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यूपी पुलिस सिपाही भर्ती: क्यूआर कोड के जरिए कहीं लीक तो नहीं हुई आंसर-की?

UP Police Constable Recruitment: यूपी पुलिस सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में एसटीएफ को एक क्यूआर कोड मिला है। इसके जरिए भी पेपर लीक किए जाने की आशंका है।

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती: क्यूआर कोड के जरिए कहीं लीक तो नहीं हुई आंसर-की?
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,कानपुरWed, 28 Feb 2024 06:14 AM
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UP Police Constable Recruitment:पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में एसटीएफ को एक क्यूआर कोड मिला है। इसके जरिए भी पेपर लीक किए जाने की आशंका है। जब क्यूआर कोड की और पड़ताल की गई तो आईपी एड्रेस की जानकारी नहीं हो सकी। हालांकि यह किस कम्प्यूटर या मोबाइल फोन से जनरेट किया गया था। इसका पता एसटीएफ जुटाने में लगी है। वहीं इस मामले में अब तक 12 टेलीग्राम ग्रुप्स और तीन व्हाट्स एप चैनल्स व ग्रुप की जानकारी एसटीएफ को मिली है जिसमें पेपर लीक हुआ था। वायरल कंटेंट के ऑरिजन तक पहुंचने का प्रयास भी जारी है। वहीं इस मामले में एसटीएफ ने यशोदा नगर से एक संदिग्ध को उठाकर पूछताछ शुरू की है। इसके बारे में अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। 

साइबर एक्सपर्ट जांच में जुटे
एसटीएफ सूत्र बताते हैं कि उनके साइबर एक्सपर्ट इस ऑपरेशन को लीड कर रहे हैं। हाल में एक क्यूआर कोड मिला था। इसके जरिए भी आंसर-की वायरल होने की सूचना को मिली थी। पड़ताल की गई तो आईपी एड्रेस नहीं मिल पाया। पता किया जा रहा है कि इसका इस्तेमाल सबसे पहले किस शहर में किया गया था। सूत्रों के मुताबिक कानपुर समेत कई शहरों में चल रही जांच में 12 टेलीग्राम ग्रुप्स और तीन व्हाट्स एप ग्रुप ऐसे मिले हैं जिनमें आंसर-की वायरल हुई थी। यह भी सूचना है कि आरोपितों ने वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल आंसर की को वायरल करने में किया हो। 

कोचिंग संचालक से पूछताछ
बर्रा के कोचिंग संचालक रामजी शुक्ला ने एसटीएफ को बताया कि दिल्ली के कोई अरुण सर के टेलीग्राम ग्रुप में उन्हें आंसर-की पीडीएफ फाइल में मिली थी। जिसे चेक करने के बाद पेपर लीक होने का खुलासा हुआ था। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक इसके अलावा एक ग्रुप पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक के नाम से भी चल रहा था, उसमें भी आंसर-की वायरल हुई थी। 

गिरफ्तार वकील ने बताए कुछ नाम
लीक आंसर-की को पांच लाख रुपये में बेचने और साठ हजार एडवांस लेने के मामले में जेल भेजे गए एडवोकेट आशीष सचान ने कुछ और लोगों के नाम बताए हैं। जिनका सत्यापन कराया जा रहा है।

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