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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशहाथ से लिखी मार्कशीट पर 30 साल सरकारी नौकरी करता रहा बाबू, प्रमोशन मिलने पर हुआ ये

हाथ से लिखी मार्कशीट पर 30 साल सरकारी नौकरी करता रहा बाबू, प्रमोशन मिलने पर हुआ ये

मुरादाबाद में डाक विभाग में नौकरी पाने के लिए हाथ से मार्कशीट बना डाली। तीस साल तक इसी आधार पर ठाठ से नौकरी की। अब शिकायत पर जांच में विभाग के बाबू को दोषी करार देते हुए निलंबित कर दिया गया है।

हाथ से लिखी मार्कशीट पर 30 साल सरकारी नौकरी करता रहा बाबू, प्रमोशन मिलने पर हुआ ये
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,मुरादाबादTue, 06 Dec 2022 09:36 AM

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मुरादाबाद में डाक विभाग में नौकरी पाने के लिए हाथ से मार्कशीट बना डाली। तीस साल तक इसी आधार पर ठाठ से नौकरी की। अब शिकायत पर जांच में विभाग के बाबू को दोषी करार देते हुए निलंबित कर दिया गया है। बाबू के खिलाफ राष्ट्रपति और डाक महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में जांच की मांग की गई थी।

सरकारी विभागों में नौकरी पाने के लिए लोग क्या क्या नहीं करते। ऐसा ही एक मामला मुरादाबाद में डाक विभाग में प्रकाश में आया है। विभाग के अनुसार 1992 में डाक विभाग में डाक सहायक आदि पदों के लिए भर्ती निकाली गई। पद के लिए अरविंद मोहन शर्मा ने भी आवेदन किया। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को देखते हुए मार्कशीट में हेराफेरी हो गई। कर्मचारी ने इंटरमीडिएट की मार्कशीट हाथ लिखी प्रस्तुत की। 

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मार्कशीट के अलावा सनद आदि प्रमाण पत्र भी विभाग में प्रस्तुत किए गए। डाक सहायक के पद पर कर्मचारी की तैनाती शहर के डाक विभाग में थी। पर हाल ही में प्रोन्नति मिलने पर प्रवर डाक अधीक्षक कार्यालय में नियुक्त हो गए। इस बीच मामले की भनक लगी तो मामला तूल पकड़ गया। चंदौसी निवासी अनिल अग्रवाल ने फर्जी कागजात के आधार पर नौकरी पाने की जांच की मांग की। मामले में जांच ह्रुई मार्कशीट फर्जी मानी गई। इस आधार पर विभाग ने स्टाफ क्लर्क को निलंबित कर दिया।

एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ भी हुई थी शिकायत चंदौसी निवासी अनिल अग्रवाल ने डाक विभाग में फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी पाने का मामला उठाया था। डाक विभाग के एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ भी जांच हुई। जांच में कार्रवाई हुई मगर विभाग में कर्मचारी को लखनऊ में मुख्य पीएमजी ने बहाल कर दिया।

प्रवर डाक अधीक्षक डाक विभाग, वीर सिंह ने कहा कि फर्जी मार्कशीट मामले की विभागीय जांच कराई गई थी। नौकरी के दौरान मार्कशीट हाथ से लिखी हुई थी। जांच के बाद इसे फर्जी करार दिया गया। विभाग ने संबंधित बाबू के खिलाफ कार्रवाई की है। तत्काल प्रभाव से स्टाफ क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है।

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