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यूपी: 25 सांसदों के टिकट काट सकती है भाजपा, डिप्टी CM करेंगे कामकाज की समीक्षा

BJP Star campaigner for Chhattisgarh election (File Pic)

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को मौजूदा सांसदों के रिपोर्ट कार्ड बनाने की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उन 25 सांसदों के कामकाज के बारे में फिर से नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। इन सांसदों के टिकट कटने के बारे में भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने रिपोर्ट तैयार की थी। 

भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने पार्टी के कार्यक्रमों में असहयोग करने वाले व पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में जनता की अनदेखी करने वाले प्रदेश के 25 मौजूदा सांसदों के भाजपा नेतृत्व अगले लोकसभा चुनावों में टिकट काटने की रिपोर्ट तैयार की थी। ऐसे ही सांसद दोबारा टिकट न मिलने के अंदेशे में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के पास अपना पक्ष रखने गए थे। 

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लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केशव मौर्य प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालातों को देखते हुए हर सांसद की जातीय, क्षेत्रीय सक्रियता, समीकरणों को देखकर रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं। उनकी नई जिम्मेदारियों में टिकट कटने लायक मौजूदा सांसद के स्थान पर पार्टी या विपक्षी दलों में किसी नए चेहरे को तलाशना भी शामिल है।  

मौजूदा राजनीतिक हालातों पर बनेगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार प्रदेश नेतृत्व की ओर से 25 सांसदों के टिकट कटने की रिपोर्ट विधानसभा व लोकसभा उपचुनावों के पहले तैयार की गई थी। इन सभी चुनावों में भाजपा हारी थी। इस जीत से उत्साहित सपा-बसपा की ओर से चुनाव में मिलकर भाजपा को हराने का दावा किया गया था। इसी के बाद केन्द्रीय नेतृत्व ने सभी सांसदों के बारे में अपनी राय बदलते हुए श्री मौर्य को मौजूदा सांसदों के बारे में फिर से रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। सांसदों के बारे में अपनी रिपोर्ट बनाने से पहले कुछ खास बिन्दुओं पर ध्यान देंगे। 

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प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालातों और विपक्ष के प्रस्तावित महागठबंधन के मद्देनजर केशव यह भी देखेंगे कि यदि किसी सांसद का संगठन के कामकाज के ज्यादा लगाव न रहा हो, लेकिन क्षेत्र में उसकी लोकप्रियता बरकरार है। ऐसे सांसद पर पार्टी दोबारा दांव खेल सकती है। ऐसे सांसद जो संगठन के भी काम न आए और क्षेत्रीय जनता के बीच भी अपनी लोकप्रियता खो चुके हों, उनके टिकट तो कटना तय है। केशव को यह भी देखने को कहा गया है कि टिकट कटने वाला सांसद दूसरी पार्टी में जाकर भाजपा को नुकसान तो नहीं पहुंचाएगा!

आधा दर्जन मंत्री और विधायक को भी उतारा जा सकता है 
इन सांसदों के स्थान पर कुछ कद्दावर मंत्रियों और सीनियर विधायकों को भी मैदान में उतारा जा सकता है। पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व की नजर में करीब आधा दर्जन मंत्री और इतने ही विधायक लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारे जा सकते हैं।

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  • Web Title:UP: BJP can cut tickets for 25 MPs deputy CM to review work