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UP: डिफेंस कॉरिडोर का केंद्र होगा बुन्देलखण्ड, कानपुर समेत प्रदेश के 6 जिलों में बनेंगे डिफेंस पार्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, साथ में हैं केंद्रीय मंत्री उमा भारती व

डिफेंस कॉरिडोर का केंद्र बिंदु बुन्देलखण्ड रहेगा। साथ ही झांसी, कानपुर समेत प्रदेश के 6 जिलों में डिफेंस पार्क बनेंगे। अब 30 फीसदी रक्षा उत्पाद देश में ही तैयार होंगे, इसमें यह कॉरिडोर अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और औद्योगिक विकास आयुक्त (आईडीसी) अनूपचन्द्र पाण्डेय ने सोमवार को झांसी में रक्षा उत्पाद से जुड़े उद्यमियों को कॉरिडोर के फायदे गिनाए और हर सुविधा देने का वायदा किया। रक्षा मंत्री ने इस दौरान कॉरिडोर के लिए आईआईटी कानपुर समेत देश के निजी संस्थानों की प्रतिभाओं को भी जोड़ने का आह्वान किया। 

कानपुर समेत 6 जिले चयनित : डिफेंस कॉरिडोर के लिए पहली बैठक की जगह झांसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद तय की थी। उन्होंने बैठक में कहा, बुन्देलखण्ड का पिछड़ापन और पलायन रोकने के लिए यह कॉरिडोर कारगर होगा। साथ ही ऐलान किया कि प्रदेश के जिन 6 जिलों में डिफेंस पार्क बनेंगे उनमें झांसी, चित्रकूट, कानपुर, लखनऊ, आगरा और अलीगढ़ को शामिल किया गया है। इसके लिए 6 हजार हैक्टेयर जमीन चिन्हित करके दे दी गई है।
 

देश में ही बनेंगे रक्षा उत्पाद
रक्षा मंत्री ने कहा कि यहां आने वाले उद्यमी जो सुविधा और रिसर्च के लिए जो इंस्टीट्यूट चाहेंगे केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि उद्यमी आईआईटी के अलावा देश के अन्य निजी संस्थाओं की प्रतिभाओं का फायदा ले सकते हैं क्योंकि वहां भी टेक्नोक्रेट्स कम नहीं हैं। साथ ही भरोसा दिलाया कि अब रक्षा से संबंधित 30 फीसदी उत्पाद देश में ही बनेगा और अगले 25 सालों में सेना की सभी जरूरतें देश में ही पूरी होंगी। 
 

बाहर भी बनेंगे रक्षा उत्पाद
बैठक में मौजूद ज्वाइंट सेक्रेट्री डिफेंस जनरल राकेश कुमार ने कहा कि उद्यमी आर्डीनेंस फैक्टियों से बाहर रक्षा उत्पाद तैयार कराएं। अब किसी का अधिपत्य इन उत्पादों पर नहीं है। उन्होंने कहा कि देश और देश से बाहर भी रक्षा उत्पादों की भारी मांग है इसलिए उद्यमियों यह चिंता करने की जरूरत नहीं कि उत्पाद कहां बेचेंगे। 
 

उद्यमियों की हर जरूरत पूरी होगी
आईडीसी अनूपचन्द्र पाण्डेय ने बताया कि झांसी के लिए आगरा, कानपुर, अलीगढ़ और चित्रकूट तक हाईवे का अच्छा नेटवर्क तैयार है। आगरा और लखनऊ के साथ कानपुर और झांसी से भी जल्द एयर कनेक्टिविटी मिलने वाली है। रेलवे का फ्रेड कॉरीडोर तैयार हो रहा है इसके बाद उद्यमी 24 घंटे के अंदर देश के किसी भी हिस्से में अपना उत्पाद पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि उद्यमी जैसी युवा स्किल चाहेंगे सरकार आईटीआई और पॉलीटेक्निक में तैयार करके देगी। डिफेंस कॉरिडोर में तकनीकी संसाधन मुहैया कराने के लिए कानपुर आईआईटी की मदद लेने पर भी बात चल रही है। इसके तहत आईआईटी की पांच प्रतिभाओं का चयन होगा। इनसे भी उद्योंगों के लिए सलाह ली जाएगी। इसके अलावा वह उद्योंगों के लिहाज से युवाओं को प्रशिक्षित करने में भी अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। 
 

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  • Web Title:UP center will be the center of Defense Corridor