ज्ञानवापी पर फैसला देने वाले जज को विदेश से आ रही कॉल, इस केस को लेकर आए चर्चा में

Srishti Kunj हिन्दुस्तान टीम, बरेली
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ज्ञानवापी पर फैसला देने वाले जज रवि कुमार दिवाकर को विदेश से कॉल आ रही है। 20-25 दिन में 140 कोड वाले नंबरों से कई बार की गई कॉल। उन्होंने एसएसपी से शिकायत की है। वह बरेली में जज हैं। 

ज्ञानवापी पर फैसला देने वाले जज को विदेश से आ रही कॉल, इस केस को लेकर आए चर्चा में

ज्ञानवापी प्रकरण में फैसला देने के बाद चर्चा में आए जज रवि कुमार दिवाकर को पिछले कई दिन से विदेश से कॉल आ रही है। इसको लेकर उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई को कहा है। पत्र की एक कॉपी जिला जज को भी भेजी गई है। जज रवि कुमार दिवाकर ज्ञानवापी प्रकरण में फैसला देने के बाद चर्चा में आए थे। इन दिनों वह बरेली में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में जज हैं। 

बरेली में वर्ष 2010 में हुए दंगा केस में सुनवाई के दौरान मौलाना तौकीर रजा खां को मुख्य अभियुक्त बनाने के बाद पिछले दिनों वह दोबारा चर्चा में आ गए। इसमें उन्होंने मौलाना तौकीर रजा के वारंट जारी कर पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे। मगर इसके बाद केस उनकी अदालत से ट्रांसफर हो गया और फिर मौलाना को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई। 

लगातार कई बार आ चुकी कॉल
इसी बीच जज रवि कुमार दिवाकर को 140 से शुरू होने वाले नंबरों से कॉल आनी शुरू हो गईं। यह सिलसिला करीब 20-25 दिन से चल रहा है। हालांकि उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इसको लेकर उन्होंने एसएसपी सुशील घुले को पत्र लिखकर कार्रवाई को कहा है। पत्र की एक कॉपी जिला जज को भी भेजी गई है।

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ज्ञानवापी पर फैसले के बाद मिली थी सुरक्षा
वाराणसी में ज्ञानवापी प्रकरण में फैसला देने के बाद जज रवि कुमार दिवाकर को हाईकोर्ट के आदेश पर सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। यह सुरक्षा उन्हें बरेली में भी मिली हुई है। हालांकि एक बार बरेली पुलिस ने इसमें ढिलाई बरती तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्कालीन आईजी को पत्र लिखा था, जिसके बाद उनकी सुरक्षा फिर बढ़ा दी गई।

एसएसपी, सुशील घुले ने कहा कि इस मामले में जज साहब का पत्र मिला है। साइबर सेल को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

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लेखक के बारे में

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सृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।

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