ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेशलोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में कांग्रेस को अपने मुद्दों से उम्मीद, खुद जुड़ेंगे मतदाता

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में कांग्रेस को अपने मुद्दों से उम्मीद, खुद जुड़ेंगे मतदाता

सातवें चरण में यूपी की चार लोकसभा सीटों पर उतरी कांग्रेस को अपने मुद्दों और सहयोगी दल सपा की संगठनात्मक ताकत से उम्मीद है। कांग्रेस के चारों प्रत्याशी न्याय पत्र में शामिल मुद्दों पर खास जोर देते हैं।

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में कांग्रेस को अपने मुद्दों से उम्मीद, खुद जुड़ेंगे मतदाता
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,लखनऊTue, 28 May 2024 10:47 AM
ऐप पर पढ़ें

सातवें और अंतिम चरण में यूपी की चार लोकसभा सीटों पर चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस को अपने मुद्दों और सहयोगी दल सपा की संगठनात्मक ताकत से खास उम्मीद है। कांग्रेस के चारों प्रत्याशी सपा के साथ बेहतर तालमेल पर जोर देने के साथ ही उसके मुखिया अखिलेश यादव की जनसभा अपने-अपने क्षेत्र में कराने की मांग कर रहे हैं। चुनाव से ठीक पहले पार्टी के दोनों स्टार प्रचारकों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी में से किसी एक का समय भी मांग रहे हैं।

कांग्रेस अंतिम चरण में वाराणसी के अलावा देवरिया, महराजगंज व बांसगांव सुरक्षित लोकसभा सीट पर लड़ रही है। वाराणसी में प्रियंका गांधी के साथ सपा की स्टार प्रचारक डिंपल यादव का रोड शो हो चुका है, जबकि गोरखपुर में अखिलेश यादव के साथ प्रियंका गांधी की जनसभा हो चुकी है। बांसगांव लोकसभा सीट गोरखपुर जिले में ही आती है। 

लोकसभा चुनाव: वोटिंग में आगे महिलाएं पर उम्मीदवारी पाने में पीछे, क्या कहते हैं आंकड़े

मंगलवार को वाराणसी में राहुल गांधी व अखिलेश यादव की परिवर्तन संकल्प सभा प्रस्तावित है। पार्टी का मानना है कि इन दोनों कार्यक्रमों से बूथ स्तर तक दोनों दलों का समन्वय बेहतर हुआ है। चुनाव प्रचार में लगे कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थक यह महसूस कर रहे हैं कि उनके पास भाजपा या सपा के जैसा संगठन नहीं है। ऐसे में वे यह माहौल बनाने में लगे हैं कि उनका चुनाव जनता खुद लड़ रही है। वे न्याय पत्र में शामिल मुद्दों पर खास जोर देते हैं।

कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन से जुड़े एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पार्टी को अपनी कमजोरियों का अंदाजा है, इसलिए उसने अपने मुद्दों को सीधे मतदाताओं से जोड़ा है। मतदाता खुद ही इंडिया गठबंधन को वोट देने में अपना लाभ देख रहा है। वह आरक्षण बचाने, अपने लिए नौकरियों का ज्यादा अवसर हासिल करने और खाद्य सुरक्षा कानून के तहत दूना खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए वोट करेगा।