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GBC-4.0 में एआई तकनीक पर चर्चा, इस टेक्नोलॉजी से बढ़ाएंगे युवाओं के लिए रोजगार

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में दिग्गज एआई तकनीक पर विमर्श करेंगे। ए आई से यूपी में संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे। टेक्नोलॉजी के जरिए यूपी के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

GBC-4.0 में एआई तकनीक पर चर्चा, इस टेक्नोलॉजी से बढ़ाएंगे युवाओं के लिए रोजगार
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,लखनऊThu, 15 Feb 2024 07:06 AM
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योगी सरकार एआई यानी आर्टिफिशेयल इंटेलीजेंस की इस ताकत को पहचानते हुए इसके जरिए यूपी के लिए संभावनाओं के नये द्वार तलाशने लगी है। जीबीसी-4.0 के दूसरे दिन यानी 20 फरवरी को योगी सरकार 'एफडीआई एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस - अनलॉकिंग ऑपरच्युनिटीज़ इन उत्तर प्रदेश' जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बड़े स्तर पर मंथन करने जा रही है। भविष्य में एआई तकनीक की मदद से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कैसे लंबी छलांग दी जा सकती है, इसे लेकर देश-दुनिया के विशेषज्ञ अपना रोडमैप सरकार के सामने रखेंगे। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप/मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी नई टेक्नोलॉजी की मदद से प्रदेश के युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार का सृजन किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वक्त में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एआई की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने जा रही है। यह जीवन के लगभग हर क्षेत्र में उत्पादकता और कार्यक्षमता को कई गुना तक बढ़ाने वाली तकनीक साबित होगी। प्रदेश की योगी सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित उत्पादों के निर्माण पर आधारित उद्योगों की स्थापना को प्राथमिकता देने लगी है। इसी के लिए प्रदेश सरकार विशेषज्ञों के पैनल संग एआई तकनीक पर महामंथन करने जा रही है। 

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इन महत्वपूर्ण सेक्टर में बड़े पैमाने पर सुधार का वाहक बनेगा एआई 
कृषि : एआई की मदद से न केवल कृषि उत्पादकता में सुधार किया जा सकता है, बल्कि मौसम का सटीक आंकलन, बारिश का समय, फसल बीमा का अनुमान, फसल संरक्षण, मिट्टी का स्वास्थ्य, फसल की निगरानी, भविष्य की पैदावार, खरपतवार एवं कीट नियंत्रण, फसल प्रजनन एवं अनुवांशिकी, ड्रोन एवं रोबॉटिक्स की मदद से रोपाई सहित अन्य कार्य एआई के जरिए ज्यादा प्रभावी और सटीकता से संपन्न होंगी। 

स्वास्थ्य : एआई के जरिए अस्पतालों में अधिक अच्छी सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं। रिमोट मॉनीटरिंग, टेलीमेडिसिन, रोग और रोगियों की सटीकता के साथ डिजिटल समीक्षा, रोगों का पूर्वानुमान, सटीक ऑपरेशन, इलाज की योजना एवं निदान, दवाओं की खोज, मेडिकल हिस्ट्री, जेनेटिकल डिसऑर्डर के क्षेत्र में एरर लेस सटीकता प्राप्त होगी। 

शिक्षा : एआई के जरिए शिक्षा में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव आने वाले समय में दिखेंगे। जैसे पर्सनलाइज्ड एजुकेशन, विद्यार्थियों के प्रॉग्रेस की सटीक मॉनिटरिंग, वर्चुअल ट्यूटर, एआई चैटबॉट, डेटा विश्लेषण, शिक्षण सामग्री का निर्माण, एक्युरेट ग्रेडिंग, असाइन्मेंट, लर्निंग एनालिटिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। 

वित्तीय सेवाएं : एआई के उपयोग से वित्तीय संस्थान और वित्तीय सेवाओं में बेहतर ग्राहक सेवा, धोखाधड़ी का पता लगाना और रोकथाम, जोखिम प्रबंधन, एल्गोरिथम ट्रेडिंग, ग्राहक सेवा और सहायता, व्यक्तिगत वित्तीय सलाह, क्रेडिट स्कोरिंग और अंडरराइटिंग, अनुपालन और नियामक अनुपालन, पोर्टफोलियो प्रबंधन और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

कंप्यूटिंग और टेक्नोलॉजी : कंप्यूटिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में नई नई उपयोगिताओं को खोजा और विकसित किया जा सकता है, जिनसे नये-नये उत्पादों और सेवाओं का निर्माण किया जा सकता है। साथ ही ऑटेमेशन में सुधार, साइबर सुरक्षा, मनुष्य और कंप्यूटर  के बीच सटीक इंटरैक्शन, डेटा एनालिटिक्स और कंप्यूटर विज़न जैसे क्षेत्रों में नई क्षमताओं को अनलॉक किया जा सकेगा।

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