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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशup chunav result 2022: स्वामी और धर्म सिंह सैनी हारे, दारा सिंह चौहान को मिली जीत, जानिये अन्य दलबदलुओं का क्या हुआ हाल

up chunav result 2022: स्वामी और धर्म सिंह सैनी हारे, दारा सिंह चौहान को मिली जीत, जानिये अन्य दलबदलुओं का क्या हुआ हाल

योगी सरकार में पूरे वक्त कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य बड़े आत्मविश्वास के साथ भाजपा छोड़ कर सपा में शामिल हुए थे और भाजपा को नेस्तनाबूत करने का ऐलान किया था। भाजपा तो फिर सत्ता में लौट आई...

up chunav result 2022: स्वामी और धर्म सिंह सैनी हारे, दारा सिंह चौहान को मिली जीत, जानिये अन्य दलबदलुओं का क्या हुआ हाल
Yogesh Yadavलखनऊ हिन्दुस्तानThu, 10 Mar 2022 11:19 PM
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योगी सरकार में पूरे वक्त कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य बड़े आत्मविश्वास के साथ भाजपा छोड़ कर सपा में शामिल हुए थे और भाजपा को नेस्तनाबूत करने का ऐलान किया था। भाजपा तो फिर सत्ता में लौट आई लेकिन खुद को नेवला बताने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य की करारी हार हुई। उनका सीट बदलना भी काम नहीं आया। उनके साथ भाजपा छोड़कर साइकिल पर सवार हुए धर्मसिंह सैनी भी शिकस्त खा गए। हालांकि तीसरे मंत्री दारा सिंह चौहान जीत गए हैं। 

प्रसपा से भाजपा में गए हरिओम यादव भी हार गए। विनय शंकर तिवारी इस बार बसपा छोड़कर सपा के टिकट से चिल्लूपार से चुनाव लड़े थे और हार गए। अवतार सिंह भड़ाना ने भी चुनावों से पहले भाजपा को छोड़ सपा-आरएलडी गठबंधन का दामन थाम लिया था और जेवर से चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा के हाथों शिकस्त खा गए।

बलिया के सुरेंद्र सिंह बैरिया से टिकट न मिलने पर वीआईपी पार्टी से हार गए। कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हुईं सुप्रिया ऐरन बरेली कैंट से हार गईं। भाजपा से सपा में आई सुभावती शुक्ला गोरखपुर शहर से भी चुनाव हार गईं। 

यह दलबदलू जीते 
दारा सिंह चौहान भी साइकिल पर सवार हुए लेकिन वह घोसी से जीत गए। वह योगी सरकार में मंत्री थे। ऐन वक्त पर सपाई हो गए और घोसी से जीत हासिल की। कांग्रेस से भाजपा में आईं अदिति सिंह जीत गईं। बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए लालजी वर्मा अंबेडकरनगर की कटेहरी सीट से फिर चुनाव जीत गए। रामअचल राजभर भी जीत गए। 

ढह गया डॉ. धर्म सिंह सैनी का 20 साल का अजेय किला

सहारनपुर। भाजपा ने सहारनपुर में रिकार्ड पांच सीटों पर जीत दर्ज की है, लेकिन नकुड़ की जीत भाजपा के लिए कई मायनों में खास है। क्योंकि, नकुड़ पिछले 20 साल से डॉ. धर्म सिंह सैनी का अजय किला रहा है। इसके पीछे अहम वजह दलबदल और एंटी एंटी इनकंबेंसी फेक्टर मुख्य वजह माना जा रहा है।

डॉ. धर्म सिंह सैनी काफी लंबे समय से सहारनपुर की राजनीति में सक्रिय हैं। लगातार चार बार जीत दर्ज कर उन्होंने कई कीर्तिमान स्थापित किए। साथ ही उनकी गिनती चुनाव लड़ने के माहिर खिलाड़ियों में होने लगी थी। डॉ. धर्म सिंह सैनी 2002 में पहली बार विधायक बने। उन्होंने बसपा के टिकट पर तत्कालीन सरसावा विधानसभा से जीत दर्ज कर विधानसभा की दहलीज लांघी थी। उस चुनाव में उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी राघवलखन पाल शर्मा को हराया था। इसके बाद वर्ष 2007 में भी उनका विजय रथ जारी रहा। उन्होंने बसपा के टिकट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। बसपा हाईकमान ने उन्हें बेसिक शिक्षा मंत्री बनाकर बड़ा सम्मान दिया था। 

वर्ष 2012 में जिले की सीटों का परिसिमन हुआ। सरसावा सीट को नकुड़ कर दिया और नकुड़ को गंगोह विधानसभा का नाम दे दिया गया। इस बार भी बार भी डॉ. धर्म सिंह सैनी बसपा के टिकट पर ही चुनावी मैदान में उतरे। उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता इमरान मसूद को मात देकर जीत दर्ज की, लेकिन 2017 आते-आते डॉ. धर्म सिंह सैनी का बसपा से मोहभंग हो गया और उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। प्रदेश में भाजपा की लहर थी। जिस पर सवार होकर डॉ. धर्म सिंह सैनी 2017 में भी चुनाव जीतने में सफल हुए। इस बार कांग्रेस के इमरान मसूद को हराया। 

रुका विजय रथ 
चार बार चुनाव जीतने के बाद डॉ. धर्म सिंह सैनी एंटी इनकमवेंसी फेक्टर के घेरे में आ गए। कुछ मतदाता उनसे नाराज थे। उनका टिकट कटने या बदले जाने की भी चर्चाएं शुरू हो गई थीं। जिस कारण 2022 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले डॉ. धर्म सिंह सैनी ने फिर पाला बदला और सपा खेमे में शामिल हो गए। यहीं नहीं उनके प्रतिद्वंदी इमरान मसूद भी उनके साथ सपा में पहुंच गए। फिर भी डॉ. धर्म सिंह सैनी अपने अजेय किले को बचाने में सफल नहीं हुए। 155 के मामूली अंतर से वह भाजपा के मुकेश चौधरी से हार गए।  

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