लेकर 17 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इन आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी करने, पर्चे काटने, रिमांड आवेदन करने समेत बाकी साक्ष्य संकलन का काम एक विवेचना अधिकारी के बस की बात नहीं है। ऐसे में विवेचक के साथ ही सह विवेचक और चार अन्य लोगों की टीम लगाई है। इन लोगों का काम विवेचना के दौरान तमाम तरह के साक्ष्य जुटाने में मदद देने का है।

कई आरोपियों के बैंक खाते और मोबाइल नंबर भी एसटीएफ ने जुटाए, देश के कई राज्यों में रवि अत्रि का गैंग, बनाई हुई हैं कई कंप्यूटर लैब

टारगेट पर हैं ये आरोपी

1. विक्रम पहल हरियाणा के जींद का निवासी है और दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल। 2. अंकितप्रयागराज का निवासी है और कंसलटेंसी कंपनी चलाता है। 3. डॉक्टर शरत सिंह रवि का पुराना साथी और एमबीबीएस कर चुका है। 4. सुभाष प्रकाश आरोपी बिहार के मधुबनी का निवासी है। 5. अतुल वत्स पटना निवासी है और रवि का गुरु है। 6. बिट्टू सिंह पटना निवासी है और एमबीबीएस पास कर चुका है। 7. संजीव सिंह बिट्टू का पिता है और काफी समय से रवि और अतुल वत्स के साथ काम करता आ रहा है। 8. अजित चौहानजौनपुर निवासी है और बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक में आरोपी है। रवि के साथ काम करता है। 9. विशाल चौरसिया बिहार निवासी है और कई परीक्षा का पेपर लीक कराया है।