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20 जिलों के 7 लाख मरीजों की जान पर बन आई, बीमारी में दी घटिया दवाई, जांच में फेल

बरेली समेत 20 जिलों में 7 लाख मरीजों को घटिया एंटीबायोटिक दी गई हैं। आजमगढ़ के औषधि विभाग ने दवा का सैंपल लेकर आगरा लैब में जांच कराई थी। इस जांच में दवा फेल हो गई। दवा की सप्लाई रोकी गई।

20 जिलों के 7 लाख मरीजों की जान पर बन आई, बीमारी में दी घटिया दवाई, जांच में फेल
Srishti Kunjपीयूष उपाध्याय,बरेलीThu, 07 Dec 2023 01:16 PM
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मलेरिया-डेंगू व बुखार के कहर के बीच आगरा, अयोध्या, अलीगढ़, बरेली समेत प्रदेश के 20 जिलों में 7 लाख से अधिक मरीजों को घटिया एंटीबायोटिक दवा बांट दी गई। इस बात का पता तब चला जब आजमगढ़ में स्थानीय औषधि विभाग की ओर से कराई गई जांच में दवा का सैंपल फेल हो गया। रिपोर्ट के बाद जब तक मेडिकल कारपोरेशन दवा वापस मंगाता, 95 फीसदी खपत हो चुकी थी। लैब रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल कारपोरेशन ने दवा वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है और जिलों से दवा वापस मंगाई है।

उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन सप्लाईज कारपोरेशन लिमिटेड की तरफ से बरेली समेत 20 जिलों में अगस्त महीने में सिफ्लॉक्सिन 250 एमजी कैप्सूल की सप्लाई की गई थी। सर्दी, खांसी, बुखार आदि में रोगियों को दी जाने वाली यह एंटीबायोटिक दवा जेस्ट फार्मा ने दी थी। जुलाई 2023 में बनी दवा की एक्सपायरी जून 2025 थी। मेडिकल कारपोरेशन की तरफ से 11.5 लाख कैप्सूल अलग-अलग जिलों में भेजी गई थी। 

इसमें अलीगढ़, आजमगढ़, झांसी, बरेली, आगरा, अयोध्या और बस्ती में 60-60 हजार कैप्सूल मरीजों को देने के लिए भेजी गई थी। वहीं, बलिया, बदायूं, बागपत, बुलंदशहर, अमरोहा, अंबेडकरनगर, बहराइच, बिजनौर, औरैया, बलरामपुर, बांदा, अमेठी, बाराबंकी जिले में 50-50 हजार कैप्सूल सप्लाई हुई थी। यह दवा नवंबर तक दवा जिलों में मरीजों को बांटी गई थी।

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आजमगढ़ में लिया गया था सैंपल
आजमगढ़ में औषधि निरीक्षक खाद्य सुरक्षा एवं प्रशासन की ओरसे जनपदीय ड्रग वेयर हाउस से कई दवाओं का सैंपल लिया गया था। इसमें सिफ्लॉक्सिन 250 एमजी दवा भी थी। आगरा लैब की जांच रिपोर्ट में दवा अधोमानक निकली है।

जिले में सिर्फ 900 कैप्सूल बचे, वितरण पर रोक
बरेली को 60 हजार सिफ्लॉक्सिन कैप्सूल सप्लाई की गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी, जुकाम, बुखार में एंटीबायोटिक के रूप में यह दवा सबसे अधिक दी जाती है। इस समय सिर्फ 900 कैप्सूल ही बचा है। अधिकांश जिलों में इसकी खपत 95 फीसदी तक हो चुकी है।

यहां हुई आपूर्ति
अगस्त में दवा बलिया, बदायूं, बागपत, अमरोहा, बुलंदशहर, अंबेडकरनगर, बहराइच, बिजनौर, औरैया, बलरामपुर, बांदा, अमेठी, बाराबंकी जिले में 50-50 हजार कैप्सूल सप्लाई हुई थी। अलीगढ़, आजमगढ़, झांसी, बरेली, आगरा, अयोध्या और बस्ती में 60-60 हजार दवा भेजी गई थी।

जनपदीय ड्रग वेयर हाउस, चीफ फार्मासिस्ट, कुंवर सिंह ने कहा कि उप्र मेडिकल कारपोरेशन के निर्देश के बाद दवा वापस मंगाई जा रही है। सभी सरकारी अस्पतालों में पत्र भेजकर दवा वितरण पर रोक लगाने को कहा गया था। जिले में 900 कैप्सूल ही बचा है।

दो बार लैब में जांच के बाद भेजी जाती है दवा
प्रकरण में सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि इसी दवा का सैंपल शुरू में पास हो चुका है। नियमानुसार जब फार्मा कंपनी की तरफ से दवा सप्लाई की जाती है तो पहले लैब में जांच होती है। मानक के अनुरूप होने के बाद ही दवा सप्लाई होती है। इसके बाद जिलों के ड्रग वेयर हाउस में दवा सप्लाई होने के बाद एक बार फिर क्रास चेकिंग की जाती है। उसमें भी पास होने पर ही दवा मरीजों में वितरित होती है।

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