
अयोध्या राम मंदिर के प्रथम तल पर भी होगा अष्टकोणीय गर्भगृह का निर्माण
अयोध्या राम मंदिर के प्रथम तल पर भी अष्टकोणीय गर्भगृह का निर्माण होगा। एल एण्डटी के परियोजना निदेशक वीके मेहता के अनुसार प्रथम तल का स्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार है। पत्थरों का काम पूरा हो गया है।
राम मंदिर के भूतल के गर्भगृह की तरह प्रथम तल का गर्भगृह भी अष्टकोणीय ही बन रहा है। मंदिर निर्माण की एजेंसी एलएण्डटी के परियोजना निदेशक वीके मेहता के दावे के अनुसार प्रथम तल का स्ट्रक्चर लगभग पूरा हो गया है। वह कहते हैं कि फ्लोरिंग व दरवाजे का काम शेष हैं। बताया गया कि फ्लोरिंग का काम शुरू हो गया है और दरवाजों के निर्माण का काम रामसेवकपुरम में चल रहा है।
प्रथम व द्वितीय तल के दरवाजे भी होंगे स्वर्ण जड़ित
बताया गया कि भूतल में 18 दरवाजे लगाए गये है जो कि अलग-अलग चार तरह के है। इन चारों तरह के अलग-अलग दरवाजों की डिजाइन भी अलग-अलग हैं। उसी तरह से प्रथम तल व द्वितीय तल इन दोनों में 12-12 दरवाजे लगाए जाएंगे। यह सभी दरवाजे स्वर्ण जड़ित होंगे जो कि दिल्ली स्थित ज्वेलर्स की ओर से दरवाजों पर जड़े जाएंगे। इसके पहले रामसेवकपुरम में निर्माणाधीन दरवाजों की जिम्मेदारी मेसर्स अनुराधा इंटरनेशनल टिम्बर, हैदराबाद, तेलंगाना को दी गई है। इस एजेंसी के निदेशक शरद बाबू ने बताया कि भूतल की तरह ही प्रथम व द्वितीय तल के दरवाजों में तीन अलग-अलग डिजाइन के होंगे। बताया गया कि इनका निर्माण भी कन्याकुमारी तमिलनाडु के ही कारीगरों के द्वारा किया जा रहा है।
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द्वितीय तल पर पत्थरों का काम हो गया है शुरू
एलएण्डटी के परियोजना निदेशक वीके मेहता बताते हैं कि प्रथम तल के स्ट्रक्चर के निर्माण के बाद द्वितीय तल का निर्माण शुरू कर दिया गया है और पत्थरों को लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे राम मंदिर में करीब साढ़े चार लाख घन फुट राजस्थान के बंशी पहाड़पुर के रेड सैंड स्टोन का इस्तेमाल होना था।

उन्होंने बताया कि राजस्थान की भरतपुर कार्यशाला में इन पत्थरों की तराशी का काम हो रहा है और वहीं से तराशे पत्थरों की आपूर्ति भी अनवरत हो रही है। उन्होंने बताया कि द्वितीय तल के निर्माण के लिए भी तराशे गये पत्थरों की आपूर्ति वहीं से हो रही है। बताया गया कि द्वितीय तल के निर्माण का लक्ष्य भी अगस्त 2024 निर्धारित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि निर्धारित समय में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद राम मंदिर के शिखर का निर्माण शुरू होगा जिसकी ऊंचाई मंदिर की सतह से 161 फिट होगी।
भूतल में गर्भगृह के साथ दस दरवाजे हैं स्वर्ण जड़ित: डॉ अनिल
श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा अनिल मिश्र ने बताया कि प्रथम व द्वितीय तल के दरवाजों को स्वर्ण जड़ित करने पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि भूतल में गर्भगृह के साथ दस दरवाजे स्वर्ण जड़ित है जबकि स्टोर के दरवाजों को स्वर्ण जड़ित नहीं किया गया है। भूतल में दरवाजों को स्वर्ण जड़ित करने का काम तीर्थ क्षेत्र की अनुमति से गुजरात के रामभक्त की ओर से कराया गया है।





