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Hindi News उत्तर प्रदेशसीएम आवास के बाहर नौकरी का झांसा देकर करता था ठगी, 5 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा

सीएम आवास के बाहर नौकरी का झांसा देकर करता था ठगी, 5 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा

मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय के बाहर लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले इनामी संजय दुबे उर्फ उदित रंजन अवस्थी को कानपुर में हरबंशमोहाल पुलिस ने धर दबोचा। पांच साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा।

सीएम आवास के बाहर नौकरी का झांसा देकर करता था ठगी, 5 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,कानपुरFri, 12 Apr 2024 12:55 PM
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मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय के बाहर लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले 25 हजार के इनामी संजय दुबे उर्फ उदित रंजन अवस्थी को कानपुर में हरबंशमोहाल पुलिस ने धर दबोचा। उससे न्यायालय और सरकारी पदनामों की मोहरों के साथ उत्तर प्रदेश सरकार का एक फर्जी पहचान पत्र भी मिला है। 2019 में युवती ने शातिर के खिलाफ हरबंशमोहाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस को तलाश थी।

8 अक्तूबर 2019 को नारियल बाजार कोतवाली निवासी शोभा वर्मा ने हरबंशमोहाल थाने में उदित रंजन अवस्थी पर एफआईआर दर्ज कराई थी। शोभा ने बताया था कि वह बेरोजगार है और नौकरी के लिए 31 जनवरी 2019 को मुख्यमंत्री आवास गई थी। आवास के बाहर मुलाकात उदित रंजन से हुई। उदित ने सचिवालय का। कार्ड दिखाया और खुद को कृषि विभाग का ऑडिटर बता बाबू के पद पर नौकरी का झांसा दिया। उसने 2.5 लाख की मांग की। 

तीन फरवरी 2019 से 21 जून 2019 तक उसने अलग-अलग स्थानों पर 1.88 लाख लिए। यही नहीं, आगरा के एक होटल में फर्जी परीक्षा दिलवाई और नियुक्ति पत्र भी दे दिया। कुछ दिन बाद आरोपित मोबाइल नंबर बंद बताने लगा। इसके बाद शोभा ने धोखाधड़ी फर्जी दस्तावेज बनाना व उनका प्रयोग करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले में पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

मथुरा खोजने गई तो कानपुर आ गया शातिर
डीसीपी ईस्ट श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक, आरोपित को तलाशने पर पता चला 9 अप्रैल को मथुरा की कोर्ट में पेशी है। पुलिस मथुरा पहुंची तो वह तिथि लेकर भाग निकला। मोबाइल नम्बर से ट्रेस किया तो लोकेशन कल्याणपुर में मिली। 10 अप्रैल को पुलिस ने कल्याणपुर के पास उसे धर दबोचा। 

नाम बदलकर करता था ठगी
पूछताछ में पता चला कि नटवरनगर मोतीकुंज धौलीप्याऊ मथुरा निवासी संजय दुबे उर्फ अजीत रंजन अवस्थी उर्फ आनंद कृष्ण नाम बदलकर लोगों से ठगी करता था। कानपुर में मिर्जापुर कल्याणपुर में किराए पर रहता था। ठगी करने के लिए वह दूसरे की आईडी पर लिए गए सिम का प्रयोग करता था।

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ये चीजें हुईं बरामद
पांच रबड़ की मोहरें जो न्यायालय एवं विभिन्न सरकारी पदनाम की हैं, दो इंक पैड, 16 फर्जी रोल नम्बर की शीट, समूह ग के दो आवेदन पत्र, एक परिचय पत्र उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आनन्द कृष्ण के नाम का और 12,070 रुपये नकद।

लखनऊ में महिला से की थी दरिंदगी
शातिर पर सात अपराधिक मामले दर्ज हैं। डीसीपी ईस्ट के मुताबिक, लखनऊ के पारा थाने में एक महिला ने 2020 इसके खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। नौकरी दिलाने का झांसा देकर दरिंदगी की थी। कल्याणपुर, कोतवाली, कन्नौज, कानपुर देहात, गौतम पल्ली थाना लखनऊ और हरबंशमोहाल थाने मे भी आरोपित के खिलाफ मामले दर्ज है।

पुलिस ने हार मान ली, शोभा ने नहीं
डीसीपी ईस्ट श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि काफी खोजने के बाद भी शातिर का पता नहीं चला। पूर्व में हरबंशमोहाल पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया था। इधर, पीड़िता शोभा एक शादी समारोह में मथुरा गई तो उदित को उसने वहां देखा। स्थानीय थाने को सूचना देने के साथ शोभा ने वापस आकर पैरवी शुरू की और कोर्ट से दोबारा विवेचना के आदेश कराए। इसके आरोपित के बाद खिलाफ 25 हजार के इनाम की घोषणा हुई।