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Hindi News उत्तर प्रदेशमातम में बदलीं ईद की खुशियां! दावत के बाद नहाने गईं चार बहनें सुआंव नाले में डूबीं

मातम में बदलीं ईद की खुशियां! दावत के बाद नहाने गईं चार बहनें सुआंव नाले में डूबीं

बलरामपुर में चार सगी बहनें सुआंव नाले में डूब गईं। घर में कोहराम मच गया। सुआंव नाला में शवों की गोताखोरों ने तलाश कर बाहर निकाले। चारों बहनों की मौत के बाद बकरीद की खुशियां मातम में बदल गईं।

मातम में बदलीं ईद की खुशियां! दावत के बाद नहाने गईं चार बहनें सुआंव नाले में डूबीं
three girls drown after falling into well in gujarat
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,रेहराWed, 19 Jun 2024 10:37 AM
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बलरामपुर के रेहरा बाजार में जिन चार बच्चियों डूबकर मौत हुई है, उनके घर ननिहाल में बकरीद मनाने की परंपरा वर्षों से कायम थी। 13 वर्षीय रेशमा इस बार ननिहाल जाने की कायल नहीं थी, लेकिन मां के दबाव में उसे जाना पड़ा। अहमदुल्लाह अत्यंत गरीब है। वह ईट भह्वे पर मजदूरी करके जीवन यापन करता है। चार सगी बहनों की मौत से ग्रामीणों का कलेजा दहल गया है। हर परिवार में चार बहनों की मौत पर चर्चा हो रही है। बकरीद की खुशियां कब मातम में बदल गईं। इस बात का पता ग्रामीणों को नहीं चला।

रेहरा बाजार क्षेत्र का गांव है कालूबनकट। यहां की निवासिनी नाजमा का विवाह कालूबनकट के अहमदुल्लाह के साथ हुआ था। नाजमा के नौ संताने हैं। हर साल माइके में बकरीद मनाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। कालूबनकट व मशीहाबाद ग्रिंट के बीच बमुश्किल दो किलोमीटर का फासला है। नाजमा हर साल बच्चों के साथ माइके में बकरीद मनाने आती थीं। सोमवार को वह अपनी चार पुत्रियों के साथ माइके आई थीं। वहां पर बकरे की कुर्बानी दी गई। पुत्रियों मां के साथ भोजन किया। अपनी मां से कहा कि उन्हें गर्मी अधिक लग रही है, इसलिए वे गांव के उत्तर 200 मीटर दूर सुआंव नाला में नहाने जा रही हैं। रेशमा ने बहनों को नाले में नहाने से रोका। कहा कि नाले का पानी गर्म होगा, लेकिन बहनों ने कहा नहीं मानीं और सुंआव में नहाने चली गईं। 

रेशमा (13), अफसाना (11), गुड्डी (09) व सात वर्षीय लल्ली सुआंव नाला में नहाने लगीं। नहाते समय वे गहरे पानी में उतरकर डूब गईं। इस बात का पता किसी को नहीं चल सका। घटना की जानकारी होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों की खोजबीन शुरू की। स्थानीय गोताखोरों के काफी मशक्कत करने के बाद चारों पुत्रियों का शव नाले से बाहर निकाला गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है।

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स्थानीय गोताखोरों ने बारी-बारी से निकाले चारों बहनों के शव
नाजमा ने दो घंटे तक बच्चियों का इंतजार किया। जब वे घर नहीं पहुंची तो खोजबीन शुरू हुई। नाजमा ने अपने पिता अहमदुल्लाह को बताया कि बच्चियां सुआंव नाले में नहाने गई थीं। यह बात सुनकर अहमदुल्लाह के होश उड़ गए। वह ग्रामीणों के साथ बेतहाशा नाले की ओर दौड़ पड़े। नाले की गहराई अधिक थी। स्थानीय गोताखोरों को दो घंटे तक कोई कामयाबी नहीं मिली। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
चार बच्चियों के मौत की सूचना मिलते ही कालूबनकट गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में कोई घर ऐसा नहीं था, जहां चूल्हा जला हो। अहमदुल्लाह के घर दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। कालूबनकट गांव में लोगों के आसू नहीं थम रहे थे। प्रभारी निरीक्षक ने शवों का पंचनामा कराकर कब्जे में ले लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, मामले की जांच की जा रही है।