ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेशअयोध्या श्रीरामजन्मभूमि परिसर में गोस्वामी तुलसीदास को भी मिलेगा स्थान, स्थल चयन पर की चर्चा

अयोध्या श्रीरामजन्मभूमि परिसर में गोस्वामी तुलसीदास को भी मिलेगा स्थान, स्थल चयन पर की चर्चा

श्रीरामजन्मभूमि परिसर में गोस्वामी तुलसीदास को भी स्थान मिलेगा। भवन-निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने प्रस्थान से पहले मंगलवार को पीएफसी का निरीक्षण किया। स्थल चयन पर भी विमर्श किया।

अयोध्या श्रीरामजन्मभूमि परिसर में गोस्वामी तुलसीदास को भी मिलेगा स्थान, स्थल चयन पर की चर्चा
Srishti Kunjकमलाकान्त सुन्दरम,अयोध्याWed, 08 May 2024 06:08 AM
ऐप पर पढ़ें

श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ने रामायण कालीन ऋषि-मुनियों के साथ श्रीरामचरितमानस महाकाव्य के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास महाराज के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करते हुए श्रीरामजन्म भूमि परिसर में उन्हें भी स्थान देने का निर्णय किया है। गोस्वामी तुलसीदास महाराज की मूर्ति परिसर में निर्माणाधीन तीर्थयात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) में स्थापित की जाएगी। इसके लिए मंगलवार को भवन निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने सुबह के सत्र में पीएफसी का निरीक्षण कर गोस्वामी तुलसीदास जी की मूर्ति स्थापना के लिए स्थान चयन पर विमर्श किया। इसके बाद वह वापस दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गये।

भवन-निर्माण समिति चेयरमैन मिश्र ने गोस्वामी तुलसीदास महाराज की मूर्ति स्थापना की पुष्टि करते हुए उन्हें पीएफसी में स्थान दिए जाने की जानकारी भी साझा की। गोस्वामी तुलसीदास को पहले भी यहां स्थान दिए जाने पर चर्चा की गई थी। पुनः तीर्थ क्षेत्र ने फैसला लिया कि सात मंदिरों में रामायण कालीन पात्रों को ही स्थान दिया जाएगा।

इसके कारण यहां महर्षि अगस्त्य, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि वाल्मीकि व महर्षि विश्वामित्र के अलावा माता शबरी, निषादराज व देवी अहिल्या के मंदिर निर्माण पर मुहर लगा दी गयी। फिर भी घर-घर पूजित श्रीरामचरितमानस और रामकथा को जन-जन तक पहुंचाने के उनके विशिष्ट योगदान को ध्यान में रखकर संत-समाज का बड़ा दबाव तीर्थ क्षेत्र पर था। यही कारण तीर्थ क्षेत्र की ओर से नया रास्ता निकाला गया।

अयोध्या राम मंदिर के दूसरे चरण का निर्माण इस साल नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य तय

राम मंदिर में विराजित रामलला का रेखाचित्र चित्रकार वासुदेव कामत ने ही बनाया था
राम मंदिर में विराजित रामलला का रेखाचित्र बनाने वाले पुणे महाराष्ट्र के प्रसिद्ध चित्रकार वासुदेव कामत को तीर्थ क्षेत्र ने फिर अहम जिम्मेदारी सौपी है। श्री कामत रामलला के रेखाचित्र के बाद अब प्रथम तल पर प्रतिष्ठित किए जाने वाले राम दरबार का भी आर्ट वर्क करेंगे। यह जानकारी भी भवन निर्माण समिति चेयरमैन मिश्र ने दी। उन्होंने बताया कि श्री कामत को राम मंदिर के लोअर प्लिंथ में रामायण के प्रसंगों के म्यूरल पेंटिंग निर्माण की जिम्मेदारी भी दी गई है।

परिसर में 500 दर्शकों की क्षमता वाले प्रेक्षागृह का भी होगा निर्माण
भवन निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने बताया कि श्रीरामजन्म भूमि परिसर में एक ऑडिटोरियम (प्रेक्षागृह) का निर्माण भी कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह प्रेक्षागृह पांच दर्शकों की क्षमता का होगा। बताया गया कि इस प्रेक्षागृह का नक्शा बन चुका है। इसकी डिजाइन कुछ विशेष प्रकार की बनाई गई है जिसमें विशिष्ट संतों के लिए निवास के लिए भी व्यवस्थाएं की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस प्रेक्षागृह निर्माण की कार्यदाई संस्था उत्तर राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) होगी। उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल के मिट्टी की गुणवत्ता की जांच के लिए स्वायल टेस्टिंग कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद अगले 15 दिनों में निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।