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Hindi News उत्तर प्रदेशखुद को सीएम का सचिव बताकर डीएम बस्ती से ठगी की कोशिश, फोन करके कहा...

खुद को सीएम का सचिव बताकर डीएम बस्ती से ठगी की कोशिश, फोन करके कहा...

सीएम योगी आदित्यनाथ का सचिव बनकर डीएम बस्ती से ठगी करने का प्रयास किया गया। एसटीएफ आगरा ने बाह का निवासी आरोपित दबोचा है। शातिर के खिलाफ पहले से 16 और मुकदमे दर्ज हैं। उसने फोन करना कबूल किया।

खुद को सीएम का सचिव बताकर डीएम बस्ती से ठगी की कोशिश, फोन करके कहा...
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Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,आगराMon, 24 Jun 2024 10:43 AM
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सचिव बताकर डीएम बस्ती से ठगी का प्रयास किया गया। एसटीएफ आगरा यूनिट ने आरोपित को बाह से दबोचा। आरोपित विवेक शर्मा उर्फ बंटू चौधरी बाह के गांव मढ़ेपुरा का निवासी है। उसके खिलाफ 16 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। आरोपित ने एसटीएफ को बताया कि उसने ठगी के लिए सीडीओ बस्ती को भी सीयूजी नंबर पर फोन किया था। उसने ट्रू कॉलर पर अपना नंबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम से सेव कर रखा है।

डीएम बस्ती को सीयूजी नंबर पर फोन करके रुपये की मांग की गई थी। फोन करने वाले ने खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सचिव बताया था। इस संबंध में डीएम बस्ती कार्यालय के बाबू अमित श्रीवास्तव ने कोतवाली, बस्ती में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बस्ती पुलिस को छानबीन में पता चला कि फोन बाह, आगरा से किया गया था। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ आगरा यूनिट से मदद मांगी गई। आरोपित की हरकत से अधिकारी परेशान थे। आरोपित छवि धूमिल कर रहा था। 

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आरोपित ने पूछताछ में बताया कि वह ऑनलाइन किसी भी अधिकारी का सीयूजी नंबर निकाल लेता है। जैसे ही अधिकारी को यह बताया जाए कि मुख्यमंत्री का सचिव बोल रहा हूं। सामने वाला कोई सवाल नहीं करता। सिर्फ जी सर, जी सर कहता है। इस बार उससे भूल हो गई। उसने सीधे डीएम बस्ती को फोन मिला दिया। उनसे पहले सीडीओ बस्ती को भी फोन किया था। फोन पर उसने रुपये की मांग की थी। पूरे विश्वास के साथ बात की थी। एसटीएफ ने आरोपित के कब्जे से एक मोबाइल, एक पेपर जिस पर विवेक सचिव मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश लखनऊ लिखा है बरामद किया। आरोपित के पास से महज 500 रुपये मिले।

पहले से दर्ज हैं 16 मुकदमे
एसटीएफ को छानबीन में पता चला कि आरोपित के खिलाफ से पहले से 16 मुकदमे दर्ज हैं। ज्यादातर मुकदमे रंगदारी और धोखाधड़ी से संबंधित हैं। पहला मुकदमा वर्ष 2020 खैर, अलीगढ़ में लिखा गया था। आरोपित के खिलाफ बलरामपुर में छह, बांदा में एक, चार मथुरा, कानपुर नगर में एक और दो मुकदमे हरदोई में दर्ज मिले। एसटीएफ यह पता लगा रही है कि इन मुकदमों में क्या हुआ। ताकि आरोपित को जल्द से जल्द सजा भी कराई जा सके।