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Hindi News उत्तर प्रदेशघर वालों से नहीं मिला प्यार तो बाहर ढूंढा, छात्राओं ने लिव-इन पार्टनरों संग किया ये, अब हुई शिकायत

घर वालों से नहीं मिला प्यार तो बाहर ढूंढा, छात्राओं ने लिव-इन पार्टनरों संग किया ये, अब हुई शिकायत

मैडम, हमारे घरवाले हमें प्यार नहीं करते, लिवइन में रहेंगे। ये उन छात्राओं ने कहा है जिनके खिलाफ आशा ज्योति केंद्र में शिकायत पहुंची है। इनके पार्टनरों ने इनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।

घर वालों से नहीं मिला प्यार तो बाहर ढूंढा, छात्राओं ने लिव-इन पार्टनरों संग किया ये, अब हुई शिकायत
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,आगराMon, 24 Jun 2024 10:21 AM
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मैडम, हमारे घरवाले हमें प्यार ही नहीं करते। किसी भी बात में हमारा साथ नहीं देते हैं, इसलिए हम लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं। कुछ इस प्रकार की शिकायतें लेकर छात्राएं आगरा के आशा ज्योति केंद्र पहुंच रही हैं। इन छात्राओं की काउंसलिंग की जा रही है। छात्राओं की मानें तो घरवाले उन्हें उनकी मनमर्जी करने से रोकते हैं। जिसके चलते ये छात्राएं लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगी हैं। इतना ही नहीं इनकी परेशानी है कि हर छह महीने या एक साल के बाद पार्टनर बदल देती हैं।

जब इनके पार्टनर इनकी शिकायतें लेकर पहुंचे। तब मामलों का खुलासा हुआ है। 10 दिन में 15 छात्राओं की शिकायतें पहुंची हैं। जिनमें से कुछ छात्राओं ने भी शिकायतें की हैं। एक ही कॉलेज की छात्राओं के इस प्रकार के मामले हैं। जिनमें से तीन छात्राओं की एक साल से काउंसलिंग चल रही है।

दयालबाग की रहने वाली छात्रा उम्र लगभग 21 साल है। वो 18 साल की उम्र से रिलेशनशिप में थी। इस दौरान वो चार दोस्तों के साथ रही थी। अब पांचवें दोस्त के साथ रह रही थी। अनबन हुई तो छात्रा की शिकायत कर दी। अब काउंसलिंग की जा रही है। उसका कहना है कि उसके परिजन उसे कोई तबज्जो नहीं देते।

दूसरी छात्रा भी दयालबाग क्षेत्र की है। इसका कहना है कि घर में दूसरे भाई-बहनों को तवज्जो मिलता है। मुझे तवज्जो नहीं मिलता। मेरे दोस्त मुझे प्यार करते हैं, इसलिए मैं उनके साथ खुश रहना चाहती हूं। मैं लिव इन रिलेशन में भी रही हूं। झगड़ा हो गया तो छोड़ दिया। अब दूसरे के साथ रहूंगी, इसलिए मेरी शिकायत की गई है।

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काउंसलर, डा. पूनम तिवारी ने कहा कि इस उम्र में हार्मोनल चेंजेंज होते हैं। माता-पिता बच्चों पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देते हैं। उन्हें लगता है कि कहीं भटक न जाएं। उनकी परवाह को वो सख्ती समझते हैं। जिसके चलते इस प्रकार के कदम उठाते हैं। माता-पिता को 18 से 21 साल के बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार रखने की आवश्यकता है।

केंद्र प्रभारी, रुचि सिंह ने कहा कि इस प्रकार के केसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन छात्राओं की काउंसलिंग की जा रही है। कई छात्राओं के घरवाले उनके इस रवैये से परेशान हैं। जो शिकायतें हैं वो 18 से 21 या 23 साल तक के केस आ रहे हैं।