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Hindi News उत्तर प्रदेशअनुप्रिया पटेल ने भी किया अपना दल के प्रत्याशियों का ऐलान, ससुर की जगह बहू को क्यों दिया टिकट

अनुप्रिया पटेल ने भी किया अपना दल के प्रत्याशियों का ऐलान, ससुर की जगह बहू को क्यों दिया टिकट

up lok sabha: यूपी में बीजेपी की सहयोगी अपना दल की प्रमुख और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। अपना दल को बीजेपी ने यूपी की दो सीटें मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज दिया है।

अनुप्रिया पटेल ने भी किया अपना दल के प्रत्याशियों का ऐलान, ससुर की जगह बहू को क्यों दिया टिकट
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊTue, 07 May 2024 06:41 PM
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यूपी में बीजेपी की सहयोगी अपना दल की प्रमुख और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। अपना दल को बीजेपी ने यूपी की दो सीटें मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज दिया है। मिर्जापुर सीट से अनुप्रिया पटेल ही इस बार भी चुनाव लड़ेंगी। वह इसी सीट से लगातार दो बार से सांसद भी हैं। राबर्ट्सगंज से उन्होंने रिंकी कोल को मैदान में उतारा है। राबर्ट्सगंज से फिलहाल अपना दल के पकौड़ी लाल कोल सासंद हैं। रिकी कोल उनकी बहू हैं। रिंकी कोल मिर्जापुर की छानबे विधानसभा सीट से फिलहाल विधायक हैं। छानबे से विधायक राहुल कोल के निधन के बाद रिंकी पटेल को अनुप्रिया पटेल ने उपचुनाव में भी मौका दिया था और उन्होंने जीत भी हासिल की थी। राहुल कोल रिंक कोल के पति थे।

राबर्ट्सगंज से उतरीं रिंकी कोल पति राहुल कोल के निधन के बाद राजनीति में आई हैं। पिछले साल राहुल कोल की कैंसर से मौत हो गई थी। राहुल कोल 2022 में लगातार दूसरी बार अपना दल (एस) से छानबे विधानसभा सीट से विधायक बने थे। भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी राहुल प्रकाश कोल सभी सियासी समीकरण ध्वस्त करते हुए 40 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ लगातार दूसरी बार जीते थे। इससे पहले 2017 के चुनाव में भी उन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।

राहुल ने बसपा के धनेश्वर गौतम को लगभग 57 हजार मतों से पराजित किया था। तब उनकी गिनती उत्तर प्रदेश के सबसे युवा विधायकों में हुई थी। मिर्जापुर में युवा विधायक के रूप में राहुल कोल अपनी एक जगह बना चुके थे। क्षेत्र के लोगों से निरंतर मुस्कुराते हुए मिलने के बाद उनकी समस्याओं का समाधान करने का अथक प्रयास उनके द्वारा निरंतर किए जाते रहने की बात लोग कर रहे हैं।

क्यों कटा पकौड़ी लाल का टिकट
वहीं अगर बात करें रिंकी कोल के ससुर और राबर्ट्सगंज से मौजूदा सांसद पकौड़ी लाल कोल की तो वह पुराने समाजवादी हैं। पकौड़ी लाल सपा से 2009 में सांसद बने थे। 2014 में उन्होंने सपा से चुनाव लड़ा, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पकौड़ी कोल पाला बदलकर अपनादल एस में चले गए। 2019 में एनडीए गठबंधन से फिर से मैदान में आएं, जहां उन्हें जीत मिली।

जीत दर्ज करने के बाद पकौड़ी लाल कोल का ब्राह्मणों को लेकर एक विवादित बयान वायरल हुआ। इसके बाद से उनका विरोध शुरू हो गया। विरोध को देखते हुए अपना दल एस ने पहले बयान से किनारा किया। अब माना जा रहा है कि उसी विरोध के कारण टिकट कटा है। 

मिर्जापुर में रिस्क नहीं लेना चाहती थीं अनुप्रिया
पकौड़ी लाल कोल का टिकट काटकर उनकी बहू रिंकी कोल को टिकट देना अनुप्रिया पटेल की बड़ी मजबूरी भी थी। मिर्जापुर की छानबे विधानसभा सीट कोल बाहुल्य सीट है। यहां पर लगभग 70 हजार मतदाता कोल है। पकौड़ी कोल का टिकट किसी और को देने पर खुद अनुप्रिया के लिए मुसीबत हो सकती थी। पकौड़ी कोल का टिकट काटने पर भले ही राबर्ट्सगंज में नुकसान न होता लेकिन मिर्जापुर में हो सकता था। ऐसे में रिंकी कोल को उतार कर उस नुकसान को बचाया है।