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स्थानीय निधि लेखा परीक्षा में कई निकायों में वित्तीय अनियमितताएं, 28 अरब रुपये का हुआ नुकसान

यूपी में स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के वित्तीय वर्ष 2019-20 के वार्षिक प्रतिवेदन में कई स्थानीय निकायों में वित्तीय अनिमितताएं और आर्थिक क्षति का खुलासा हुआ है। 28 अरब का नुकसान हुआ।

स्थानीय निधि लेखा परीक्षा में कई निकायों में वित्तीय अनियमितताएं, 28 अरब रुपये का हुआ नुकसान
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,लखनऊThu, 30 Nov 2023 06:52 AM
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स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग प्रयागराज के वित्तीय वर्ष 2019-20 के वार्षिक प्रतिवेदन में कई स्थानीय निकायों में वित्तीय अनिमितताएं और आर्थिक क्षति का खुलासा हुआ है। उपरोक्त वित्तीय वर्ष में विभिन्न संस्थाओं में 28 अरब, 95 करोड़, 23 लाख 74 हजार 186 रुपये की आर्थिक क्षति सामने आयी है। इस बारे में इन संस्थाओं को सूचित भी किया गया। इन संस्थाओं द्वारा समुचित अनुपालन कार्यवाही न किये जाने के फलस्वरूप यह आर्थिक क्षति हुई। इनमें नगर निगम, जल संस्थान, नगर विकास विभाग में 7 अरब 38 करोड़ 49 लाख 06 हजार 218 रुपये का नुकसान हुआ। 

नगर पालिका परिषदों, नगर विकास विभाग में 5 अरब, 76 करोड़ 91 लाख 95 हजार 106 रुपये की आर्थिक क्षति सामने आयी। विकास प्राधिकरण, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग में 2 अरब 75 करोड़ 06 लाख 60 हजार 210 रुपये का नुकसान हुआ। बेसिक शिक्षा परिषद, समितियां, बेसिक शिक्षा परिषद जूनियर हाईस्कूलों में 2 अरब 78 करोड़ 07 लाख 78 हजार 576 रुपये का नुकसान हुआ।

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वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2017-18 के दरम्यान आगरा नगर निगम में विभिन्न विज्ञापन सम्बंधी ठेकेदारों द्वारा दिये गये 19 लाख 72 हजार रुपये के चेक बाउंस हो गये। पुन:धनराशि ठेकेदारों ने जमा भी नहीं की। परिणामस्वरूप आगरा नगर निगम को उपरोक्त धनराशि की हानि हुई। आगरा नगर निगम में ही कूड़े से कम्पोस्ट खाद प्लाण्ट लगाने में शासन द्वारा 22 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे। फिर भी प्लाण्ट चालू न होने के कारण मेसर्स इण्डियन एग्रो आर्गेनिक आगरा को पांच प्लाण्ट की स्थापना के लिए अनुबंध किये गये थे, उन्हें 25 लाख 70 हजार रुपये का भुगतान भी किया गया था मगर दस्तावेजों के अनुसार प्लांट से खाद निर्माण और उसकी बिक्री नहीं हुई, जिसकी वजह से उक्त व्यय/भुगतान अनियमित हुआ।

नगर निगम अधिनियम के अनुसार जल निस्तारण कर जो उन क्षेत्रों में लगाया जा सकेगा जहां वार्षिक मूल्य 2.5 प्रतिशत से कम और पांच प्रतिशत से अधिक न हो। वार्ड-16 मुरादाबाद विकास प्राधिकरण मुरादाबाद में सभी अवस्थापनाओं समेत वर्ष 2010  में मुरादाबाद को हस्तांतरित किया गया था जिससे वार्षिक मूल्य 32 करोड़ 18 लाख 22 हजार के 2.5 प्रतिशत की दर से 80 लाख 45 हजार रुपये की क्षति हुई। गोरखपुर, कानपुर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, बरेली, मेरठ, अयोध्या नगर निगमों के अलावा कन्नौज, फरूखाबाद जसवंत नगर इटावा, झींझक कानपुर देहात, औरय्या नगर पालिका परिषदों में पिछले विभिन्न वित्तीय वर्षों में कई मामलों में वित्तीय अनियमितता और उसकी वजह से आर्थिक क्षति सामने आयी है।