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Hindi News उत्तर प्रदेशअखिलेश ने पीडीए से किया उलटभेर, सपा के 86 प्रतिशत सांसद ओबीसी, दलित और मुस्लिम 

अखिलेश ने पीडीए से किया उलटभेर, सपा के 86 प्रतिशत सांसद ओबीसी, दलित और मुस्लिम 

सपा अखिलेश यादव का पीडीए दांव यूपी में कामयाब रहा है। इस दांव से अखिलेश ने यूपी में बड़ा उलटफेर किया। सपा के 86 प्रतिशत सांसद ओबीसी, दलित और मुस्लिम हैं।

अखिलेश ने पीडीए से किया उलटभेर, सपा के 86 प्रतिशत सांसद ओबीसी, दलित और मुस्लिम 
Deep Pandeyलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊThu, 06 Jun 2024 07:24 AM
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UP Lok Sabha Election Result 2024: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) दांव कामयाब रहा है। सपा यूपी में पीडीए के जरिए बड़ा उलटभेर करने में कामयाब हो गई है। उत्तर प्रदेश में सपा के 86 प्रतिशत से अधिक निर्वाचित सांसद ओबीसी, दलित और मुस्लिम पृष्ठभूमि से हैं।  सपा के 37 सांसदों में ओबीसी से 20, एससी से आठ और मुस्लिम समुदाय से चार सांसद शामिल हैं।

उच्च जातियों में केवल एक-एक सांसद ब्राह्मण (सनातन पांडे), वैश्य (रुचि वीरा) और भूमिहार (राजीव राय) में से हैं, जबकि दो ठाकुर (आनंद भदोरिया और बीरेंद्र सिंह) हैं। सपा ही थी जिसने मेरठ और फैजाबाद जैसी सामान्य सीटों पर एससी उम्मीदवारों को मैदान में उतारने प्रयोग किया। फैजाबाद से सपा के दलित उम्मीदवार अवधेश प्रसाद ने बीजेपी के लल्लू सिंह को 54,567 वोटों के अंतर से हराया। मेरठ में पार्टी ने दलित सुनीता वर्मा को मैदान में उतारा जो केवल 10,500 वोटों के मामूली अंतर से भाजपा के अरुण गोविल से हार गईं। 

सपा ने 27 ओबीसी को टिकट दिए थे
सपा ने इस बार 27 ओबीसी को टिकट दिए थे। इनमें  सर्वाधिक 10 टिकट कुर्मी व पटेल बिरादरी को दिए। इस कारण नरेश उत्तम, लालजी वर्मा, एसपी  सिंह पटेल, राम प्रसाद चौधरी सांसद हो गए। सपा ने इस बार 15 दलित को टिकट दिए।   

छह सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने भी खेला था दलित-ओबीसी कार्ड

छह सीटें जीतने वाली कांग्रेस में ओबीसी (राकेश राठौड़), एससी (तनुज पुनिया) और मुस्लिम(इमरान मसूद) समुदाय से एक-एक सांसद शामिल हैं। अन्य तीन में से राहुल गांधी हैं। उज्जवल रेवती रमन सिंह एक भूमिहार हैं और केएल शर्मा एक पंजाबी हैं। सपा और कांग्रेस की संयुक्त उम्मीदवारों की सूची में ओबीसी से 33, एससी से 19 और छह मुस्लिम शामिल हैं।

भाजपा में 45 प्रतिशत विजेता ऊंची जाति से
वहीं भाजपा के 33 में से 15 सांसद (आठ ब्राह्मण, पांच ठाकुर और दो वैश्य) - या इसके 45% विजेता - ऊंची जातियों से हैं, जो कुल मिलाकर लगभग 20% मतदाता हैं। बाकी में से 10 ओबीसी हैं और आठ एससी हैं - यानी 55%।  यह संभावित रूप से ओबीसी और एससी की चुनावी संख्या से कम है, जो कुल मिलाकर मतदाताओं के 60% से काफी ऊपर हैं।

2019 में सपा के पांच सांसदों में से तीन मुस्लिम थे
आंकड़ों से पता चलता है कि 2019 में सपा के पांच सांसदों में से तीन मुस्लिम (आजम खान, शफीकुर रहमान बर्क और एसटी हसन) थे, जबकि दो ओबीसी (पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश) थे। पार्टी में ऊंची जाति या दलित समुदाय से एक भी सांसद नहीं था।

2019 में भाजपा के 28 सांसद ऊंची जातियों से थे
इसी तरह 2019 में बीजेपी के 62 सांसदों में से 28 (12 ब्राह्मण, 11 ठाकुर और पांच वैश्य/अन्य)  जो कुल का 45% है, ऊंची जातियों से थे। 14 एससी और 20 ओबीसी (लोध, जाट और गुर्जर सहित) शामिल थे, जो इसके कुल सांसदों का लगभग 55% थे।