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राम मंदिर के प्रथम तल में राम दरबार का आसन होगा स्वर्ण जड़ित, ऐसे होंगे मूर्तिकार सेलेक्ट

राम मंदिर के प्रथम तल में राम दरबार का आसन भी स्वर्ण जड़ित होगा। टेण्डर के जरिए मूर्तिकारों का चयन होगा। भवन निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र बोले जून के अंत में टेण्डर खोला जाएगा।

राम मंदिर के प्रथम तल में राम दरबार का आसन होगा स्वर्ण जड़ित, ऐसे होंगे मूर्तिकार सेलेक्ट
Srishti Kunjकमलाकान्त सुन्दरम,अयोध्याMon, 24 Jun 2024 09:24 AM
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राम मंदिर की समीक्षा बैठक के दौरान तय हो गया कि प्रथम तल पर निर्मित गर्भगृह में राम दरबार की स्थापना जिस आसन (पैडस्टल) पर की जाएगी, वह भी स्वर्ण जड़ित होगा। भवन-निर्माण समिति की इस बैठक में आसन की साइज़ जिसमें लंबाई-चौड़ाई व ऊंचाई का भी निर्धारण किया गया। इसके साथ अष्टकोणीय गर्भगृह के संगमरमर के पत्थरों पर नक्काशी व दीवारों एवं स्तम्भों पर आइकोनोग्राफी के जरिए अलग-अलग मूर्तियों के उत्कीर्ण कराने के विषय पर भी गहन मंथन किया गया। इसके पहले राम मंदिर निर्माण के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा ने प्रजन्टेशन के जरिए पूरे गर्भगृह के दृश्य की परिकल्पना को प्रस्तुत किया।

भवन निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने दावा किया कि राम मंदिर के प्रथम तल का निर्माण कार्य जुलाई के आखिरी माह में पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि द्वितीय तल का निर्माणाधीन कार्य चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रथम तल में राम दरबार के विग्रह को संगमरमर से पत्थर बनवाने पर सहमति बन गई है। मूर्तिकारों का चयन तकनीक और निर्माण की तिथि के आधार पर किया जाएगा। टेण्डर जून के अंत तक खोला जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मूर्तियों के लिए चार स्कल्पचर को शार्ट लिस्ट किया गया है। खास बात है कि इस स्कल्पचर का निर्माण रक्षा मंत्रालय के उद्यम मेसर्स मिधानी की ओर से किया गया है। 

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जानकारी के अनुसार मेसर्स मिधानी ने मूर्तियों के लिए संगमरमर के बजाय टाइटेनियम का सुझाव दिया था। इस सुझाव में बताया गया कि यह टाइटेनियम मिश्रित धातुओं से निर्मित उच्च शक्ति व कठोरता के साथ कम घनत्व वाला होगा और इसका संरक्षण लंबे समय तक हो सकेगा। संस्था ने अपने कथन की पुष्टि में इसके लिए 'अशोक' प्रतीक का प्रजन्टेशन भी दिया था। फिर भी बोर्ड आफ ट्रस्टीज के बीच टाइटेनियम पर आम सहमति नहीं बन सकी। फिलहाल इसी संस्था ने मूर्तियों का अलग-अलग स्कल्पचर बनाया था जिसमें से चार अलग-अलग स्कल्पचर को चयनित किया गया है। इसी आधार पर आगे राम दरबार का निर्माण कराया जाएगा।

मार्च 2025 तक पूरा हो पाएगा परकोटा व उसमें निर्माणाधीन छह मंदिर
भवन-निर्माण समिति चेयरमैन मिश्र का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों में निर्माणाधीन कार्य संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि परकोटा व उसके चारों कोण एवं दोनों भुजाओं पर निर्माणाधीन छह मंदिरों का निर्माण मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय है। उस लक्ष्य के अनुसार काम आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सभी छह मंदिरों का निर्माण एक साथ चल रहा है। इन मंदिरों के निर्माण कार्य के लिए निर्धारित डिजाइन के अनुसार अलग-अलग दस स्थानों पर कार्य किए जा रहे हैं।

जून के अंत तक दो करोड़ श्रद्धालु रामलला का दर्शन कर लेंगे: नृपेन्द्र मिश्र
भवन-निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र का दावा है कि जून माह के अंत तक दो करोड़ श्रद्धालु रामलला का दर्शन कर लेंगे। उन्होंने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से हर दिन औसतन एक लाख श्रद्धालु रामलला का दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी से लेकर 22 जून तक एक करोड़ 75 लाख दर्शनार्थी रामलला का दर्शन कर चुके हैं। उनका यह भी दावा रहा है भीषण गर्मी के इस मौसम में भी जिस तरह बिना किसी असुविधा के श्रद्धालुओं ने यहां आकर दर्शन किया, यह बड़ी बात है। उन्होंने चंदन-टीका को लेकर प्रसारित सूचनाओं को भ्रामक बताते हुए उसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से लागू किसी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।