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परीक्षा और चयन पूरा, अब तक नहीं मिला नियुक्ति पत्र, सड़क पर उतरे लेखपालों का प्रदर्शन जारी

नियुक्ति पत्र दिए जाने की मांग को लेकर नव चयनित लेखपालों ने लखनऊ में राजस्व परिषद कार्यालय घेरा। विभिन्न जिलों से कैसरबाग स्थित राजस्व परिषद पहुंचे लेखपाल नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं।

परीक्षा और चयन पूरा, अब तक नहीं मिला नियुक्ति पत्र, सड़क पर उतरे लेखपालों का प्रदर्शन जारी
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,लखनऊTue, 27 Feb 2024 02:16 PM
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नियुक्ति पत्र दिए जाने की मांग को लेकर नव चयनित लेखपालों ने यूपी की राजधानी लखनऊ राजस्व परिषद कार्यालय का घेराव किया। विभिन्न जिलों से कैसरबाग स्थित राजस्व परिषद पहुंचे नव चयनित लेखपाल नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं। लेखपालों का कहना था कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी राजस्व लेखपालों को नियुक्ति पत्र नहीं जारी कर रहा है। राजस्व परिषद के अधिकारियों से वार्ता के बाद भी लेखपाल राजस्व परिषद परिसर में डटे रहे। 

लेखपालों ने बताया कि 8085 पदों पर लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा जुलाई 2022 में हुई थी। परिणाम 30 दिसम्बर 2023 को घोषित हुआ। जिन अभियर्थियों ने परीक्षा पास की उनमें से चयन किया गया। इसके बाद 23 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी एक कार्यक्रम में चयनित लेखपालों को नियुक्ति पत्र देते। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। कारण है कि नियुक्ति पत्र मिलने से पहले ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सिफारिश पर राजस्व परिषद के आयुक्त और सचिव ने सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा दी।

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इस मामले में 22 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इसके बाद नियुक्ति का रास्ता साफ होगा और नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि राजस्व परिषद को अंतिम रूप से चयनित लेखपालों की सूची आयोग ने छह जनवरी को ही दे दी थी, उसने अगर नियुक्ति पत्र बांट दिया होता तो यह मामला न फंसता। लेखपाल चयन को लेकर विभिन्न मामले हाईकोर्ट में चल रहे हैं। सिंगल बेंच ने आयोग के पक्ष में फैसला दिया है। आयोग ने जिन सवालों पर आपत्तियां थी, उसमें अभ्यर्थियों को पूरे अंक भी दिए हैं।

अंतिम चयन परिणाम जारी होने के बाद कुछ अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट में चले गए और सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अंतिम फैसला आने तक नियुक्ति पत्र बांटने पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के डबल बेंच को चार हफ्तों में लंबित मामलों को निस्तारित करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट इसके बाद 22 मार्च को सुनवाई करेगा। 

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