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युवाओं की तकनीक को विकसित करने में मदद कर रहा रेलवे, पसंद आया आइडिया, मांगा डिजिटल डेटा

युवाओं की तकनीक को विकसित करने में रेलवे मदद कर रहा है। रेलवे को आइडिया पसंद आया और युवाओं से डिजिटल डेटा मांगा है। इनोवेशन पोर्टल पर स्टार्टअप के आवेदन आए हैं। इन्हें डेढ़ करोड़ मिलेंगे।

युवाओं की तकनीक को विकसित करने में मदद कर रहा रेलवे, पसंद आया आइडिया, मांगा डिजिटल डेटा
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,प्रयागराजThu, 30 Nov 2023 08:40 AM
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पीएम की अहम योजना स्टार्टअप को आगे बढ़ाते हुए रेलवे भी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद में जुट गया है। रेलवे में स्टार्टअप के लिए इनोवेशन पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। इस योजना के तहत रेलवे युवाओं की तकनीक को विकसित करने में मदद करने के साथ डेढ़ करोड़ तक एक प्रोजेक्ट पर निवेश कर रहा है। 

उत्तर मध्य रेलवे को युवाओं के कई आइडिया खासा पसंद आ गए हैं। एनसीआर के तीनों मंडलों प्रयागराज, आगरा और झांसी में इनोवेशन पोर्टल पर आए स्टार्टअप के आवेदन में कुछ को छांट लिया गया है। 17 आवेदन ऐसे हैं, जिन पर मंथन के बाद डिजिटल डेटा तैयार किया जाने लगा है। रेलवे ने अब उन युवक, युवतियों या फिर टीम के सदस्यों को डिजिटल डेटा तैयार कर बुलाया है। 11 तरह के स्टार्टअप यानि नवोन्मेषी समाधान (इनोवेटिव सॉल्युशन) के लिए रेलवे ने आवेदन करने वाले युवाओं को आमंत्रित करना शुरू कर दिया है। 

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रेलवे में प्रोटोटाइप का ट्रायल किया जाएगा। प्रोटोटाइप के सफल प्रदर्शन के आधार पर आगे लागू करने की स्थिति में अग्रिम धनराशि प्रदान की जाएगी। यानि कि वस्तु या उत्पाद को बनाने से पहले बनाया गया उसका एक नमूना, प्रतिरूप या अधूरा संस्करण पेश करने के लिए बुलाया जाना शुरू हो गया है। युवाओं के इन्हीं खासा आइडिया पर एनसीआर के अलावा एनईआर और एनआर में भी काम शुरू हो गया है।

11 स्टार्टअप, कई में आमंत्रण 
रेलवे ने 11 मामलों में इनोवेटिव सॉल्युशन के लिए आवेदन मांगे थे। इनमें पुल निरीक्षण के लिए रिमोट सेंसिंग जियोमेटिक्स एवं जीआईएस का उपयोग, ट्रैक क्लीनिंग मशीन, ब्रोकेन रेल डिटेक्शन सिस्टम, रेल स्ट्रेस मॉनीटरिंग सिस्टम, उपनगरीय खंडों के लिए हेड-वे इम्प्रूवमेंट सिस्टम, ट्रैक निरीक्षण गतिविधियों के लिए ऑटोमेशन, भारी माल की ढुलाई के लिए सुपीरियर इलास्टोमेरिक पैड (ईएम पैड) की डिजाइन, फेज के इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के ट्रैक्शन मोटर के लिए ऑनलाइन कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम का विकास, हल्के वजन के वैगन की तकनीक और डिजाइन, यात्री सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटल डेटा का उपयोग, पोस्ट ट्रेनिंग रिवीजन एवं सेल्फ सर्विस रिफ्रेशर कोर्स के लिए एप आदि हैं।

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