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1 जनवरी, 2021|7:50|IST

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यूपी : ढाई लाख से अधिक अपात्रों ने हड़पी किसान सम्मान निधि, जानें किस जिले में कितनों ने किया फर्जीवाड़ा

छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक मदद के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भी जालसाजों ने सेंधमारी कर दी। प्रदेश में ढाई लाख से अधिक अपात्र इस योजना का लाभ लेते मिले हैं। सबसे अधिक 66 हजार अपात्र शाहजहांपुर, 60 हजार प्रयागराज और 40 हजार प्रतापगढ़ में पाए गए हैं। बरेली में साढ़े 37 हजार अपात्र सामने आए हैं। गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद ज्यादातर जिलों में अपात्रों से वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। 

निधि हड़पने वालों में नौकरी शुदा के साथ ही पेंशन पाने वाले भी शामिल हैं। खतौनी, बैंक पासबुक एवं आधार कार्ड के जरिए अपात्रों ने आवेदन कर निधि हड़प ली। लाभार्थियों का सत्यापन करने वालों ने भी इसमें जमकर लापरवाही बरती। कहीं सुविधा शुल्क लेकर तो कहीं अधिकारियों के दबाव में राजस्वकर्मियों ने अपात्रों को लाभार्थियों की सूची में शामिल कर लिया। ज्यादातर जिलों में इस गड़बड़ी के लिए लेखपालों को जिम्मेदार माना जा रहा है क्योंकि सत्यापन का जिम्मा उन्हीं के पास है। गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद अपात्रों से रकम की वसूली के साथ ही दोषी लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है। 

लखनऊ में आठ किसान अपात्र पाए गए हैं। इनमें से कुछ करदाता एवं कुछ पेंशनधारक हैं, कानपुर नगर में साढ़े चार हजार अपात्र मिले हैं। कहीं पति-पत्नी को सम्मान निधि दी जा रही है तो कहीं नौकरी करने वाले व भूमिहीन लोग इसका लाभ ले रहे हैं। चित्रकूट में 1986, उन्नाव में 66, कन्नौज में 25, ललितपुर में 302, फर्रुखाबाद में एक, हरदोई में 600 अपात्र मिले हैं। बनारस में 17454 अपात्र मिले हैं, खुलासा होने पर वसूली की जा रही है। गोरखपुर में 568 अपात्र मिले हैं। इनमें से 435 किसानों से सम्मान निधि वापस ली गई है। यहां छह हजार किसानों का डाटा सत्यापन की प्रक्रिया में है।

बदायूं में 117 अपात्र सामने आए हैं। चार लाख किसानों का सत्यापन चल रहा है। आगरा में 700 अपात्र मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है। एटा के दस गावों में तीन हजार अपात्रों के खिलाफ निधि हड़पने का मामला चल रहा है। वहीं मैनपुरी में 28 अपात्रों ने कार्रवाई के भय से निधि की रकम लौटा दी है। मेरठ में 35521 लाभार्थी संदेह के घेरे में हैं।  इनमें 15 हजार ऐसे हैं जिनके आधार कार्ड गलत हैं। पांच हजार किसानों के नाम का मिलान नहीं हो पा रहा है, वहीं 15 हजार किसानों की किस्त कागजात सही न होने से रोक दी गई है।  
 
वर्ष 2018 में शुरू हुई थी योजना

किसानों को आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने एक दिसंबर 2018 को किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत जरूरतमंद पात्र किसान के खाते में हर वर्ष छह हजार रुपए तीन समान किस्त में स्थानांतरित किए जा रहे हैं। 
  
इस तरह करते हैं आवेदन  

सम्मान निधि योजना के लिए किसानों को जनसेवा केंद्र के जरिए खतौनी, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होता है। किसान के आवेदन का डाटा संबंधित तहसील को भेज दिया जाता है। इसके बाद राजस्व विभाग संबंधित किसान का पात्रता की श्रेणी में सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट जारी करता है। राजस्व विभाग की ऑनलाइन रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित किसान के बैंक खाते में सम्मान निधि की किस्त भेजी जाती है।  
 
 ये हैं पात्रता की शर्तें 
किसान सम्मान निधि के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही पात्र हैं। सरकारी विभाग में इसके ऊपर के पदों पर काम करने वालों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा सेवानिवृत्त 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले भी अपात्र की श्रेणी में हैं। लाभार्थी किसी भी संवैधानिक पद पर न हो। इसके अलावा अधिवक्ता, सीए व डॉक्टर भी योजना के लिए अपात्र हैं। आयकर देने वाले भी पात्रता की श्रेणी में नहीं आते।  
  
इनका कहना है... 

प्रतापगढ़ में 40 हजार से अधिक लोग अपात्र मिले हैं। इनसे वसूली करने के साथ ही इनका सत्यापन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। 
डॉ. रघुराज सिंह, उपकृषि निदेशक प्रतापगढ़।  

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  • Web Title:UP: More than two and a half lakh ineligible farmers kisan samman nidhi know how many people committed fraud in which district