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200 करोड़ रुपये से बनेगा गो विज्ञान अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र, ये होगी खासियत

यूपी में 200 करोड़ रुपये से अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र बनेगा। दीनदयाल धाम के समीप परखम ग्राम में भारत के सबसे बड़े और अनूठे दीनदयाल गो विज्ञान, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण काम चल रहा।

200 करोड़ रुपये से बनेगा गो विज्ञान अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र, ये होगी खासियत
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,मथुराWed, 29 Nov 2023 09:10 AM
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फरह विकास खण्ड के दीनदयाल धाम के समीप परखम ग्राम में भारत के सबसे बड़े और अनूठे दीनदयाल गो विज्ञान, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसकी लागत करीब 200 करोड़ रुपये बतायी गयी है और इसे बनने में करीब दो वर्ष का समय लगने का अनुमान है। पूरे अनुसंधान संस्थान परिसर में विभिन्न प्रकार के करीब डेढ़ दर्जन प्रकल्पों पर कार्य होगा। जिसमें विश्व स्तरीय लैब, 32 प्रकार नस्लों की गायें, पंचगव्य से आयुर्वेदिक तरीके से पशुओं व मनुष्यों के असाध्य रोगों का इलाज प्रमुख होंगे।

दीनदयाल धाम के समीप परखम ग्राम में बनाया जा रहा निर्माणाधीन दीनदयाल गो अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र एक ऐसा अनूठा केंद्र होगा जहां गोवंश नस्ल सुधार, पंचगव्य की गुणवत्ता सुधार पर विश्वस्तरीय शोध कार्य किये जायेंगे। पंचगव्य से मनुष्यों की चिकित्सा, कैंसर जैसे असाध्य रोगों का इलाज वैज्ञानिक पद्धति से किया जायेगा। यह गो विज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र गाय से संबंधित विभिन्न विषयों पर शोध कार्य करेगा और गव्य उद्यमिता विकसित करने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा।

यह विश्वपटल पर गो से मनुष्यों के संवर्धन का उच्चतम मानक स्थापित करेगा। अनुसंधान केंद्र में विभिन्न विश्वस्तरीय लैबों जैसे- ट्रॉसलेशनल रिसर्च सेन्टर, मौलिक्यूलर बायोलॉजिकल टेस्टिंग लैब और एनीमल लैब का निर्माण किया जायेगा, जिनमें विश्वस्तरीय शोध कार्य होंगे। दो साल के भीतर करीब दो सौ करोड़ रुपये की लागत से 15 अन्य प्रशिक्षण केंद्र और प्रकल्प भी निर्मित होंगे।

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आयुर्वेदिक पशु चिकित्सा संस्थान
यह देश का पहला पशु चिकित्सालय होगा, जहां आयुर्वेद से पशु चिकित्सा का अध्ययन किया जायेगा। आयुर्वेद से पशुओं की चिकित्सा भी की जायेगी। भारत की पारंपरिक पशु चिकित्सा पद्धति का व्यवहारिक प्रयोग किया जायेगा। एक आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र होगा। यह चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र आयुर्वेद की वैदिक मान्यता के लिए साक्ष्य आधारित शोध एवं पंचगव्य से मनुष्यों की चिकित्सा इत्यादि पर ध्यान केंद्रित करेगा।

बुनकर प्रशिक्षण केंद्र
संस्थान में बुनकर प्रशिक्षण केंद्र में मशीनें बायो गैस से सन्चालित होंगी, क्षेत्र के इच्छुक लोगो को प्रशिक्षण के बाद उनके घरों पर बुनकर मशीन लगवाई जाएंगी, जिससे बेरोजगारी कम हो। इनके अलावा एक बायोगैस जनरेटर, एक धार्मिक वाटिका, एक योग विद्या केंद्र, एक सप्त ऋषि कुटीर, एक रोजगार प्रशिक्षण केंद्र, एक करियर परामर्श केंद्र बनाया जायेगा।

भेंट किया गोबर निर्मित हेडगेवार स्मृति मंदिर का मॉडल
मंगलवार को दीनदयाल धाम के समीप परखम ग्राम में गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र के लोकार्पण अवसर पर आरएसएस के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत को गोबर से निर्मित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर का 3-डी मॉडल भेंट किया गया। यह गोबर निर्मित मॉडल उत्तराखंड के काशीपुर से आये नीरज चौधरी ने बनाया है। नीरज ने बताया कि वह पिछले 6 वर्ष से गोबर उत्पादों से इको फ्रेंडली स्मृति चिह्न, इमेज व नई वस्तु बनाते हैं। डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर 3 फीट ऊंचा, 3 फीट लंबा एवं 2 फीट चौड़ा है, जो कि देशी गाय के गोबर एवं प्राकृतिक गोंद, मुल्तानी मिट्टी एवं चूना के मिश्रण से मिलकर बना हुआ है। उनके द्वारा 2 साल पूर्व 6 फीट ऊंचाई का केदारनाथ मंदिर का 3-डी मॉडल भी बनाया गया था, जिसके लिए इंडिया बुक रिकॉर्ड की तरफ से उन्हें एवॉर्ड भी मिला था।

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