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Hindi News उत्तर प्रदेशनिवेश के नाम पर लोगों से ठगी, बड़ी रकम की लेन-देन को लिमिट खाते खोलकर लूटा

निवेश के नाम पर लोगों से ठगी, बड़ी रकम की लेन-देन को लिमिट खाते खोलकर लूटा

अलीगढ़ में पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने के शातिर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हरदुआगंज के शख्स से 35 लाख रूपए की ऑनलाइन ठगी की थी। कई से उसने मोटी रकम वसूल की थी।

निवेश के नाम पर लोगों से ठगी, बड़ी रकम की लेन-देन को लिमिट खाते खोलकर लूटा
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,अलीगढ़Mon, 17 Jun 2024 11:02 AM
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अलीगढ़ में पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने के आगरा निवासी शातिर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हरदुआगंज के शख्स से 35 लाख रूपए की ऑनलाइन ठगी की थी। पुलिस को जालसाज द्वारा अब तक कई करोड़ रुपये इधर से उधर कराने के भी सबूत मिले हैं। इस पर साइबर थाना पुलिस काम कर रही है। पुलिस के अनुसार हरदुआगंज अहीरपाड़ा के दिनेश शर्मा के साथ मार्च माह में शेयर मार्केट में निवेश के ऑनलाइन ऑफर में 35 लाख रुपये की ठगी हुई थी।

मुकदमा साइबर थाना में दर्ज कराया गया। इंस्पेक्टर साइबर थाना व उनकी टीम ने जब इस मुकदमे पर काम शुरू किया तो रविंद्र राठौर उर्फ बंटी निवासी 83- ओमश्री फेस-1, सैमरी रोड केसीएस स्कूल के पास कौलक्खा ताजगंज आगरा का नाम सामने आया। जिसके बाद पुलिस पीछे लग गई। मगर उसकी लोकेशन लगातार बदल रही थी। कभी लखनऊ, कभी जोधपुर, कभी आगरा उसकी लोकेशन आ रही थी। मूल पते से उजागर हुआ कि उसके पिता व भाई आदि परिजन बंगलूरू में जा बसे हैं। खुद यहां अकेले रहता है। संपत्ति भी खुर्द बुर्द हो गई है। किराये पर ही इधर उधर रहता है। 

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बैंक कर्मी बनकर पुलिस ने जुटाई जानकारी
जानकारी के बाद सर्विलांस से लोकेशन पर जाकर पुलिसकर्मियों ने खुद को बैंककर्मी बनकर इसके विषय में जानकारी जुटाई। जानकारी पुख्ता होने और पहचान होने पर पता चला कि यह किराये पर रहता है। शनिवार को उसे दबोच लिया गया। इस गिरफ्तारी टीम में इंस्पेक्टर साइबर थाना सुरेंद्र कुमार, एसआई समरपाल सिंह आदि रहे।

लिमिट खाते खोलकर करता है ठगी
हरदुआगंज के व्यक्ति से शेयर में निवेश के नाम पर ठगी के मामले में जो बंधन बैंक का लिमिट खाता सामने आया। वह गिरफ्तार रविंद्र राठौर के पिता के नाम से है। उसी खाते में • ठगी की रकम हैकरों ने ट्रांसफर की थी। उस खाते को खुलवाने में उसने पिता के नाम से फर्म बनवाई। उसमें पिता का आधार कार्ड और पिता के नाम से खरीदी गई सिम प्रयोग की। इसके जरिये खाते को ई-बैंकिंग में ले आया। इसी तरह वह फिरोजाबाद, आगरा व नोएडा के बेरोजगार, नशे के आदि लोगों के नाम से लिमिट खाते खोलता था। लिमिट खाते खोलने के पीछे मकसद था कि बड़ी रकम आसानी से इधर से उधर होती है।

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