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Hindustan Special: मां की ठुकराई मासूम को मिला ‘यशोदा’ का आंचल, अस्पताल के स्टाफ ने रखा ये खास नाम

कानपुर के अस्पताल में एक बच्ची के माता-पिता उसे छोड़कर चले गए। महीनों से उसका ध्यान अस्पताल स्टाफ, नर्स और डॉक्टर रख रहे हैं। उन्होंने बच्ची को नाम भी दिया और अब उसे लखनऊ भेजने की तैयारी है।

Hindustan Special: मां की ठुकराई मासूम को मिला ‘यशोदा’ का आंचल, अस्पताल के स्टाफ ने रखा ये खास नाम
Srishti Kunjआशीष दीक्षित,कानपुरFri, 24 Nov 2023 02:11 PM
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'क्या कसूर था मेरा जो ऐसे ठुकरा दिया, जन्म लेते ही मरने के लिए छोड़ दिया। शुक्र है ऊपर वाले का, जिसने मुझे एक नहीं कई यशोदाओं का आंचल दिला दिया।' कानपुर के हैलट अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में सो रही नन्हीं बच्ची अगर कुछ बड़ी होती तो शायद यही सोच रही होती। इस मासूम को जन्म देने वाली मां ने ही ठुकरा दिया। बीमार, बेहद कम वजन के कारण दुधमुंही के प्राणों पर खतरा था, लेकिन उसको बचाने के लिए अस्पताल की नर्सों और डॉक्टरों ने देखरेख कर उसे स्वस्थ कर दिया। परवरिश करते-करते दो महीने बीत गए, मां नहीं लौटी। अब वार्ड की हर नर्स उसकी मां है। डॉक्टरों की गोद में खिलखिलाती है। प्यार से उसे सब बेबी पूनम कहकर पुकारते हैं। ममत्व ऐसा कि उसके रोने की आवाज वार्ड की एक-एक नर्स अच्छे से पहचानती हैं और सब काम छोड़कर उसे संभालने के लिए दौड़ पड़ती हैं। 

हैलट में 19 सितंबर की शाम रनियां क्षेत्र निवासी जगदीश की पत्नी पूनम ने बच्ची को जन्म दिया। महज डेढ़ किलो वजन और तमाम परेशानियों के कारण बच्ची को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया, जबकि उसकी मां को वार्ड में रखा गया। मासूम की देखरेख करने वाली स्टॉफ नर्स राजकुमारी बताती हैं कि जन्म देने के दो दिन बाद ही बच्ची के माता-पिता बगैर किसी को बताए बच्ची को छोड़कर भाग गए। उन लोगों की खोजबीन खूब की गई, लेकिन कहीं भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। यहां तक अस्पताल के रजिस्टर में दर्ज उनका मोबाइल नंबर भी तुरंत स्विच ऑफ कर दिया। बच्ची का नाम उसकी मां के नाम पर दिया गया। 

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कोई लाता है दूध तो कोई दवा का करता है इंतजाम
बेबी पूनम वार्ड में काम करने वाले मेडिकल स्टाफ की चहेती है। उसकी परवरिश में कोई कमी न रहे, इसके लिए नर्स से लेकर डॉक्टर तक उसका खर्चा उठा रहे हैं। कोई उसके लिए दूध लाता है तो कोई वजन बढ़ाने व ताकत के लिए दवा का इंतजाम करता है। दिवाली में उसके लिए नए कपड़े भी लाए गए। इंदु, कंचन, शाबाना, अंजलि उसको रोज मालिश करके आंखों में काजल लगाती हैं। नजर का टीका भी उसे लगाना नहीं भूलती हैं। 

हालत में सुधार, डेढ़ से दो किलो पहुंचा वजन
राजकुुमारी बताती हैं कि जन्म के समय बेबी पूनम का वजन सिर्फ डेढ़ किलो था। बेहतर परवरिश व इलाज की वजह से गुरुवार तक उसका वजन दो किलो से कुछ ज्यादा पहुंच गया। मां के स्पर्श से बच्चे को मिलने वाली ऊर्जा के लिए कोई न कोई नर्स हमेशा उसे अपने पास ही रखती है। 

दो बार पुलिस को दी सूचना, लखनऊ भेज देंगे
डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची को छोड़कर भागने वाले माता-पिता के दर्ज पते के आधार पर पुलिस को दो बार शिकायत की जा चुकी है। अब तक पुलिस की ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं अगर इसके माता-पिता का पता नहीं चला तो बेबी पूनम को लखनऊ चाइल्ड केयर भेज दिया जाएगा।

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