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उत्तर प्रदेशकोरोना का कहर : तीनों राज्यों के यूपी बॉर्डर सील, आवागमन में कड़ी जांच

हिन्दुस्तान ब्यूरो, आगराPublished By: Shivendra Singh
Mon, 10 May 2021 05:55 AM
कोरोना का कहर : तीनों राज्यों के यूपी बॉर्डर सील, आवागमन में कड़ी जांच

कोरोना के कहर को रोकने के लिए अन्तरराज्यीय और अंतर जिला यात्राओं पर राज्य सरकारों ने सख्ती का फैसला लिया है। बिना आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट के किसी को भी एंट्री नहीं दी जा रही है। रिपोर्ट की चेकिंग से बॉर्डर के कई एरिया जाम के झाम से जूझ रहे हैं। आगरा से लगी मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं पर सख्ती से तमाम लोग फंसे हुए हैं। बॉर्डर से वाहनों को लौटाया जा रहा है। इधर, मंडल के कोटवन से लगी हरियाणा सीमा पर सख्ती से भी लोग परेशान हैं। सिर्फ खाने-पीने का सामान लेकर आ रहे मालवाहक ट्रकों व सेना के वाहनों की आवाजाही ही हाईवे पर दिखती है। पेश है रिपोर्ट...

बॉर्डर से वापस लौटा रहे हैं वाहन
जनपद से राजस्थान के दो बॉर्डर लगते हैं। भरतपुर और धौलपुर जिलों की सीमाओं पर वाहनों को रोककर चेकिंग की जा रही है। जिन लोगों के पास 72 घंटे पहले की आरटी-पीसीआर कोरोना नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट है, उसे ही एंट्री दी जा रही है। ट्रैफिक रेंग-रेंग कर चल रहा है। चेक पोस्ट पर स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम भी है, जो आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग कर रही हैं। यहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगरा से आने वाले सौ से ज्यादा वाहनों को दिनभर में वापस लौटाया गया है। इसी तरह से मध्य प्रदेश बॉर्डर पर भी पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है।

हरियाणा सीमा पर भी पुलिस की सख्त नजर
अंतरराज्जीय सीमा पर दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर पुलिस की नजर लगी हुई है। अन्य राज्यों की रोडवेज बसों के आने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। कोसी में हरियाणा की ओर से आने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही है। शासन के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड राज्यों से आने वाले वाहनों के उत्तर प्रदेश में आवागमन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किये हुए हैं। कोविड-19 की रोकथाम के लिए दिए गए इस आदेश का अनुपालन 15 दिन करना होगा होगा। मालूम हो यूपी रोडवेज की अन्तर्राज्यीय बस सेवा पहले ही बंद की जा चुकी है।

मजदूर भूख और प्यास से बेहाल
हरियाणा के सिरसा से सिर पर पोटली व गोद में दो से पांच साल तक के बच्चे लेकर ‘जुगाड़’ से निकले मजदूरों के जत्थे को भी बॉर्डर पर रोक दिया गया। पुलिसकर्मियों ने बॉर्डर से सीमा में उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। मजदूर राम सजीवन ने बताया कि यहां कोई इंतजाम नहीं है। बॉर्डर पर पुलिस वाहनों, लोगों को धकेलकर दूसरे राज्यों में वापस भेज रही है। यहां हाईवे किनारे के स्थलों में बाहर से आने वाले लोगों को 14 दिन तक क्वारेंटाइन में भी रखने की व्यवस्था की गई है। कोरोना को रोकने के लिये की जा रही सख्ती में ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचरियों के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति के घरों से निकलने पर रोक लगा दी गई है।

पुलिस का संरक्षण, डग्गेमारों की चांदी
उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सरकारों द्वारा दूसरे राज्यों के परिवहन निगम की बसों पर रोक लगाए जाने के चलते बॉर्डर पर प्राइवेट बस संचालक डग्गेमारी में जुट गये हैं। रविवार को कई प्राइवेट बसें चौराहों से सवारियां भरती देखी गयीं। बॉर्डर से चंद कदम दूर भी खड़ी बसें सवारियों को आवाज देकर बुला रही थीं। इधर, उसैद घाट पर पैंटून पुल के स्लीपर हटाकर रास्ते को बन्द कर दिया गया है। हालांकि कुछ जगह चंबल में नावों से अवैध रूप से लोगों का आवागमन हो रहा है, जिसको लेकर पुलिस सख्ती कर रही है। प्रशासन का कहना है कि लोग घरों पर ही रहें, उन्हें जरूरत की खाद्य सामग्री घर पर ही उपलब्ध होगी तो खतरा क्यों मोल ले रहे हैं।

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