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अयोध्या में रामलला के आसन के बराबर होगी शेषावतार मंदिर की ऊंचाई, 14 मंदिरों का होगा निर्माण

अयोध्या में रामलला के आसन बराबर शेषावतार मंदिर की ऊंचाई होगी। राम मंदिर परिसर में ऑडिटोरियम की ड्राइंग-डिजाइन तैयार हो रही। पांच सौ की क्षमता के आडीटोरियम के बाद परिसर में कोई नया निर्माण नहीं होगा।

अयोध्या में रामलला के आसन के बराबर होगी शेषावतार मंदिर की ऊंचाई, 14 मंदिरों का होगा निर्माण
ayodhya ram mandir
Srishti Kunjकमलाकान्त सुन्दरम,अयोध्याSun, 26 May 2024 06:37 AM
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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर समेत जितने भी निर्माण होने हैं, उस पर अंतिम निर्णय हो चुका है। इसके बाद अब निर्माण के लिए नये आइटम को नहीं जोड़ा जाएगा। इस आशय का दावा शनिवार को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदेन सदस्य व भवन निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने किया। बताया गया कि यहां शेषावतार मंदिर समेत 14 अलग-अलग मंदिरों के निर्माण के अलावा एक आडीटोरियम का निर्माण किया जाना है। इस ऑडिटोरियम में पांच दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। इसी के साथ तीर्थ क्षेत्र का कार्यालय एवं संत निवास का भी निर्माण होगा। इस ऑडिटोरियम का निर्माण उत्तर-प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) की लखनऊ इकाई करेगी। 

तीर्थ क्षेत्र की ओर से यूपीआरएन एन को अनुबंधित किया गया है। निर्माण इकाई के अभियंताओं ने शनिवार की प्रगति समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान निर्माण संस्था ने ऑडिटोरियम के ड्राइंग-डिजाइन का प्रेजन्टेशन भी दिया। बताया गया कि डिजाइन को अंतिम रूप से तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टीज का अनुमोदन मिलने के बाद अगले माह निर्माण भी शुरू हो जाएगा। यह कार्य भी दिसम्बर 2024 में पूरा हो जाएगा।

बताया गया कि ऑडिटोरियम का निर्माण श्रीरामजन्म भूमि परिसर के दक्षिण-पश्चिम कोने पर कराया जाएगा। भवन निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने बताया कि निर्माणाधीन सप्त मंडपम के निकट शेषावतार मंदिर का वजूद पहले से था। उन्होंने बताया कि यह मंदिर धार्मिक व वास्तु (साइंस) की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इसकी ऊंचाई का निर्धारण कर लिया गया है जो कि रामलला के आसन (पैडस्टल) के बराबर होगी। 

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पीएफसी स्थित चिकित्सा केंद्र के संचालन के लिए अपोलो ग्रुप से हुआ अनुबंध
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि श्रीरामजन्म भूमि परिसर में स्थित पीएफसी में संचालित चिकित्सालय को अभी तीर्थ क्षेत्र की व्यवस्था में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में इसका संचालन अपोलो ग्रुप की ओर से किया जाएगा।  बताया गया कि इसके लिए शनिवार को तीर्थ क्षेत्र महासचिव और अपोलो ग्रुप के निदेशक की ओर से एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। बताया गया कि अपोलो ग्रुप का अपना सेवा विभाग है। यह विभाग यहां नि:शुल्क व्यवस्था में अस्पताल की व्यवस्था करेगा। यहां सभी आधुनिक उपकरण व कार्डियक सम्बन्धित व्यवस्थाएं व आईसीयू भी स्थापित किया जाएगा।

यात्री सुविधा केंद्र की हर सुविधाओं का भवन निर्माण समिति चेयरमैन ने किया सत्यापन
भवन निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन समीक्षा के पहले समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने यात्री सुविधा केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी सुविधाओं का सत्यापन भी किया। तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि पूर्वाह्न साढ़े नौ बजे से बैठक शुरू होने के पहले  निरीक्षण शुरू हुआ। बताया गया कि यहां प्रथम व द्वितीय तल पर एक-एक हजार व्यक्तियों के बैठने के लिए हॉल व स्टील कुर्सियों की व्यवस्था, आरोप प्लांट के साथ दो-दो सौ लीटर टंकियों के जरिए पेयजल की व्यवस्था भी की गयी है। इसके अलावा दोनों तल पर लॉकर की सुविधाएं भी हैं। बेसमेंट में चिकित्सालय व सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निर्माण किया गया है।