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Hindi News उत्तर प्रदेश...सीएम MBBS डिग्री हासिल किए हैं, योगी ने डेंगू पर सपा विधायक की लगाई क्लास तो बोले अखिलेश यादव

...सीएम MBBS डिग्री हासिल किए हैं, योगी ने डेंगू पर सपा विधायक की लगाई क्लास तो बोले अखिलेश यादव

यूपी विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन एक बार फिर सीएम योगी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच तकरार हुई। योगी ने जब डेंगू पर क्लास लगाई तो अखिलेश ने कहा कि सीएम एमबीबीएस डिग्री हासिल किए हैं।

...सीएम MBBS डिग्री हासिल किए हैं, योगी ने डेंगू पर सपा विधायक की लगाई क्लास तो बोले अखिलेश यादव
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊWed, 29 Nov 2023 08:11 PM
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यूपी विधानसभा में एक बार फिर सीएम योगी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। दोनों में कई बार वार-पलटवार हुआ। डेंगू पर रोकथाम को लेकर सरकार पर अखिलेश यादव ने निशाना साधा तो सीएम योगी ने करारा जवाब दिया। एक तरह से सपा विधायक की क्लास लगा दी। विस्तार से बताया कि डेंगू क्या होता है। क्यों फैलता है। डेंगू किस तरह की बीमारी है। इस पर अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सीएम एमबीबीएस डिग्री हासिल किए हैं। 

पहले नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में लोगों को डेंगू का इलाज नहीं मिल रहा और लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए मजबूर हैं। नेता प्रतिपक्ष और सपा विधायकों के सवालों का जवाब उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक दे रहे थे। विपक्षी विधायकों के शोर-शराबे के बीच योगी खड़े हुए और उन्होंने चुन-चुनकर सारे आरोपों का जवाब दिया। 

योगी ने कहा कि विपक्ष ने डेंगू पर जैसा प्रश्न किया, वैसा ही उसका उन्हें उत्तर मिल रहा है। जब प्रश्न ही  उल्टा था तो उस उल्टे प्रश्न को सही करने का प्रयास था। अभी आपने आधा ही जवाब सुना है, पूरा सुनेंगे तो संभवतः पुराना इतिहास याद आने लगेगा। सीएम योगी ने कहा कि डेंगू को लेकर सरकार पहले से ही अवेयर थी। अंतरविभागीय समन्वय से संचारी रोग नियंत्रण के लिए सरकार ने गंभीर प्रयास किया है। आपने सिर्फ डेंगू की बात की है, लेकिन जब वेक्टर बांड डिजीज की बात करते हैं तो उसमें डेंगू के साथ मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार जैसी डिडीज भी आती हैं। इन सभी से संबंधित वेक्टर बांड डिजीज हों या वाटर बांड डिजीज हों, इनके उपचार के लिए सरकार के स्तर पर एक समन्वित प्रयास किया गया है। 

योगी ने उत्तर प्रदेश में क्षेत्रवार बीमारियों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ आबादी का राज्य है और स्वाभाविक रूप से अलग-अलग क्लाइमेटिक जोन होने के नाते अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग बीमारियां देखने को मिलती हैं। जैसे आप ईस्टर्न यूपी से चलकर के नेपाल की तराई से लेकर सहानपुर तक देखेंगे तो इंसेफेलाइटिस से पूरा क्षेत्र प्रभावित था। अगर आप बरेली और बदायूं के आसपास के क्षेत्र को देखेंगे तो यह मलेरिया से ज्यादा संक्रमित रहता था। वाराणसी से प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर होते हुए फिरोजाबाद और आगरा तक पहुंचेंगे तो यह पूरा क्षेत्र  डेंगू से प्रभावित है। 

बुंदेलखंड क्षेत्र में देखेंगे तो यह पूरा क्षेत्र चिकनगुनिया से प्रभावित है। बिहार से सटे हुए जो क्षेत्र हैं वहां पर कालाजार ज्यादा प्रभावी रूप से देखने को मिलता था। उन्होंने कहा कि आपने सिर्फ डेंगू की चिंता की, डेंगू पूरी तरह से नियंत्रण में हैं जो सरकार के द्वारा समय से उठाए गए कदमों का परिणाम है। 

ब्लड ट्रिप नहीं प्लेटलेट कहते हैं
सीएम योगी ने डेंगू के विषय में कहा कि यह एक प्रकार का फ्लू है। इसका अपना एक साइकिल होता है। मुझे आश्चर्य होता है कि जो सदस्य यह विषय उठा रहे थे वो जब चिल्ला रहे थे तो मुझे उनके स्वास्थ्य की भी चिंता हो रही थी। आपने जो बात कही है, वो ब्लड ट्रिप नहीं है उसको प्लेटलेट्स कहते हैं। वह पर्याप्त मात्रा में हर जनपद में उपलब्ध है। पहले क्या होता था कि हम पूरा ब्लड चढ़ाते थे। हर एक पेशेंट पर पूरे ब्लड की आवश्यकता नहीं है, खासतौर पर जो वायरल जनित बीमारियां होती हैं जिनमें डेंगू है या बहुत सारे ऐसे वायरस आते हैं जो प्लेटलेट्स काउंट को कम करते हैं। हम उस स्थिति में प्लेटलेट्स की अतिरक्ति आपूर्ति करते हैं। उसके लिए हर जनपद में ब्लड सेपरेटर यूनिट दी जा चुकी है। वे काम कर रही हैं। हर जगह सरकार के स्तर पर बेहतर प्रयास हुआ है। 

योगी ने अखिलेश यादव और सपा पर हमला करते हुए कहा कि समस्या इस बात की नहीं है कि हम समस्या के समाधान की ओर जाएं, समस्या केवल हर मुद्दे का राजनीतिकरण करके समाज में अव्यवस्था पैदा करना है। लोगों में असंतोष पैदा करने का जो कुत्सित प्रयास किया जाता है वो तो कोरोना कालखंड में भी लोगों ने देख लिया था, जब आप लोगों को बहका रहे थे कि वैक्सीन मत लगवाना, ये तो मोदी वैक्सीन है।

परिणाम क्या है, मोदी जी के शासनकाल में, उनके मार्गदर्शन में हमारे वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई दोनों वैक्सीन दुनिया की सबसे प्रभावी वैक्सीन हैं। दुनिया के तमाम देशों में कोरोना महामारी के मामले बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि भारत और उत्तर प्रदेश में कोरोना कंट्रोल में है। प्रदेश में कहीं कोई समस्या नहीं है। सरकार आपके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर पूरी तरह सतर्क है। अब तो वैसे भी डेंगू के मामले समाप्ति की ओर हैं।उन्होंने अंत में पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि काफी समय हो गया है मंत्री पद से हटे हुए तो आप भूल गए होंगे तो आपके संज्ञान में लाने के लिए ये जानकारी दी गई है। इधर होते तो हो सकता है कि कुछ लॉलीपॉप मिल भी जाता, लेकिन वहां रहकर आपको कभी नहीं मिलना है।

क्या बोले अखिलेश यादव
इस पर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर तंज करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि उन्हें एमबीबीएस की डिग्री मिल गई है। यादव ने प्रदेश के अस्पतालों में उपचार के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी वजह से राज्य में अनेक लोगों की मौत हुई है। यादव ने ऐसे कथित मामलों का हवाला दिया जहां डेंगू से पीड़ित लोगों को राज्य की राजधानी में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जाना पड़ा जिसके परिणामस्वरूप पर्याप्त उपचार के अभाव में मरीजों की मौत हो गई।

इससे पहले अखिलेश यादव, सपा विधायक लालजी वर्मा और अन्य ने मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि अपर्याप्त इंतजाम के कारण प्रदेश में डेंगू से हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने राज्य के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक पर अन्य मामलों में अधिक रुचि लेने और अन्य विभागों के कामकाज पर अपनी ऊर्जा लगाने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने डेंगू से जान गंवाने वालों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने और निजी अस्पतालों में इलाज पर हुए खर्च की भरपाई करने की भी मांग की। अखिलेश यादव ने कहा कि जो सरकार डेंगू जैसी बीमारी का इलाज नहीं करा पा रही है, वह एक हजार अरब की अर्थव्यवस्था का सपना देख रही है। अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए एम्बुलेंस, स्ट्रेचर और बेड उपलब्ध नहीं हैं।

अखिलेश ने कहा कि यह सरकार की अक्षमता के कारण हुआ, जिसके कारण मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज न मिलने पर निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि सपा सदस्य शोर मचाने में अधिक रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि 2017 से पहले राज्य में अस्पतालों की क्या स्थिति थी। प्रदेश में सपा की पिछली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पाठक ने उस समय प्रदेश में 'इंसेफेलाइटिस' बीमारी से बड़ी संख्या में हुई मौतों का भी जिक्र किया।