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यूपी के इस जिले में बनेगा जेवर से भी बड़ा एयरपोर्ट, शासन के निर्देश पर भेजा गया प्रस्ताव

यूपी में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट नोएडा के पास जेवर में बन रहा है। अब उससे भी बड़ा एयरपोर्ट यूपी में ही बनाने की तैयारी हो रही है। उन्नाव के नवाबगंज में जेवर से भी बड़ा एरयपोर्ट बनाने का प्रस्ताव है।

यूपी के इस जिले में बनेगा जेवर से भी बड़ा एयरपोर्ट, शासन के निर्देश पर भेजा गया प्रस्ताव
Yogesh Yadavसंजय पाण्डेय,कानपुरTue, 20 Sep 2022 05:51 PM

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यूपी में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट नोएडा के पास जेवर में बन रहा है। अब उससे भी बड़ा एयरपोर्ट यूपी में ही बनाने की तैयारी हो रही है। उन्नाव के नवाबगंज में जेवर से भी बड़ा इंटरनेशनल एरयपोर्ट बनाने का प्रस्ताव किया गया है। शासन के निर्देश पर केडीए ने राज्य राजधानी क्षेत्र के तहत जो कांसेप्ट प्लान बनाया है, उसमें नवाबगंज पक्षी विहार से एयरपोर्ट की न्यूनतम दूरी 5 किलोमीटर रखी है ताकि पक्षियों के हैबीटाट पर कोई असर न पड़े।

दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ-कानपुर राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) में तीन और शहरों सीतापुर, रायबरेली और हरदोई को भी शामिल किया गया है। इससे पहले लखनऊ और कानपुर के अलावा उन्नाव और बाराबंकी शहर ही शामिल थे। केडीए की नामित एजेंसी ने इसके लिए सर्वे करके अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसमें सबसे अहम प्रस्ताव नवाबगंज इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है। इसके लिए कम से कम 10 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इसका चिह्नीकरण भी शुरू हो चुका है।

केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह के अनुसार इसे तैयार करने में लगभग 9 महीने लगे हैं। नवाबगंज के पास इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अमौसी एयरपोर्ट का विस्तार अब और नहीं हो सकता। आबादी लगातार बढ़ रही है। इस एयरपोर्ट का फायदा न सिर्फ राज्य राजधानी क्षेत्र बल्कि बुंदेलखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश के शहरों, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश तक के लोगों को मिलेगा।

एनसीआर की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र

पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तर्ज पर 'उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र' का गठन किया जाए। इस राज्य राजधानी क्षेत्र में लखनऊ के साथ-साथ उन्नाव, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी, कानपुर नगर और कानपुर देहात को शामिल किया जा सकता है।

सभी आयामों पर अध्ययन और विमर्श कर जल्द विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें। लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर की विशिष्ट योजना को जल्द से जल्द प्रारंभ करा दिया जाए। यह योजना लखनऊ को एक आकर्षक स्वरूप देने वाली होगी।  नगर निगम के लखनऊ के दायरे को विस्तार दिया जाए। बटलर झील और सीजी सिटी में वेटलैंड के पुनरोद्धार के लिए तत्काल कार्यवाही की जाए। 

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