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Hindi News उत्तर प्रदेशआईएएस की पत्नी के हत्याकांड में सीसीटीवी से खुले राज, बदमाशों की स्कूटी बरामद

आईएएस की पत्नी के हत्याकांड में सीसीटीवी से खुले राज, बदमाशों की स्कूटी बरामद

लखनऊ में पूर्व आईएएस की पत्नी मोहिनी दुबे के हत्याकांड में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से कई जानकारी मिली। पता चला कि बदमाश घर में करीब 43 मिनट तक रुके थे। पुलिस ने बदमाशों की स्कूटी भी बरामद कर ली।

आईएएस की पत्नी के हत्याकांड में सीसीटीवी से खुले राज, बदमाशों की स्कूटी बरामद
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,लखनऊTue, 28 May 2024 09:09 AM
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इन्दिरानगर सेक्टर-20 में रिटायर आईएएस देवेंद्र नाथ दुबे की पत्नी मोहिनी दुबे (58) की हत्या घर के बेहद करीबी ने की थी। उसने घर में अक्सर होने वाली कलह और बेटों के बाहर रहने का फायदा उठाया और साजिश के तहत ही दूधिये के जाने के बाद हत्या करने का समय रखा। ड्राइवर अखिलेश और उसके भाई रवि के साथ ही छह लोगों से पुलिस ने रविवार को कई घंटे पूछताछ की थी। फिर तीन लोगों को छोड़ दिया गया था जबकि एक ड्राइवर व दो अन्य को रोके रखा गया है। इन तीनों के जवाब से पुलिस रात में कई बार उलझी। सोमवार दोपहर सर्विलांस और कुछ अन्य सीसी फुटेज के हाथ लगने से पुलिस को कई साक्ष्य मिल गये। इन साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ हुई तो साफ हो गया कि हत्या किसने की है...। बदमाशों की स्कूटी भी बरामद हो गई है।

हत्यारों ने वारदात से पहले साजिश फुलप्रूफ रची थी। हर कदम पर उनका यह शातिराना अंदाज दिखा भी। मसलन हर उस चीज को धो देना जिस पर उन्होंने हाथ लगाया था। डीवीआर उखाड़ ले जाना। ...इस तरह से कई कदम पर हत्यारों ने खुद को बचाने के लिये कई साक्ष्य मिटाये पर सीसी फुटेज ने इनकी पोल खोल दी।

पुलिस को रविवार देर रात ही कुछ और फुटेज मिले। इसमें सबसे अहम फुटेज वह रहा जिसमें संदिग्ध दिखे युवक निलमथा से शनिवार सुबह 6:36 पर निकलते दिखे। फिर ये दोनों सुबह 7:13 बजे देवेंद्र के घर में घुसे। यह फुटेज पड़ोसी के कैमरे से मिली। 7:56 पर बदमाश घर से बाहर निकलते दिखे। यानि 43 मिनट बदमाश घर के अंदर रुके। फुटेज से यह भी साफ हुआ कि इमरान सुबह 7:10 बजे दूध देकर गया था। यानी बदमाश घर के बाहर उसके आने और जाने का इंतजार करते रहे।

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हत्यारों ने बिना नम्बर की नीली स्कूटी का घटना में इस्तेमाल किया। ये लोग कालोनी की भौगोलिक जानकारी से परिचित थे। फुटेज से पता चला कि जो संदिग्ध युवक स्कूटी पर पीछे बैठा दिखा, वह एक दिन पहले गुलाबी स्कूटी से देवेंद्र के घर के पास आया था। दूसरी गाड़ी पर दो अन्य लोग भी थे।

कपड़े भी बदले
बदमाश जब हत्या के लिए आ रहे थे तो रास्ते में इन्हों ने अपने कपड़े भी बदले। ऐसा पुलिस को उलझाने के लिए उन्होंने किया।

करीबी ने ही गला घोंटा था
सूत्रों का कहना है कि घर के बेहद करीबी ने अपने साथी के साथ मोहिनी की हत्या की, फिर रुपये और जेवर बटोर कर भाग निकले। इसके बाद ही पुलिस ने हिरासत में लिये गये एक और व्यक्ति को छोड़ दिया। सोमवार रात को पुलिस ने आरोपितों का मेडिकल कराया। पुलिस कुछ नहीं बोल रही है। फ्लैट बेचने से मिली रकम नहीं लूटी गई थी : सर्विलांस और सीसी फुटेज से कई साक्ष्य मिल जाने के बाद सोमवार को इन दोनों आरोपितों से क्राइम ब्रांच के अलावा पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर और जेसीपी क्राइम आकाश कुलहरि ने काफी देर तक पूछताछ की। 

दोनों अधिकारी जब मुतमईन हो गये कि हत्या इन दोनों ने ही की है, तभी वहां से गये। बताया जा रहा है कि फ्लैट को बेचकर मिली 90 लाख रुपये की रकम का कुछ हिस्सा ही घर पर रखा था। कुछ रकम बैंक में जमा करवा दी थी। सोमवार को खुलासे के एकदम करीब पहुंची पुलिस ने देवेंद्र के छोटे बेटे प्रतीक को पड़ताल से अलग ही रखा।