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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशगोरखपुर में योगी के खिलाफ जमानत नहीं बचा पाए भीम आर्मी के चंद्रशेखर रावण, जानें कितनों की बने पसंद

गोरखपुर में योगी के खिलाफ जमानत नहीं बचा पाए भीम आर्मी के चंद्रशेखर रावण, जानें कितनों की बने पसंद

भीम आर्मी के संस्थापक और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर चंद्रशेखर आजाद गोरखपुर सदर सीट से चुनाव हार गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ को चुनौती देने पहुंचे चंद्रशेखर रावण चौथे नंबर पर रहे और जमानत भी...

गोरखपुर में योगी के खिलाफ जमानत नहीं बचा पाए भीम आर्मी के चंद्रशेखर रावण, जानें कितनों की बने पसंद
Sudhir Jhaहिन्दुस्तान टाइम्स,गोरखपुरFri, 11 Mar 2022 03:18 PM

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भीम आर्मी के संस्थापक और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर चंद्रशेखर आजाद गोरखपुर सदर सीट से चुनाव हार गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ को चुनौती देने पहुंचे चंद्रशेखर रावण चौथे नंबर पर रहे और जमानत भी नहीं बचा पाए। चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण के आगे सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा सपा और बसपा के उम्मीदवार आगे रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ को 1.64 लाख वोट मिले और सुभावती शुक्ला के खिलाफ एक लाख से अधिक वोटों से जीत गए।

भाजपा और सीएम योगी आदित्यनाथ के कटु आलोचक चंद्रशेखर आजाद को कुल 7,543 वोट मिले और उनकी जमानत राशि जब्त हो गई। आजाद ने गुरुवार को जनता के फैसले को स्वीकार किया और अपने कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) जिसका गठन महज एक साल पहले किया गया था, जमीनी स्तर पर आंदोलन चलाएगी और यूपी में विपक्ष को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक परिवर्तन और समानत के लिए लड़ेगी।   

चंद्रशेखर आजाद ने ट्वीट किया,''आज आए जनादेश को हम स्वीकार करते हैं और बहुजन समाज का धन्यवाद करते हैं कि आपके परिश्रम से पहली बार विधानसभा चुनाव में हमारी पार्टी का आम जनता से परिचय हुआ।अब हमें बहुजन समाज को सत्ता में पहुंचाने के लिए बहुजन समाज में जन्मे महापुरुषों-वीरांगनाओं की विचारधारा बहुजन हिताय एवं बहुजन सुखाय को हमें आगे बढ़ाना है। इसके लिए संगठन को मजबूती देने के लिए जमीनी स्तर पर आंदोलन चलाना है। मैं आप सभी साथियों से अपील करता हूं कि आप लोग जमीनी संघर्ष के लिए तैयार रहें, हमारी लड़ाई सामाजिक व सत्ता परिवर्तन के लिए जारी रहेगी सधन्यवाद। सादर जय भीम।'' 

गोरखपुर शहरी सीट पर योगी आदित्यनाथ की जीत पर किसी को कोई शंका नहीं थी। आदित्यनाथ यहां से पांच बार लोकसभा के सांसद रह चुके हैं। यह गोरखनाथ मठ का मुख्यालय भी है, जिसके प्रमुख आदित्यनाथ हैं। यह सीट 1989 से ही बीजेपी के पास रही है। 2022 में यहां सहयोगी दल को जीत मिली थी। इसलिए यहां उनकी जीत नहीं होगी, यह आजाद भी अच्छी तरह जानते थे। हालांकि, नजरें इस बात पर जरूर थीं कि उन्हें कितने वोट मिलते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव की तरह चंद्रशेखर का भी यह पहला विधानसभा चुनाव था।  

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