ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेशलोकसभा चुनाव: यूपी की इन 34 सीटों से कोई महिला नहीं बन सकी सांसद, फेल हुए दांव

लोकसभा चुनाव: यूपी की इन 34 सीटों से कोई महिला नहीं बन सकी सांसद, फेल हुए दांव

यूपी की 34 सीटें ऐसी हैं जहां से कोई महिला सांसद नहीं बन सकी है। पिछले चुनावों में ताल ठोकने के बाद भी इन सीटों से बात नहीं बन पाई है। इन सीटों का राजनीतिक समीकरण बनता और बिगड़ता रहा है।

लोकसभा चुनाव: यूपी की इन 34 सीटों से कोई महिला नहीं बन सकी सांसद, फेल हुए दांव
Srishti Kunjशैलेंद्र श्रीवास्तव,लखनऊTue, 30 Apr 2024 07:26 AM
ऐप पर पढ़ें

उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पृष्टिभूमि ऐसी रही है कि इसने देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री दिए। वर्ष 1980 में रायबरेली सीट से इंदिरा गांधी चुनावी लड़ी और देश की प्रधानमंत्री बनी। देश के बड़े महिला नेताओं की बात की जाए तो स्मृति ईरानी अमेठी से चुनाव लड़ी और कैबिनेट मंत्री बनी। सोनिया गांधी, मेनका गांधी, जया प्रदा, हेमा मालिनी और डिंपल यादव तक को उत्तर प्रदेश के मतदाताओं ने चुनकर सांसद बनाया है, लेकिन 34 सीटें आज भी ऐसी हैं जहां से कोई महिला सांसद नहीं बन सकी। इन सीटों का राजनीतिक समीकरण ऐसा बनता और बिगड़ता रहा है कि महिला उम्मीदवारों के लिए कभी भी यह मुफ़ीद साबित नहीं हुआ।

फिर फेल साबित हुआ दांव
पिछले कुछ चुनावों की बात करें तो वाराणसी लोकसभा सीट से सपा ने वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ शालिनी यादव को टिकट दिया, लेकिन उन्हें 4.79 लाख वोटों से हार का सामना करना पड़ा। श्रीराम की नगरी फैजाबाद सीट की बात करें तो पिछले चुनाव में लोकदल ने आशा देवी को टिकट दिया, लेकिन वह मात्र 6674 वोटों पर ही सिमट गईं। कांग्रेस ने आगरा लोकसभा सीट से वर्ष 2019 के चुनाव में प्रीता हरित को मैदान में उतारा, लेकिन वह तीसरे नंबर तक ही पहुंच सकी। 

गोरखपुर में भी नहीं बनी बात
गोरखपुर लोकसभा सीट पर देखा जाए तो हमेशा से भाजपा का दबदबा रहा है। वर्ष 1971 से लेकर 2019 तक के चुनावों की बात करें तो आठ बार से यह सीट भाजपा के पास है। यह सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव वाली सीट है। समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2014 के चुनाव में यहां से राजमती निषाद को मैदान में उतारा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। सपा ने इस बार काजल निषाद को मैदान में उतारा है। देखने वाला यह होगा कि गोरखपुर के कितने मतदाता महिला उम्मीदवार काजल निषाद को वोट करते हैं। हालांकि अभी तक इस सीट पर किसी भी महिला उम्मीदवार की दाल नहीं गल पाई है।

कैसे हैं हमारे नेता? तीसरे चरण में 100 में से 46 प्रत्‍याशी करोड़पति; 33% ने की है इंटर तक की पढ़ाई

इन सीटों पर नहीं चुनी गई महिला सांसद
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, नगीना, अमरोहा, बागपत, मुरादाबाद, आगरा, बुलंदशहर, एटा लोकसभा सीट है। गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, अकबरपुर, जालौन, हमीरपुर, कौशांबी, फैजाबाद, श्रावस्ती, डुमारियागंज, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, घोषी, सलेमपुर, बलिया, जौनपुर, मछलीशहर, गाजीपुर, वाराणसी, भदोही और राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट है।

इस बार कितनी महिलाओं को टिकट
भाजपा               08
सपा                  10
कांग्रेस                01
बसपा                 06

वर्ष 2019 में यूपी में चुनी गई महिला सांसद- 11