ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेशअस्पताल के ऊपर चल रहा था देह व्यापार का अड्डा, सीसीटीवी फुटेज देखकर लेते कमीशन

अस्पताल के ऊपर चल रहा था देह व्यापार का अड्डा, सीसीटीवी फुटेज देखकर लेते कमीशन

आगरा में हॉस्पिटल के ऊपर देह व्यापार का अड्डा चल रहा था। पुलिस ने पांच महिलाएं और तीन पुरुषों को पकड़ा था। बिल्डिंग का मालिक सीसीटीवी फुटेज देखकर ग्राहकों के हिसाब से कमीशन लिया करता था।

अस्पताल के ऊपर चल रहा था देह व्यापार का अड्डा, सीसीटीवी फुटेज देखकर लेते कमीशन
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,आगराThu, 30 May 2024 09:28 AM
ऐप पर पढ़ें

आगरा के बोदला-बिचपुरी रोड स्थित मृत्युंजय हॉस्पिटल के ऊपर देह व्यापार का अड्डा चल रहा था। पुलिस ने पांच महिलाएं और तीन पुरुषों को पकड़ा था। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि बिल्डिंग का मालिक सीसीटीवी फुटेज देखकर कमीशन लिया करता था। उसे इस बात की जानकारी थी कि फ्लैट में देह व्यापार का अड्डा चल रहा है। उसका ऑफिस फ्लैट के पास ही था।

बोदला-बिचपुरी मार्ग पर अमर पैलेस नाम से दो मंजिला इमारत है। इमारत का मालिक बोदला निवासी अमर सिंह है। इमारत में नीचे मृत्युंजय हॉस्पिटल चलता है। दूसरी मंजिल को मुस्कान ने किराए पर ले रखा था। मंगलवार को उसी में देह व्यापार का अड्डा पकड़ा गया था। संचालिका सहित पांच महिलाएं पकड़ी गई थीं। दो ग्राहक भी मौके पर मिले थे। पुलिस ने भवन स्वामी अमर सिंह को भी पकड़ा था।

ये भी पढ़ें: चांदी चुराई, आइसक्रीम खाई और नए कपड़े पहनकर चले गए चोर, पुलिस को दी खुली चुनौती

एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि मुकदमे में मुस्कान के पति को वांछित किया गया है। वह मौके से भाग गया था। उसकी तलाश की जा रही है। मुस्कान ने पूछताछ में बताया कि अमर सिंह को यह पता था कि उसके फ्लैट में गलत काम होता है। वह फ्लैट के किराए के अलावा उसे कमीशन भी दिया करती थी। मुस्कान ने पुलिस को बताया कि अमर सिंह ने सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। वह कैमरे में यह देखा करता था कि फ्लैट में कितने पुरुष आ रहे हैं। 

ग्राहकों के हिसाब से कमीशन लेता था। वहीं अमर सिंह ने पूछताछ में आरोपों को बेबुनियाद बताया। उसने कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने बताया कि महिला के बयान के आधार पर अमर सिंह को आरोपित बनाया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।