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यूपी में छोटी नदियों को पुनर्जीवित करने का चलेगा अभियान, सीवेज मुक्त कर होगा कायाकल्प

यूपी में नदियों को सीवेज मुक्त कर उनका कायाकल्प होगा। उत्तर प्रदेश में नदी संरक्षण कार्य को गति देने को विशेषज्ञ कमेटी बनी। गंगा-यमुना की सहायक-छोटी नदियों को पुनर्जीवित करने को अभियान चलेगा।

यूपी में छोटी नदियों को पुनर्जीवित करने का चलेगा अभियान, सीवेज मुक्त कर होगा कायाकल्प
Srishti Kunjराकेश चौधरी,कासगंजTue, 11 Jun 2024 06:10 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में उत्तर प्रदेश की गंगा-यमुना और सभी छोटी सहायक नदियों को स्वच्छ-संरक्षित व पुनर्जीवित करने की दिशा में बड़े अभियान की तैयारी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने उत्तर प्रदेश के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ कमेटी गठित की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नदियों को सीवेज मुक्त कर उनका कायाकल्प करने के लिए आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 

मुख्य सचिव ने विशेषज्ञ कमेटी की पहली बैठक में नदी संरक्षण पर गहन विचार विमर्श किया। केंद्र सरकार नादियों को प्रदूषण मुक्त और पुनर्जीवित कर उनका कायाकल्प करने में जुटी है। इसके पीछे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की मंशा साफ है कि नदी किनारे विलुप्त होती नदी सभ्यता को पुनर्जीवित करना और आर्थिक गतिविधियां बढ़ाना है। नदियों के काम को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले ही पांच सदस्यीय विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर दी थी। 

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कमेटी का काम यूपी भर से नदी संरक्षण को लेकर जिलाधिकारियों से आने वाले प्रस्तावों पर विचार करना और जमीनी स्तर पर चलने वाली गतिविधियों में शासन से अपने अनुभवों को साझा करना है। अब केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बनते ही यूपी की योगी सरकार एक्शन मोड में आ गई है। विशेषज्ञ कमेटी के सदस्य प्रोफेसर राधाकृष्ण दीक्षित ने बताया कि प्रदेश में नदी संरक्षण कार्य को गति देने के लिए विशेषज्ञ समिति ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने विशेषज्ञों की पांच सदस्यीय कमेटी के साथ पहली ऑनलाइन बैठक में नदियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की है। 

मुख्य सचिव की ओर से संबंधित विभागों के प्रमुखों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। यमुना और गंगा समेत प्रदेश की नदियों को सीवेज मुक्त करके उनके कायाकल्प की दिशा में समिति काम करेगी। सहायक और छोटी नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए अभियान चलेगा। नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में जनजागरण के साथ लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित भी करेंगे। यमुना-गंगा समेत नदियों के किनारे जैविक खेती को बढ़ावा देने पर काम होगा। विलुप्त प्राय: नदियों को भी जीवित किया जाएगा। 

ये हैं विशेषज्ञ समिति में 
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए गठित पांच सदस्यीय विशेषज्ञ कमेटी में कासगंज जनपद के प्रोफेसर राधाकृष्ण दीक्षित के अलावा गंगा समग्र के राष्ट्रीय मंत्री अवधेश कुमार, सुरेश बाबू निदेशक रिवर्स वेटलैंड एवं वाटर पॉलिसी डिवीजन विश्व प्रकृति निधि भारत सदस्य, फारुख रहमान खान, निदेशक राज्य कार्यक्रम, वाटरऐड इंडिया, रमनकांत संस्थापक नीर फाउंडेशन मेरठ शामिल हैं।