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अलीगढ़ पहुंचा डिजिटल अरेस्ट का झांसा, रेप केस में बेटा फंस गया है बताकर डॉक्टर से ठग लिए रुपए

अलीगढ़ में एक डॉक्टर से साइबर ठगों ने बेटे की गिरफ्तारी का डर दिखाकर एक लाख रुपये की ठगी कर ली। शातिरों ने फोन करके कहा आपका बेटा रेप में गिरफ्तार हुआ है। एक लाख रुपए में मामला निपटेगा।

अलीगढ़ पहुंचा डिजिटल अरेस्ट का झांसा, रेप केस में बेटा फंस गया है बताकर डॉक्टर से ठग लिए रुपए
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,अलीगढ़Tue, 28 May 2024 12:44 PM
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अलीगढ़ में बन्नादेवी थाना क्षेत्र के एक चिकित्सक से साइबर ठगों ने बेटे की गिरफ्तारी का डर दिखाकर एक लाख रुपये की ठगी कर ली। शातिरों ने डॉक्टर से कहा कि आपका बेटा रेप केस में गिरफ्तार हुआ है। एक लाख रुपए में मामला निपटेगा। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।

आईटीआई रोड स्थित एडवोकेट कालोनी निवासी डा. रामप्रसाद शर्मा का शिवपुरी में प्रकाश क्लीनिक के नाम से क्लीनिक है। बीते पांच मई को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले शातिर ने तीन लड़के एक लड़की के साथ पकड़े गए हैं। आपका बेटा बाहर खड़ा था। उन लड़कों ने आपके बेटे का नाम लिया है। ऐसे में उसे थाने ले आए हैं। इसके लिए एक लाख रुपये दो अगर उसे बचाना है तो। शातिर ने खुद को थाना सदर दिल्ली से बताया। फोन भी काटने नहीं दिया। 

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इसी बीच बेटे की आवाज में एक आवाज भी सुनवाई जिससे उन्हें बेटे के साथ होने का शक हो जाए। इसी बीच रामप्रकाश दहशत में आ गए। दो बार में उन्होंने अपने परिचित के फोन से बताए गए नंबर पर 50-50 हजार रुपए ट्रांसफर करा दिए। इसके बाद शातिरों ने फिर से थाने के मुंशी के नाम पर 50 हजार रुपए की मांग कर दी। शक होने पर रामप्रकाश ने एक पुलिस अधिकारी से संपर्क किया,तब जाकर उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित रामप्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने बताए गए नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

क्या होता है डिजिटल अरेस्ट

साइबर ठगों ने जालसाजी का नया तरीका निकाला है। इसके तहत अपराधी फोन पर लोगों को फंसाते हैं और उन्हें किसी फर्जी केस की बात कहते हैं। पीड़ित को पुलिस और केस का डर दिखाकर उनसे पैसे मांगे जाते हैं। इस बीच उन्हें किसी से बात करने की इजाजत नहीं दी जाती है। उन्हें वीडियो कॉल पर रखकर ही पैसे की मांग की जाती है। परिजनों के पुलिस केस में फंसने की झूठी खबर पर हड़बड़ी में कई लोग पैसा दे देते हैं।

डिजिटल अरेस्ट का फोन आए तो क्या करें 

अगर आपको आपके किसी रिश्तेदार के किसी केस में फंसने की खबर वीडियो कॉल के जरिए फोन करके कोई बताए तो उस पर बिल्कुल यकीन ना करें। पहली बात तो ये कि पुलिस किसी की गिरफ्तारी की खबर परिवार को वीडियो कॉल पर नहीं देती। और अगर फोन करके देती भी है तो ये नहीं कहती कि वो तब तक फोन पर बना रहेगा जब तक घूस का पैसा नहीं दे देता। ऐसा कोई फोन आए तो फोन काट दें और रिपोर्ट कर दें। तसल्ली ना हो तो जिसकी गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसा मांगा गया हो, एक बार उसे फोन करके चेक कर लें।