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दिव्य भव्य राममय माहौल में होगी राम लला मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, 22 जनवरी के लिए अयोध्या में तैयारी जारी

अयोध्या में अगले साल 22 जनवरी को जब रामलला मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी। दुनिया भर के श्रद्धालुओं को राम चरित मानस के बहुआयामी प्रसंगों से आधुनिक तकनीक के जरिए रूबरू कराने की तैयारी है।

दिव्य भव्य राममय माहौल में होगी राम लला मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, 22 जनवरी के लिए अयोध्या में तैयारी जारी
Srishti Kunjअजित खरे,लखनऊSat, 11 Nov 2023 07:05 AM
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अद्भुत.... अकल्पनीय व अविस्मरणीय....अयोध्या में अगले साल 22 जनवरी को जब रामलला मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी, तब कुछ ऐसा ही माहौल होगा। दुनिया भर के श्रद्धालुओं को राम चरित मानस के बहुआयामी प्रसंगों से आधुनिक तकनीक के जरिए रूबरू कराने की तैयारी है। राम के लिए पौराणिक काल से अब तक जिन शख्सयितों ने अपने कार्यकाल में जिस रूप में जो किया, उसे भी दिखाने की तैयारी है। 

इसके लिए मशहूर निर्माता निर्देशक चंद्रप्रकाश व लेखक गीतकार प्रसून जोशी ने विशद कार्ययोजना बनाई है। इसे यूपी सरकार नए सौंदर्याबोध, आस्था व कुशलता के साथ पेश करने की तैयारी में है। तमाम आकर्षक कार्यक्रम प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले 15 जनवरी से ही शुरू करने की योजना है। कुछ कार्यक्रम फरवरी- मार्च तक चलेंगे। 

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डिजिटल टनल 
अयोध्या में जल्द डिजिटल टनल बनाई जाएगी। 45 फीट लंबी,  20 फीट चौड़ी व 20 फीट ऊंची इस टनल में लाइट एंड साउंड प्रोजेक्शन के जरिए राम की गाथा को पेश किया जाएगा। प्रति घंटे 3600 लोग इस टनल में जाकर इन दृश्यावलियों को देख सकेंगे।

सिख गुरुओं ने श्रीराम में जताई थी श्रद्धा
सिखों के पवित्र गुरू ग्रंथ साहिब में श्री राम का अनेक बार वर्णन हुआ है। सिखों के गुरु अर्जुन देव व गुरु गोविंद सिंह ने अयोध्या की यात्रा की थी। सम्राट अकबर के शासनकाल में ढले सिक्कों में श्रीराम की छवि उकेरी गई थी। इन सब इतिहास को भी पेश किया जाएगा। राम मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले कारसेवकों समेत अनेकों अनेक प्रमुख लोगों को भी याद किया जाएगा। संस्कृत में रामायण का वाचन भी होगा।
 
राम चरित के रचयिताओं की लगेंगी मूर्तियां
राम चरित मानस की रचना करने वाले तुलसी दास, वाल्मीकि रामायण रचने वाले महर्षि वाल्मीकि, तमिल में रामायण लिखने वाले कविवर कंबन समेत तमाम कवियों की प्रतिमाएं अयोध्या में जगह-जगह लगेंगी। रामायण के विविध प्रसंग रचे जाएंगे लंका दहन, लंका से श्रीराम की वापसी व राज्याभिषेक भी अनूठे अंदाज में पेश होगा। इसके अलावा राम के जीवन के विभिन्न घटनाओं व पक्षों को दिखाती पेंटिंग बनेगी। आकाश, धरती व समुद्र में राम की यात्रा भी दिखेगी।

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