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अयोध्या राम मंदिर में आठ द्वारों का होगा निर्माण, सप्त मंडप के फाउण्डेशन का काम तेज

अयोध्या राम मंदिर में आठ द्वारों का निर्माण होगा। परकोटे के बेसमेंट से ऊपर भूतल की दीवार और सभी छह मंदिरों की दीवारों पर कलाकृतियों का भी निर्माण चल रहा है। सप्त मंडप के फाउण्डेशन का काम तेज हुआ।

अयोध्या राम मंदिर में आठ द्वारों का होगा निर्माण, सप्त मंडप के फाउण्डेशन का काम तेज
Srishti Kunjकमलाकान्त सुन्दरम,अयोध्याMon, 13 May 2024 07:47 AM
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राम मंदिर की परिधि में अलग-अलग प्रवेश व निकास के लिए छह द्वार का निर्माण कराया जाएगा। इनमें जन्मभूमि पथ से प्रवेश के अलावा अंगद टीला से होकर आने वाला निकास द्वार तो तय हो चुका है। इसके अलावा क्रासिंग थ्री जो वीवीआईपी प्रवेश व निकास का द्वार था, उसे इन दिनों निर्माण सामग्रियों की लोडिंग व अनलोडिंग के लिए प्रयोग किया जा रहा है।

ऐसे में इस प्रवेश द्वार के बजाय क्रासिंग 11 को वीवीआईपी मार्ग के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त एक उत्तरी द्वार भी निर्माणाधीन है। शेष क्रासिंग वन और टू भविष्य में विशेष प्रयोजन के लिए रखे जा सकते हैं लेकिन इस पर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। वहीं इन दो द्वारों के अलावा भी तीन और प्रवेश द्वारों पर मंथन चल रहा है।

श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा. अनिल मिश्र बताते हैं कि राजकीय निर्माण निगम को प्रवेश द्वारों के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है । उन्होंने बताया कि क्रासिंग 11 व उत्तरी गेट की साइज और नाप उपलब्ध होने के बाद इन दोनों का निर्माण निगम की ओर से जल्द शुरू किया जाएगा जबकि बाकी का। साइज व नाप-जोख उपलब्ध होने के बाद दिया जाएगा। तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा मिश्र ने जानकारी दी कि परकोटे के छह मंदिरों के निर्माण के लिए भूतल पर भूमि पूजन के बाद आगे का निर्माण शीघ्र शुरू होगा। इसके पहले बेसमेंट का कार्य पूरा हो चुका है और मंदिर के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। 

उन्होंने बताया कि परकोटे में प्रस्तावित छह मंदिरो की दीवाल और उसमें लगने वाली कलाकृतियों को स्थापित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। यह परकोटा भी मंदिर के साथ-साथ पूर्ण होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि  दिसंबर तक मंदिर आकार ले लेगा और मार्च 2025 तक फिनिशिंग भी पूरा हो जाएगा। इसी तरह से शेषावतार मंदिर की फाउंडेशन पहले से तैयार है। यहां मंदिर के ढांचे का निर्माण होना बाकी है।

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राम मंदिर में कार्यरत हैं दो हजार श्रमिक
श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा मिश्र के अनुसार राम मंदिर में दो हजार श्रमिक इन दिनों कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के आयोजन के लिए पर्याप्त जगह की आवश्यकता थी इसलिए रामायण कालीन ऋषियों व अन्य पात्रों के सप्त मंदिरों के निर्माण को रोक दिया गया था। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह कार्य भी प्रगति पर है। इन मंदिरों के फाउण्डेशन का उत्खनन व उसकी भरपाई का काम अलग-अलग चल रहा है। बहुत जल्द निर्माण की प्रगति सार्वजनिक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) का ग्राउंड फ्लोर बनकर तैयार हो चुका है। बेसमेंट पहले से ही तैयार है और प्रथम तल के बाद द्वितीय तल भी पूर्णता की तरफ है। वह भी दिसंबर तक पूर्ण हो करके कार्यदाई एजेंसी तीर्थ क्षेत्र को हैंड ओवर कर देगी।