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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशयूपी के 700 अस्पतालों की गरीबों के इलाज में रुचि नहीं, सरकारी योजना की बंद

यूपी के 700 अस्पतालों की गरीबों के इलाज में रुचि नहीं, सरकारी योजना की बंद

केंद्र की आयुष्मान योजना में दिलचस्पी न लेने वाले अस्पतालों की हीलाहवाली अब नहीं चलेगी। यूपी सहित देश के ऐसे सभी अस्पतालों को योजना से बाहर किया जाएगा, जो पंजीकृत होकर भी गरीबों का इलाज नहीं कर रहे।

यूपी के 700 अस्पतालों की गरीबों के इलाज में रुचि नहीं, सरकारी योजना की बंद
Srishti Kunjलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊSat, 25 Jun 2022 06:05 AM

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राजकुमार शर्मा, लखनऊ। केंद्र की आयुष्मान योजना में दिलचस्पी न लेने वाले अस्पतालों की हीलाहवाली अब नहीं चलेगी। यूपी सहित देश के ऐसे सभी अस्पतालों को योजना से बाहर किया जाएगा, जो पंजीकृत होने के बाद भी गरीबों का इलाज नहीं कर रहे। यूपी में ऐसे अस्पतालों की संख्या 700 से अधिक है, जिनकी आयुष्मान योजना में शामिल गरीब तबके के लोगों के इलाज में कोई रुचि नहीं है।

आयुष्मान योजना में सरकार गरीब लोगों को पांच लाख तक इलाज की मुफ्त सुविधा मुहैया करा रही है। फिलहाल प्रदेश के 3042 अस्पताल इस योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। इसमें 1107 सरकारी और 1935 निजी अस्पताल शामिल हैं। इनमें से तकरीबन 700 से अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो आयुष्मान योजना को लेकर पूरी तरह निष्क्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दबाव बनाए जाने के चलते इन अस्पतालों ने पंजीकरण तो करा लिया लेकिन गरीब तबके के लोगों का इलाज नहीं कर रहे।

यूपी सहित अन्य राज्यों के ऐसे निष्क्रिय अस्पतालों की शिकायतें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तक भी पहुंची हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में ऐसे अस्पतालों को लेकर नये सिरे से दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें सभी सूचीबद्ध अस्पतालों का साल में दो बार रिव्यू करने को कहा गया है। यह रिव्यू छह-छह माह का होगा, जो एक जनवरी व जुलाई को किया जाएगा।

अस्पतालों को चेतावनी
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की यूपी की नोडल एजेंसी सांचीज द्वारा अब सभी जिलों को उनके यहां स्थित निष्क्रिय अस्पतालों की सूची भेजी जा रही है। ऐसे अस्पतालों को अंतिम चेतावनी देते हुए योजना के तहत मरीजों का इलाज शुरू करने को कहा जा रहा है।

योजना से बाहर होंगे
सांचीज, सीईओ, संगीता सिंह का कहना है कि निष्क्रिय अस्पतालों की सूचियां जिलों को भेजी जा रही हैं। इन अस्पतालों ने अपना रवैया नहीं बदला तो इन्हें योजना से बाहर किया जाएगा।

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