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Hindi News उत्तर प्रदेशरोप-वे से होंगे श्रीकृष्ण जन्मभूमि-बिहारीजी के दर्शन, इस दिन शुरू होगा राधा रानी मंदिर का उड़न खटोला

रोप-वे से होंगे श्रीकृष्ण जन्मभूमि-बिहारीजी के दर्शन, इस दिन शुरू होगा राधा रानी मंदिर का उड़न खटोला

मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं को रोप वे से मंदिरों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। बरसाना के राधा रानी मंदिर में भी 15 जून से रोपवे शुरू होगा।

रोप-वे से होंगे श्रीकृष्ण जन्मभूमि-बिहारीजी के दर्शन, इस दिन शुरू होगा राधा रानी मंदिर का उड़न खटोला
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,मथुराSun, 26 May 2024 07:21 AM
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मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली मथुरा-वृंदावन में दर्शन को आने वाले श्रद्धालु रोप वे का लुफ्त उठाएंगे। जगह-जगह लगने वाले जाम को देखते हुए मथुरा-वृंदावन में सड़कों के बजाय रोप वे से मंदिरों तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। श्री कृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश मंदिर और बांके बिहारी मंदिर तक श्रद्धालुओं को रोपवे से पहुंचाया जाएगा। इसकी शुरुआत वृंदावन से की जाएगी। इसके लिए शुक्रवार को ब्रज तीर्थ विकास परिषद और रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने वृंदावन क्षेत्र का तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण किया।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने नेशनल रोपवे डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बृहद रोपवे का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए शुक्रवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह और एनएचएलएम के सीईओ प्रकाश गौड़ सहित संबंधित अधिकारियों ने प्रारंभिक निरीक्षण किया।

तीन चरणों में पूरी होगी योजना
सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि रोप वे का प्लान तीन चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में यह छटीकरा मार्ग पर वैष्णो देवी मंदिर से शुरू होकर बिहारीजी मंदिर होकर दारुल पार्किंग तक जाएगा। इनके मध्य चंद्रोदय मंदिर, मल्टी लेवल पार्किंग, प्रेम मंदिर इस्कॉन मंदिर, अटल्ला चुंगी तक आठ स्टेशन बनाए जाएंगे। इस मार्ग पर इसमें 40 टावर बनाए जाएंगे।

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छटीकरा बिहारी जी की दूरी 32 मिनट में होगी तय
श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि पहले चरण के रोपवे की यात्रा 32 मिनट में पूरी होगी। रोपवे की रफ्तार प्रति सेकेंड 6 मीटर होगी। इससे हर घंटे 1500 से 2000 व्यक्ति रोप वे का सफर तय करेंगे। इस तरह रोजाना 12 हजार श्रद्धालु वृंदावन के विभिन्न मंदिरों तक रोप वे से यात्रा करेंगे। उन्होंने बताया कि अभी इसका ड्रोन सर्वे करा जाएगा।

राधा रानी मंदिर के लिए 15 जून से रोपवे
बरसाना में राधा रानी मंदिर के लिए 15 जून तक रोपवे शुरू हो जाएगा। इससे पूर्व श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करने व रास्तों में अतिक्रमण को हटाने के लिए स्थलों का चिह्नीकरण किया गया है। वहीं साफ सफाई, पौधरोपण के लिए भी ब्लूप्रिंट बनाया गया है। राधा रानी मंदिर को जाने के लिए दो सैकड़ा से अधिक सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इसके लिए एक दशक पूर्व राधा रानी रोपवे का शिलान्यास किया था। इसके बाद भाजपा सरकार ने रोपवे निर्माण में आ रही अड़चन दूर कर कच्छप गति से इसका निर्माण कराया। इसका उद्घाटन 15 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जा सकता है। 

रोपवे तक जाने वाले मार्गों में आ रहे व्यवधान को देखते हुए सीओ गोवर्धन आलोक सिंह, तहसीलदार एवं ईओ कल्पना बाजपेई के साथ पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मंदिर को जाने व रोपवे तक सुगम मार्ग बनाने में आ रहे व्यवधानों को दूर करने के लिए कवायद की गई। इसके बाद सभी अधिकारियों ने रोपवे तक जाने वाले मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान पीली कोठी तिराहे, प्रिया कुंड मार्ग, राधाबाग मार्ग, सुदामा चौक के साथ अन्य स्थलों का चौड़ीकरण किया जाएगा। ईओ कल्पना बाजपेई ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक, रोपवे को जाने वाले रास्तों के चौड़ीकरण, साफ सफाई की बेहतर व्यवस्था, पौधरोपण का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।

तीसरे चरण में मथुरा तक होगा विस्तार
परिषद के सीईओ ने बताया कि द्वितीय चरण में राम ताल पार्किंग और वृंदावन बाईपास तक इसका विस्तार किया जाएगा। तीसरे चरण में इसका मथुरा तक विस्तार किया जाएगा। इसमें बिरला मंदिर, द्वारिकाधीश और श्रीकृष्ण जन्म स्थान तक रोप वे से श्रद्धालु पहुंचेंगे। रोपवे की ऊंचाई मास्टर प्लान में निर्धारित भवन निर्माण की अनुमति से 10 मीटर ऊंची होगी, जिससे रोपवे संचालन में किसी प्रकार का व्यवधान पैदा न हो। उन्होंने बताया कि रोप वे का संचालन शुरू होने के बाद श्रद्धालु जाम में फंसे बगैर मंदिर तक आसानी से आ-जा सकेंगे।

सीईओ उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, श्याम बहादुर सिंह ने कहा कि रोप वे की प्रस्तावित योजना के अमल में आने के बाद श्रद्धालु भीड़ से बचकर आसानी से मंदिरों तक पहुंच सकेंगे। रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्ट्री के साथ योजना तैयार की गई है।

800 करोड़ की है योजना
इस योजना पर 80 से 100 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर खर्च आने का अनुमान है। प्रथम चरण की प्रस्तावित लंबाई 7.9 किमी है। प्रथम चरण में लगभग 600 से 800 करोड़ रुपए व्यय होने की संभावना है।