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18 जनवरी, 2021|10:55|IST

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यूपी : बसपा का कद विधानसभा उपचुनाव तय करेगा 

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यूपी विधानसभा का उप चुनाव बसपा के लिए काफी अहमियत रखने वाला माना जा रहा है। चुनाव परिणाम बताएगा कि बसपा यूपी की राजनीति में मौजूदा समय कहां ठहर रही है? वह एक जाति विशेष के मतदाताओं तक ही सीमित है या फिर अन्य वर्गों में भी उसका जनाधार है?
गठबंधन टूटने के बाद पहला चुनाव: विधानसभा उपचुनाव 2017 में अपेक्षित परिणाम न आने के बाद बसपा लोकसभा चुनाव 2019 में सपा से गठबंधन करके चुनाव लड़ी। चुनावी परिणाम को देखकर कहा जाए तो बसपा को यह गठबंधन रास आया और वह 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव जीतने में सफल हुई, जबकि वर्ष 2014 में अपने दम पर अकेले लड़ने पर उसे एक सीट भी नहीं मिल पाई थी। लोकसभा चुनाव 2019 का चुनावी परिणाम आने के तुरंत बाद बसपा ने सपा से नाता यह कहते हुए तोड़ लिया कि उसके पास कॉडर के नेता नहीं हैं। बसपा अब उप चुनाव अपने दम पर अकेले लड़ रही है। 

उप चुनाव की महीनों पहले तैयारियां: बसपा ने उपचुनाव के लिए महीनों पहले तैयारियां शुरू कर दी थीं। प्रत्याशियों की घोषणा हो या फिर बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करने की बात, लोकसभा चुनाव खत्म होते ही बसपा ने इस पर ध्यान देना शुरू कर दिया था। विधानसभा चुनाव में 2017 में बसपा 19 सीटों पर चुनाव जीती थी। लोकसभा चुनाव वर्ष 2019 में जलालपुर से विधायक रहे रितेश पांडेय चुनाव जीत गए। इसलिए बसपा के लिए यह सीट उप चुनाव में सबसे प्रतिष्ठा वाली मानी जा रही है। बसपा ने यहां से बसपा के वरिष्ठ नेता लालजी वर्मा की पुत्री छाया वर्मा को टिकट दिया है। इसके अलावा पश्चिमी यूपी की सीटें भी उसके लिए प्रतिष्ठा वाली मानी जा रही है। इसकी वजह भीम आर्मी की बढ़ती हुई सक्रियता भी मानी जा रही है।

बसपा ने जातीय समीकरण को साधा
बसपा ने विधानसभा उप चुनाव में जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार बनाए हैं। बसपा ने तीन मुसलमान, चार एससी और दो ब्राह्मण तथा दो पिछड़ी जाति के उम्मीदवार उतारे हैं। गंगोह से इरशाद, रामपुर सदर जुबैर मसूद खान, घोसी अब्दुल कयूम अल्पसंख्यक तो इगलास (सु) अभय कुमार, बलहा (सु) रमेश चंद्र, जैदपुर (सु) अखिलेश अंबेडकर व मानिकपुर राजनारायण एससी को टिकट दिया है। वहीं, लखनऊ कैंट से अरुण द्विवेदी व गोविंदनगर से देवी प्रसाद तिवारी ब्राह्मण और प्रतापगढ़ से रणजीत सिंह पटेल तथा जलालपुर से छाया वर्मा पिछड़ी जाति को टिकट दिया है।

लखनऊ कैंट सीट को 13 सेक्टरों में बांटा
बसपा की मंडलीय बैठक में लखनऊ कैंट विधानसभा सीट को जीतने की रणनीति तैयार कर पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया गया है। इस सीट को 13 सेक्टरों में बांटते हुए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। 

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  • Web Title:UP: BSP stature will decide assembly by-election